Chapter Chapter 2. सजीव जगत में विविधता Class 6 Science Curiosity CBSE notes in hindi CBSE Notes - Key Points - CBSE Study
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CBSE NOTES:
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Chapter 2. सजीव जगत में विविधता
1. CBSE Notes - Key Points
Chapter 2. सजीव जगत में विविधता
इस अध्याय में पृथ्वी पर पाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के पौधों एवं जंतुओं की विविधता का अध्ययन किया गया है। साथ ही जीवों का वर्गीकरण, पौधों के प्रकार, पत्तियों के शिरा-विन्यास, जड़ों के प्रकार तथा एकबीजपत्री एवं द्विबीजपत्री पौधों की विशेषताओं को सरल एवं रोचक ढंग से समझाया गया है। यह अध्याय विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति जिज्ञासा तथा जैव विविधता के संरक्षण की भावना विकसित करता है।
CBSE Notes - Key Points (मुख्य बिंदु)
इस अनुभाग में अध्याय के सभी महत्वपूर्ण शब्द, परिभाषाएँ, वैज्ञानिक शब्दावली, महत्वपूर्ण तथ्य तथा त्वरित पुनरावृत्ति बिंदु दिए गए हैं। परीक्षा से पहले इस अनुभाग का अध्ययन करने से पूरे अध्याय की शीघ्र पुनरावृत्ति की जा सकती है।
Important Keywords (महत्वपूर्ण शब्द)
- सजीव (Living Organism)
- जैव विविधता (Biodiversity)
- वर्गीकरण (Classification)
- अवलोकन (Observation)
- शाक (Herb)
- झाड़ी (Shrub)
- वृक्ष (Tree)
- आरोही लता (Climber)
- विसर्पी लता (Creeper)
- शिरा-विन्यास (Venation)
- जालिकारूपी शिरा-विन्यास (Reticulate Venation)
- समांतर शिरा-विन्यास (Parallel Venation)
- मूसला जड़ (Tap Root)
- रेशेदार जड़ (Fibrous Root)
- एकबीजपत्री (Monocot)
- द्विबीजपत्री (Dicot)
- पर्यावरण (Environment)
- आवास (Habitat)
- जीव-जंतु (Animals)
- पादप (Plants)
Important Definitions (महत्वपूर्ण परिभाषाएँ)
सजीव : वे जीव जिनमें वृद्धि, श्वसन, पोषण, प्रजनन तथा उत्तेजना के प्रति प्रतिक्रिया करने की क्षमता होती है।
जैव विविधता : किसी क्षेत्र में पाए जाने वाले सभी प्रकार के पौधों, जंतुओं तथा अन्य जीवों की विविधता को जैव विविधता कहते हैं।
वर्गीकरण : समान गुणों के आधार पर जीवों को विभिन्न समूहों में बाँटने की प्रक्रिया वर्गीकरण कहलाती है।
शाक : छोटे, कोमल एवं हरे तने वाले पौधे शाक कहलाते हैं।
झाड़ी : मध्यम ऊँचाई वाले कठोर तने के पौधे जिनकी शाखाएँ भूमि के निकट से निकलती हैं।
वृक्ष : मोटे एवं कठोर तने वाले बड़े पौधे वृक्ष कहलाते हैं।
आरोही लता : सहारे के साथ ऊपर चढ़ने वाले पौधे।
विसर्पी लता : भूमि पर फैलकर बढ़ने वाले पौधे।
शिरा-विन्यास : पत्ती में उपस्थित शिराओं की व्यवस्था को शिरा-विन्यास कहते हैं।
मूसला जड़ : जिसमें एक मुख्य जड़ तथा उससे छोटी पार्श्व जड़ें निकलती हैं।
रेशेदार जड़ : समान आकार की अनेक पतली जड़ों का समूह।
एकबीजपत्री : जिन पौधों के बीज में एक बीजपत्र होता है।
द्विबीजपत्री : जिन पौधों के बीज में दो बीजपत्र होते हैं।
Scientific Terms (वैज्ञानिक शब्दावली)
| English | हिन्दी |
|---|---|
| Biodiversity | जैव विविधता |
| Classification | वर्गीकरण |
| Herb | शाक |
| Shrub | झाड़ी |
| Tree | वृक्ष |
| Climber | आरोही लता |
| Creeper | विसर्पी लता |
| Venation | शिरा-विन्यास |
| Tap Root | मूसला जड़ |
| Fibrous Root | रेशेदार जड़ |
| Monocot | एकबीजपत्री |
| Dicot | द्विबीजपत्री |
Important Facts (महत्वपूर्ण तथ्य)
- पृथ्वी पर लाखों प्रकार के सजीव पाए जाते हैं।
- प्रत्येक जीव का अपना विशिष्ट आवास होता है।
- जीवों का वर्गीकरण उनके समान गुणों के आधार पर किया जाता है।
- शाक, झाड़ी, वृक्ष, आरोही लता एवं विसर्पी लता पौधों के प्रमुख प्रकार हैं।
- जालिकारूपी शिरा-विन्यास सामान्यतः द्विबीजपत्री पौधों में पाया जाता है।
- समांतर शिरा-विन्यास सामान्यतः एकबीजपत्री पौधों में पाया जाता है।
- मूसला जड़ सामान्यतः द्विबीजपत्री पौधों की विशेषता है।
- रेशेदार जड़ सामान्यतः एकबीजपत्री पौधों में पाई जाती है।
- जैव विविधता पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
- प्रत्येक जीव प्रकृति के लिए उपयोगी होता है।
Quick Revision (त्वरित पुनरावृत्ति)
- जैव विविधता = विभिन्न प्रकार के जीवों की विविधता।
- जीवों का वर्गीकरण समानताओं एवं भिन्नताओं के आधार पर किया जाता है।
- शाक छोटे एवं कोमल तने वाले पौधे होते हैं।
- झाड़ी मध्यम आकार के तथा वृक्ष बड़े पौधे होते हैं।
- आरोही लता सहारे से चढ़ती है, जबकि विसर्पी लता भूमि पर फैलती है।
- मूसला जड़ → द्विबीजपत्री पौधे।
- रेशेदार जड़ → एकबीजपत्री पौधे।
- जालिकारूपी शिरा-विन्यास → द्विबीजपत्री।
- समांतर शिरा-विन्यास → एकबीजपत्री।
- जैव विविधता का संरक्षण प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।