Chapter Chapter 5. उपभोक्ता अधिकार Class 10 Economics CBSE notes in hindi उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम एवं उपभोक्ता आयोग - CBSE Study
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CBSE NOTES:
Class 10 English Medium Economics All Chapters:
Chapter 5. उपभोक्ता अधिकार
3. उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम एवं उपभोक्ता आयोग
अध्याय 5. उपभोक्ता अधिकार
उपभोक्ता अधिकार तभी प्रभावी होते हैं जब उपभोक्ता अपने अधिकारों के साथ-साथ अपनी जिम्मेदारियों को भी समझे। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम (COPRA) उपभोक्ताओं को कानूनी सुरक्षा प्रदान करता है तथा उपभोक्ता आयोग शिकायतों का समाधान करके उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करते हैं।
भाग 2 – उपभोक्ता की जिम्मेदारियाँ, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम एवं उपभोक्ता आयोग
इस भाग में उपभोक्ता की जिम्मेदारियों, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम (COPRA), उपभोक्ता आयोगों तथा उपभोक्ता जागरूकता का अध्ययन किया गया है।
उपभोक्ता की जिम्मेदारियाँ
प्रत्येक उपभोक्ता को अपने अधिकारों के साथ-साथ कुछ महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का भी पालन करना चाहिए।
(i) वस्तु खरीदने से पहले उसकी गुणवत्ता की जाँच करनी चाहिए।
(ii) MRP, निर्माण तिथि एवं समाप्ति तिथि अवश्य देखनी चाहिए।
(iii) गुणवत्ता प्रमाणन चिन्हों की जाँच करनी चाहिए।
(iv) खरीदारी के बाद कैश मेमो या बिल अवश्य लेना चाहिए।
(v) अनुचित व्यापारिक व्यवहार की शिकायत संबंधित प्राधिकरण से करनी चाहिए।
उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम (COPRA)
उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा करने तथा उन्हें कानूनी सुरक्षा प्रदान करने के लिए बनाया गया है।
(i) यह उपभोक्ताओं को शोषण से सुरक्षा प्रदान करता है।
(ii) उपभोक्ताओं को शिकायत दर्ज कराने का अधिकार देता है।
(iii) अनुचित व्यापारिक व्यवहार पर रोक लगाने में सहायता करता है।
(iv) उपभोक्ता अधिकारों को कानूनी मान्यता प्रदान करता है।
(v) उपभोक्ता आयोगों की स्थापना का प्रावधान करता है।
उपभोक्ता आयोग
उपभोक्ता आयोग उपभोक्ताओं की शिकायतों का समाधान करने तथा उन्हें न्याय दिलाने के लिए स्थापित किए गए हैं।
(i) उपभोक्ताओं की शिकायतों की सुनवाई करते हैं।
(ii) दोषपूर्ण वस्तुओं एवं सेवाओं से संबंधित मामलों का समाधान करते हैं।
(iii) उपभोक्ता को क्षतिपूर्ति दिला सकते हैं।
(iv) अनुचित व्यापारिक व्यवहार के विरुद्ध कार्रवाई करते हैं।
(v) उपभोक्ताओं को सरल एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराते हैं।
उपभोक्ता आयोगों के स्तर
उपभोक्ता विवादों के समाधान के लिए विभिन्न स्तरों पर आयोग स्थापित किए गए हैं।
(i) जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग।
(ii) राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग।
(iii) राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग।
(iv) आवश्यकता होने पर उच्च स्तर पर अपील की जा सकती है।
(v) प्रत्येक स्तर पर उपभोक्ताओं को न्याय प्रदान किया जाता है।
उपभोक्ताओं को मिलने वाली राहत
यदि उपभोक्ता की शिकायत सही पाई जाती है, तो आयोग उचित राहत प्रदान कर सकता है।
(i) दोषपूर्ण वस्तु को बदलने का आदेश।
(ii) भुगतान की गई राशि वापस करना।
(iii) वस्तु की खराबी दूर करने का निर्देश।
(iv) आर्थिक हानि के लिए क्षतिपूर्ति प्रदान करना।
(v) अनुचित व्यापारिक व्यवहार को रोकने का आदेश देना।
उपभोक्ता जागरूकता
उपभोक्ता जागरूकता उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों एवं जिम्मेदारियों के प्रति सजग बनाती है।
(i) उपभोक्ता अपने अधिकारों की जानकारी प्राप्त करते हैं।
(ii) धोखाधड़ी एवं शोषण से बचाव होता है।
(iii) सही एवं सुरक्षित वस्तुओं का चयन करने में सहायता मिलती है।
(iv) अनुचित व्यापारिक व्यवहार के विरुद्ध आवाज़ उठाने का साहस मिलता है।
(v) जागरूक उपभोक्ता स्वस्थ एवं निष्पक्ष बाजार व्यवस्था को बढ़ावा देते हैं।
'जागो ग्राहक जागो' अभियान
'जागो ग्राहक जागो' भारत सरकार द्वारा चलाया गया एक महत्वपूर्ण उपभोक्ता जागरूकता अभियान है।
(i) इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना है।
(ii) यह विभिन्न माध्यमों से उपभोक्ताओं तक जानकारी पहुँचाता है।
(iii) यह सुरक्षित एवं जिम्मेदार खरीदारी को प्रोत्साहित करता है।
(iv) उपभोक्ताओं को शिकायत करने के लिए प्रेरित करता है।
(v) यह उपभोक्ता संरक्षण को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
CBSE परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बिंदु
(i) उपभोक्ता को खरीदारी के बाद कैश मेमो अवश्य लेना चाहिए।
(ii) COPRA उपभोक्ताओं को कानूनी सुरक्षा प्रदान करता है।
(iii) उपभोक्ता आयोग शिकायतों का समाधान करते हैं।
(iv) उपभोक्ता जागरूकता शोषण से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।
(v) 'जागो ग्राहक जागो' उपभोक्ता जागरूकता का प्रमुख राष्ट्रीय अभियान है।