Chapter माँग का सिद्धांत Class 12 Economics CBSE notes in hindi मांग वक्र में खिसकाव - CBSE Study
कक्षा 12 Economics के लिए NCERT समाधान नवीनतम CBSE पाठ्यक्रम और NCERT पाठ्यपुस्तकों के अनुसार सावधानीपूर्वक तैयार किए गए हैं, ताकि विद्यार्थी प्रत्येक अवधारणा को स्पष्ट रूप से समझ सकें। इन समाधानों में सभी महत्वपूर्ण माँग का सिद्धांत को विस्तृत व्याख्या और चरण-दर-चरण उत्तरों सहित शामिल किया गया है, जिससे परीक्षा की बेहतर तैयारी हो सके। प्रत्येक मांग वक्र में खिसकाव को सरल भाषा में समझाया गया है, ताकि विद्यार्थी मूलभूत सिद्धांतों को आसानी से समझकर अपनी शैक्षणिक उपलब्धि में सुधार कर सकें। यह अध्ययन सामग्री दैनिक गृहकार्य, पुनरावृत्ति अभ्यास तथा वार्षिक परीक्षा की तैयारी के लिए विशेष रूप से उपयोगी है। सटीक उत्तर, स्पष्ट अवधारणाएँ और व्यवस्थित सामग्री विद्यार्थियों को आत्मविश्वास बढ़ाने तथा परीक्षाओं में अधिक अंक प्राप्त करने में सहायता करती है। चाहे आप किसी विशेष विषय का पुनरावृत्ति कर रहे हों या पूरे अध्याय की तैयारी कर रहे हों, यह संसाधन Economics में पूर्ण सफलता के लिए विश्वसनीय और पाठ्यक्रम-आधारित मार्गदर्शन प्रदान करता है।
CBSE NOTES:
Class 12 English Medium Economics All Chapters:
माँग का सिद्धांत
3. मांग वक्र में खिसकाव
मांग में वृद्धि : मांग में वृद्धि से अभिप्राय: है दी गयी कीमत पर मनही गई वस्तु की अधिक मात्रा से है अथवा ऊँच्ची कीमत पर समान मांग से है |
मांग वृद्धि के कारण :
(i) प्रतिस्थापन वस्तु की कीमत ने वृद्धि |
(ii) पूरक वस्तु की कीमत के कमी |
(iii) उपभोक्ता की आय में वृद्धि |
(iv) वस्तु में उपभोक्ता की रूचि एवं पसंद का बढ़ना |
मांग में कमी : जब दी गई कीमत पर वस्तु की मांगी गई कम मात्रा से है अथवा कीमत कम होने पर मांगी गई समान मात्रा से है |
मांग में कमी के कारण :
(i) उपभोक्ता की आय में गिरावट
(ii) प्रतिस्थापन वस्तु की कीमत में गिरावट
(iii) पूरक वस्तु की कीमत में वृद्धि
(iv) उपभोक्ता की रूचि में प्रतिकूल प्रभाव
मांग वक्र में खिसकाव : समान कीमत पर किसी वस्तु की मांगी गई मात्रा में कमी से मांग वक्र बाई ओर खिसकता है और समान कीमत पर ही यदि वस्तु की मांगी गई मात्रा में वृद्धि होती है तो मांग वक्र दाई ओर खिसक जाता है इसे ही मांग वक्र में खिसकाव कहते है |
मांग में कमी और मांग में संकुचन में अंतर:
| मांग में कमी | मांग में संकुचन |
|
1. इसका तात्पर्य मांग वक्र में खिसकाव से है | 2. इसमें मांग वक्र में बाई ओर खिसकाव आता है | 3. यह उपभोक्ता की आय में कमी, प्रतिस्थापन वस्तु की कीमत में कमी, उपभोक्ता की रूचि और पूरक वस्तु की कीमत में वृद्धि के कारण होता है | |
1. इसका तात्पर्य मांग वक्र के चलन से है | 2. इसमें उपभोक्ता बाई तरफ ऊपर की ओर उसी मांग वक्र में चलता है | 3. वस्तु की कीमत में वृद्धि के कारण होता है |
|