Chapter Chapter 8. आधारिक संरचना Class 12 Economics-II CBSE notes in hindi ऊर्जा क्षेत्र में चुनौतियाँ - CBSE Study
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CBSE NOTES:
Class 12 English Medium Economics-II All Chapters:
Chapter 8. आधारिक संरचना
2. ऊर्जा क्षेत्र में चुनौतियाँ
ऊर्जा क्षेत्र में चुनौतियाँ :
(i) विद्युत उत्पादन इसके माँग की अपेक्षा कम है अर्थात अपर्याप्त विद्युत उत्पादन |
(ii) निम्न संयंत्र लोड फैक्टर : हमारे देश में विद्युत सा संयंत्रो कि जितनी क्षमता है उससे भी कम क्षमता का उपयोग किया जाता है |
(iii) घाटे की बिजली बोर्ड : भारत में अधिकांश विद्युत बोर्ड घाटे में है जिससे ये आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रही हैं | ये अपने कर्मचारियों के वेतन तक समय पर नहीं दे पाती है | ख़रीदे गए की कीमत भी नहीं अदा कर पाते हैं |
(iv) विद्युत संचारण एवं वितरण घाटा |
(v) कच्चे माल की कमी : विद्युत उत्पादन के लिए मुख्यत: सभी ताप संयंत्र कोयले एवं पेट्रोलियम पर निर्भर है जिसकी पर्याप्त पूर्ति की समस्या का सामना करना पड़ता है |
(vi) विद्युत पर सब्सिडी : विद्युत सबसिडी को पूरा करने के लिए सरकार को हर वर्ष करोडो का नुकसान उठाना पड़ता है |
(vii) परमाणु विद्युत उत्पादन की धीमी प्रक्रिया : परमाणु विद्युत उत्पादन की निर्भरता युरेनियम या थोरियम के आपूर्ति पर जो भारत में सिमित है, जिसके कारण परमाणु ऊर्जा का उत्पादन बहुत कम है |
(viii) विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में निजी क्षेत्रों की सिमित भूमिका है, इस क्षेत्र में सार्वजनिक क्षेत्र |
विद्युत संकट से निपटने से उपाय :
(i) उत्पादन क्षमता में वृद्धि :
(ii) निजी क्षेत्र की भूमिका में वृद्धि
(iii) प्लांट क्षमता का पूर्ण उपयोग
(iv) शक्ति संयंत्रो की आगत पूर्ति में वृद्धि
(v) नवीकरणीय स्रोतों के प्रयोग में वृद्धि करके
भारत सरकार द्वारा उर्जा संकट से निपटने के लिए किए गए उपाय :
(i) विद्युत उत्पादन क्षमता बढ़ाने के उपाय किए जा रहे हैं |
(ii) विद्युत क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भूमिका बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे है और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है |
(iii) सभी विद्युत बोर्ड को कुशल एवं आधुनिक बनाया जा रहा है ताकि विद्युत क्षति को रोका जा सके |
(iv) ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोत को बढ़ावा दिया जा रहा है |
(v) बेहतर विद्युत आपूर्ति के लिए नए तकनीकों एवं संयंत्रों का उपयोग किया जा रहा है |
संचारण एवं वितरण हानि : विद्युत को एक स्थान से दुसरे स्थान तक पहुँचने में नष्ट होने वाली ऊर्जा को संचारण एवं वितरण हानि कहते हैं |
संचारण एवं वितरण हानि का कारण :
(i) अकुशल संचारण व्यवस्था
(ii) बिजली की चोरी