Your Complete CBSE Learning Hub

Free NCERT Solutions, Revision Notes & Practice Questions

Notes | Solutions | PYQs | Sample Papers — All in One Place

Get free NCERT solutions, CBSE notes, sample papers and previous year question papers for Class 6 to 12 in Hindi and English medium.

Advertise:

Chapter 14. उर्जा के स्रोत Class 10 Science CBSE notes in hindi वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत अथवा गैर-परं - CBSE Study

Chapter 14. उर्जा के स्रोत Science Class 10 cbse notes वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत अथवा गैर-परं in hindi, all chapters and exercises are covered the ncert latest syllabus 2026 - 27.

• Hi Guest! • LoginRegister

Class 6

CBSE Notes

Class 7

CBSE Notes

Class 8

CBSE Notes

Class 9

CBSE Notes

Class 10

CBSE Notes

Class 11

CBSE Notes

Class 12

CBSE Notes

Chapter 14. उर्जा के स्रोत Class 10 Science CBSE notes in hindi वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत अथवा गैर-परं - CBSE Study

कक्षा 10 Science के लिए NCERT समाधान नवीनतम CBSE पाठ्यक्रम और NCERT पाठ्यपुस्तकों के अनुसार सावधानीपूर्वक तैयार किए गए हैं, ताकि विद्यार्थी प्रत्येक अवधारणा को स्पष्ट रूप से समझ सकें। इन समाधानों में सभी महत्वपूर्ण 14. उर्जा के स्रोत को विस्तृत व्याख्या और चरण-दर-चरण उत्तरों सहित शामिल किया गया है, जिससे परीक्षा की बेहतर तैयारी हो सके। प्रत्येक वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत अथवा गैर-परं को सरल भाषा में समझाया गया है, ताकि विद्यार्थी मूलभूत सिद्धांतों को आसानी से समझकर अपनी शैक्षणिक उपलब्धि में सुधार कर सकें। यह अध्ययन सामग्री दैनिक गृहकार्य, पुनरावृत्ति अभ्यास तथा वार्षिक परीक्षा की तैयारी के लिए विशेष रूप से उपयोगी है। सटीक उत्तर, स्पष्ट अवधारणाएँ और व्यवस्थित सामग्री विद्यार्थियों को आत्मविश्वास बढ़ाने तथा परीक्षाओं में अधिक अंक प्राप्त करने में सहायता करती है। चाहे आप किसी विशेष विषय का पुनरावृत्ति कर रहे हों या पूरे अध्याय की तैयारी कर रहे हों, यह संसाधन Science में पूर्ण सफलता के लिए विश्वसनीय और पाठ्यक्रम-आधारित मार्गदर्शन प्रदान करता है।

Class 10 English Medium Science All Chapters:

14. उर्जा के स्रोत

4. वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत अथवा गैर-परं

Page 4 of 5

वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत अथवा गैर-परंपरागत ऊर्जा स्रोत: 


वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत अथवा गैर-परंपरागत ऊर्जा स्रोत का तात्पर्य ऊर्जा के उन स्रोतों से है जिसे हम पहले कभी प्रयोग नहीं किया परन्तु वर्त्तमान में उसे नई प्रौद्योगिकी द्वारा उर्जा के एक वैकल्पिक स्रोत के रूप देख रहे है या अब प्रयोग कर रहे हैं | 

1. सौर ऊर्जा (Solar Energy) : सूर्य से प्राप्त ऊर्जा को सौर उर्जा कहते हैं | ये दृश्य प्रकाश, अवरक्त किरणों (infrared rays), पराबैगनी किरणों (ultra voilet rays) के रूप में होती हैं | 

सौर स्थिरांक : पृथ्वी के वायुमंडल की परिरेखा पर सूर्य की किरणों के लंबवत स्थित खुले क्षेत्र के प्रति क्षेत्रफल पर प्रति सेकेंड पहुँचने वाली सौर ऊर्जा को सौर-स्थिरांक कहते हैं | इसका मान 1.4 kJ/sm2 होता है | 

सौर ऊर्जा से चलने वाली युक्तियाँ : इन युक्तियों में सूर्य से प्राप्त ऊष्मा का उपयोग उष्मक के रूप में किया जाता है जो ऊष्मा को एकत्र कर कार्य करती है |

1. सौर ऊर्जा को ऊष्मा के रूप में : 

(i) सौर कुकर 

(ii) सौर जल तापक (सौर गीजर )

(iii) सौर जल पम्प 

2. सौर ऊर्जा से विद्युत ऊर्जा : इन युक्तियों में सौर उर्जा को विद्युत में रूपांतरित कर उपयोग में लाया जाता है | 

(i) सौर सेल 

(i) सौर कुकर : यह वह युक्ति है जिसमें सूर्य की किरणों को फोफसित करने के लिए दर्पणों का उपयोग एक बॉक्स के ऊपर लगाकर किया जाता है जो एक बढ़िया उष्मक की भांति कार्य करता है | इसमें काँच की शीट की एक ढक्कन होता है जो इसके अंदर प्रवेश करने वाली ऊष्मा को बाहर नहीं निकलने देता है | यह भोजन पकाने के लिए उपयोग में लाया जाता है | 

सौर कुकर का सिद्धांत : सौर कुकर मुख्यत: दो सिद्धांतों पर कार्य करता है | 

(i) काला रंग ऊष्मा को अधिक सोंखता है : 

  इस सिद्धांत के आधार पर ही सौर कुकर को चारो तरफ से काला रंग से रंग जाता है ताकि ये अपने ऊपर पड़ने वाले ऊष्मा को अधिक से अधिक सोंख सके | 

(ii) ग्रीन हाउस प्रभाव : इस सिद्धांत के अनुसार सौर कुकर में एक काँच की शीट ढक्कन के ऊपर लगाया जाता है ताकि उसके अंदर प्रवेश करने वाला विकिरण (ऊष्मा) बाहर न आ सके और अंदर ऊष्मा लगातार बनी रहे | 

सौर कुकर के लाभ : 

(i) भारत में सौर ऊर्जा लगभग सभी जगहों पर प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है | 

(ii) यह पर्यावरण हितैषी है |

(iii) इन कुकर के उपयोग से एक साथ एक से अधिक खाना बनाया जा सकता है | 

सौर कुकर की हानियाँ :

(i) यह सभी प्रकार के भोजन बनाने के लिए उपयुक्त नहीं है |

(ii) इसका प्रयोग केवल तेज धुप वाले दिनों में ही किया जा सकता है |

(iii) ध्रुवीय क्षेत्रों में तथा उन क्षेत्रों में जहाँ सूर्य बहुत कम दिखाई देता है उपयोग सिमित है | 

2. सौर सेल (solar cell) : ये सौर उर्जा से चलने वाली एक युक्ति है जो सौर ऊर्जा को विद्युत उर्जा में रूपांतरित करते हैं |

सौर सैल को बनाने में प्रयुक्त पदार्थ : 

सौर सेलों को बनाने के लिए सिलिकॉन का उपयोग किया जाता है | जो प्रकृति में प्रचुर
मात्रा में उपलब्ध हैं, परंतु सौर सेलों को बनाने में उपयोग होने वाले विशिष्ट श्रेणी के सिलिकॉन की उपलब्धता सीमित है।

  • धुप में रखे जाने पर किसी प्ररूपी सौर सेल से 0.5-1.0 V तक वोल्टता विकसित होती है तथा लगभग 0.7 W विद्युत उत्पन्न कर सकते हैं।

सौर पैनल : जब बहुत अधिक संख्या में सौर सेलों को संयोजित करते हैं तो यह व्यवस्था सौर पैनल कहलाती है | 

सौर सेलों को एक दुसरे से जोड़कर सौर पैनल बनाया जाता है | इसे जोड़ने के लिए चाँदी (सिल्वर) का उपयोग किया जाता है | 

सौर सेलों का उपयोग : 

(i) सौर ऊर्जा से विद्युत ऊर्जा प्राप्त करने के लिए किया जाता है |

(ii) सौर सेलों का उपयोग बहुत से वैज्ञानिक तथा प्रौद्योगिक अनुप्रयोगों के लिए किया जाता है।

(iii) ट्रैफिक सिग्नलों, परिकलन यन्त्र (calculator) तथा बहुत से खिलौनों में सौर सेल लगे होते हैं | 

(iv) मानव-निर्मित उपग्रहों में सौर सेल का उपयोग होता हैं |

(v) रेडियो तथा वायरलेस सिस्टम, सुदूर क्षेत्रों के टी. वी. रिले केन्द्रों में सौर सेल पैनल का उपयोग होता है | 

सौर सेलों के लाभ : 

(i) इसमें कोई गतिमान पुर्जा नहीं होता है तथा इनका रखरखाव सस्ता है |

(ii) ये बिना किसी फोकसन युक्ति के काफी संतोषजनक कार्य करते हैं | 

(iii) इन्हें सुदूर तथा अगम्य स्थानों में स्थापित किया जा सकता है | 

(ii) यह ऊर्जा का नवीकरणीय स्रोत है |

(iii) इससे प्रदुषण नहीं होता है ये पर्यावरण हितैसी हैं |

सौर सेल कि सीमाएँ : 

(i) सौर सेलों के उत्पादन की समस्त प्रक्रिया बहुत महँगी हैं | 

(ii) सौर सेलों को बनाने में उपयोग होने वाले विशिष्ट श्रेणी के सिलिकॉन की उपलब्धता सीमित है।

(iii) सौर पैनल बनाने में सिल्वर (चाँदी) का उपयोग होता है जिसके कारण लागत में और वृद्धि हो जाती है।

(iv) मँहगा होने के कारण सौर सेलों का घरेलू उपयोग अभी तक सीमित है।

 

Page 4 of 5

Topic Lists Page Wise:

Disclaimer:

This website's domain name has included word "CBSE" but here we clearly declare that we and our website have neither any relation to CBSE and nor affliated to CBSE organisation.