Chapter Chapter 3. भूमंडलीकृत विश्व का बनना Class 10 History CBSE notes in hindi विश्व युद्ध, महामंदी और आधुनिक भूमंडलीकरण - CBSE Study
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CBSE NOTES:
Class 10 English Medium History All Chapters:
Chapter 3. भूमंडलीकृत विश्व का बनना
4. विश्व युद्ध, महामंदी और आधुनिक भूमंडलीकरण
Chapter 3. भूमंडलीकृत विश्व का बनना
20वीं शताब्दी में विश्व युद्धों, आर्थिक मंदी तथा नई अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संस्थाओं ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को गहराई से प्रभावित किया। इन घटनाओं ने आधुनिक भूमंडलीकरण के स्वरूप को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
Part 3 –विश्व युद्ध, महामंदी और आधुनिक भूमंडलीकरण
इस भाग में प्रथम विश्व युद्ध, विश्वव्यापी महामंदी, ब्रेटन वुड्स व्यवस्था तथा आधुनिक भूमंडलीकरण के विकास का अध्ययन करेंगे।
प्रथम विश्व युद्ध (1914–1918)
प्रथम विश्व युद्ध ने विश्व की अर्थव्यवस्था और व्यापार को गंभीर रूप से प्रभावित किया।
- युद्ध 1914 से 1918 तक चला।
- यूरोप के अधिकांश देश इस युद्ध में शामिल थे।
- विश्व व्यापार में भारी गिरावट आई।
- उद्योगों का उत्पादन युद्ध सामग्री पर केंद्रित हो गया।
- कई देशों की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई।
प्रथम विश्व युद्ध के प्रभाव
युद्ध के बाद विश्व अर्थव्यवस्था में अनेक परिवर्तन हुए।
- अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित हुआ।
- बेरोजगारी और महँगाई बढ़ गई।
- यूरोप की आर्थिक शक्ति कमजोर हुई।
- अमेरिका एक प्रमुख आर्थिक शक्ति बनकर उभरा।
- वैश्विक आर्थिक अस्थिरता बढ़ी।
विश्वव्यापी महामंदी (Great Depression)
1929 की महामंदी आधुनिक विश्व की सबसे बड़ी आर्थिक मंदी मानी जाती है।
- महामंदी की शुरुआत 1929 में अमेरिका से हुई।
- शेयर बाजार में भारी गिरावट आई।
- उद्योगों का उत्पादन कम हो गया।
- विश्व व्यापार में तेजी से कमी आई।
- लाखों लोग बेरोजगार हो गए।
महामंदी के कारण
महामंदी के पीछे कई आर्थिक कारण जिम्मेदार थे।
- अत्यधिक उत्पादन और कम मांग।
- शेयर बाजार में सट्टेबाजी।
- बैंकों का बंद होना।
- कृषि उत्पादों की कीमतों में गिरावट।
- अंतरराष्ट्रीय व्यापार में कमी।
महामंदी का भारत पर प्रभाव
महामंदी का भारतीय कृषि और व्यापार पर भी गहरा प्रभाव पड़ा।
- कृषि उत्पादों की कीमतें घट गईं।
- किसानों की आय में कमी आई।
- लगान का बोझ बना रहा।
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई।
- कई किसानों की आर्थिक स्थिति खराब हो गई।
ब्रेटन वुड्स व्यवस्था (Bretton Woods System)
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद विश्व अर्थव्यवस्था को स्थिर बनाने के लिए ब्रेटन वुड्स व्यवस्था लागू की गई।
- ब्रेटन वुड्स सम्मेलन 1944 में आयोजित हुआ।
- सम्मेलन अमेरिका के न्यू हैम्पशायर स्थित ब्रेटन वुड्स में हुआ।
- विश्व व्यापार और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया।
- अंतरराष्ट्रीय आर्थिक स्थिरता पर बल दिया गया।
- युद्ध के बाद पुनर्निर्माण की योजना बनाई गई।
विश्व बैंक (World Bank)
विश्व बैंक की स्थापना आर्थिक विकास और पुनर्निर्माण के उद्देश्य से की गई।
- स्थापना 1944 में हुई।
- विकासशील देशों को वित्तीय सहायता प्रदान करता है।
- बुनियादी ढाँचे के विकास में सहयोग देता है।
- गरीबी उन्मूलन की योजनाओं को समर्थन देता है।
- सतत विकास को बढ़ावा देता है।
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF)
IMF का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था को स्थिर बनाए रखना है।
- स्थापना 1944 में हुई।
- सदस्य देशों को वित्तीय सहायता प्रदान करता है।
- विदेशी मुद्रा संकट से निपटने में सहायता करता है।
- अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा देता है।
- वैश्विक आर्थिक सहयोग को मजबूत करता है।
आधुनिक भूमंडलीकरण
विज्ञान, तकनीक और संचार क्रांति ने आधुनिक भूमंडलीकरण को नई गति दी।
- इंटरनेट और सूचना प्रौद्योगिकी का तेजी से विकास हुआ।
- बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) का विस्तार हुआ।
- अंतरराष्ट्रीय व्यापार में निरंतर वृद्धि हुई।
- पूंजी, तकनीक और सेवाओं का वैश्विक प्रवाह बढ़ा।
- विश्व के देशों के बीच आर्थिक निर्भरता बढ़ गई।
भूमंडलीकरण के प्रमुख प्रभाव
भूमंडलीकरण ने विश्व के आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन को प्रभावित किया।
- विश्व व्यापार में वृद्धि हुई।
- नई तकनीकों का तेजी से प्रसार हुआ।
- रोजगार के नए अवसर उत्पन्न हुए।
- देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ा।
- वैश्विक प्रतिस्पर्धा में वृद्धि हुई।
- विश्व एक वैश्विक बाजार के रूप में विकसित हुआ।