Chapter Chapter 8. जल की विविध अवस्थाओं की यात्रा Class 6 Science Curiosity CBSE notes in hindi CBSE Notes - Key Points - CBSE Study
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Chapter 8. जल की विविध अवस्थाओं की यात्रा
1. CBSE Notes - Key Points
Chapter 8. जल की विविध अवस्थाओं की यात्रा
इस अध्याय में आपने जल की तीनों अवस्थाओं, अवस्था परिवर्तन, वाष्पीकरण, संघनन, पिघलना, हिमीकरण तथा जल चक्र से संबंधित महत्वपूर्ण अवधारणाओं का अध्ययन किया। इस पृष्ठ में अध्याय के सभी महत्वपूर्ण शब्द, परिभाषाएँ, वैज्ञानिक शब्दावली एवं त्वरित पुनरावृत्ति बिंदुओं को सरल एवं परीक्षा-उपयोगी भाषा में प्रस्तुत किया गया है।
CBSE Notes - Key Points (मुख्य बिंदु)
यह अनुभाग परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसमें अध्याय के सभी आवश्यक शब्द, परिभाषाएँ, वैज्ञानिक शब्दावली तथा महत्वपूर्ण तथ्यों को संक्षिप्त एवं सरल रूप में दिया गया है।
Important Keywords (महत्वपूर्ण शब्द)
- जल (Water)
- बर्फ (Ice)
- जलवाष्प (Water Vapour)
- ठोस अवस्था (Solid State)
- द्रव अवस्था (Liquid State)
- गैसीय अवस्था (Gaseous State)
- अवस्था परिवर्तन (Change of State)
- पिघलना (Melting)
- हिमीकरण (Freezing)
- वाष्पीकरण (Evaporation)
- संघनन (Condensation)
- उबाल (Boiling)
- जल चक्र (Water Cycle)
- आर्द्रता (Humidity)
- ऊष्मा (Heat)
- तापमान (Temperature)
- वाष्पन (Vaporization)
- ओस (Dew)
Important Definitions (महत्वपूर्ण परिभाषाएँ)
जल : जीवन के लिए आवश्यक एक प्राकृतिक पदार्थ, जो ठोस, द्रव तथा गैस तीनों अवस्थाओं में पाया जाता है।
ठोस अवस्था : पदार्थ की वह अवस्था जिसमें उसका आकार एवं आयतन निश्चित होता है।
द्रव अवस्था : पदार्थ की वह अवस्था जिसमें आयतन निश्चित होता है, लेकिन आकार पात्र के अनुसार बदल जाता है।
गैसीय अवस्था : पदार्थ की वह अवस्था जिसमें न आकार निश्चित होता है और न ही आयतन।
पिघलना : ठोस पदार्थ का ऊष्मा प्राप्त करके द्रव में बदलना।
हिमीकरण : द्रव पदार्थ का ऊष्मा खोकर ठोस में बदलना।
वाष्पीकरण : द्रव का सामान्य ताप पर धीरे-धीरे गैस में बदलना।
संघनन : जलवाष्प का ठंडा होकर पुनः द्रव जल में बदलना।
आर्द्रता : वायु में उपस्थित जलवाष्प की मात्रा।
जल चक्र : पृथ्वी पर जल के निरंतर वाष्पीकरण, संघनन एवं वर्षा की प्राकृतिक प्रक्रिया।
Scientific Terms (वैज्ञानिक शब्दावली)
| English | हिन्दी |
|---|---|
| Water | जल |
| Ice | बर्फ |
| Water Vapour | जलवाष्प |
| Solid State | ठोस अवस्था |
| Liquid State | द्रव अवस्था |
| Gaseous State | गैसीय अवस्था |
| Melting | पिघलना |
| Freezing | हिमीकरण |
| Evaporation | वाष्पीकरण |
| Condensation | संघनन |
| Humidity | आर्द्रता |
| Water Cycle | जल चक्र |
Important Facts (महत्वपूर्ण तथ्य)
- जल प्रकृति में तीनों अवस्थाओं में पाया जाता है।
- बर्फ जल की ठोस अवस्था है।
- जलवाष्प जल की गैसीय अवस्था है।
- बर्फ गर्म करने पर पिघलकर जल बन जाती है।
- जल गर्म करने पर जलवाष्प में बदल जाता है।
- वाष्पीकरण सामान्य ताप पर भी होता रहता है।
- संघनन के कारण जलवाष्प जल की बूंदों में बदल जाती है।
- ठंडे गिलास पर दिखाई देने वाली बूंदें संघनन के कारण बनती हैं।
- वाष्पीकरण की गति तापमान, हवा, सतह क्षेत्रफल तथा आर्द्रता पर निर्भर करती है।
- जल चक्र पृथ्वी पर जल का संतुलन बनाए रखता है।
- अवस्था परिवर्तन ऊष्मा के आदान-प्रदान के कारण होता है।
- जल सभी जीवों के जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है।
Quick Revision (त्वरित पुनरावृत्ति)
- बर्फ → ठोस अवस्था
- जल → द्रव अवस्था
- जलवाष्प → गैसीय अवस्था
- ठोस → द्रव = पिघलना
- द्रव → ठोस = हिमीकरण
- द्रव → गैस = वाष्पीकरण
- गैस → द्रव = संघनन
- गीले कपड़ों का सूखना → वाष्पीकरण
- ओस की बूंदें → संघनन
- ठंडे गिलास पर बूंदें → संघनन
- जल चक्र → वाष्पीकरण + संघनन + वर्षा
- वाष्पीकरण की गति → ताप, हवा, सतह क्षेत्रफल एवं आर्द्रता पर निर्भर करती है।