13. हम बीमार क्यों होते है Class 9 Science [LATEST] Solutions अतिरिक्त प्रश्नोत्तर 2 in hindi - CBSE Study
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Class 9 English Medium Science All Chapters:
13. हम बीमार क्यों होते है
5. अतिरिक्त प्रश्नोत्तर 2
अतिरिक्त प्रश्नोत्तर
प्रश्न - उस जीवाणु का नाम बताइए जो पेप्टिक व्रण के लिए उतरदायी है।
उत्तर - हेलीकोबैक्टर पायलोरी।
प्रश्न - प्रचंड (तीव्र) तथा दीर्ध कालिक रोग में अंतर लिखिए।
उत्तर -
प्रचंड (तीव्र) रोग
1. यह कम अवधि तक रहती है।
2. यह शरीर के कुछ ही अंगों को प्रभावित करता है।
3. यह समान्य स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं करता है।
4. उदाहरण - खॉसी, बुखार , दस्त आदि।
दीर्ध कालिक रोग
1. यह लंबी अवधि तक रहती है।
2. यह शरीर के अधिकांश अंगों को प्रभावित करता है।
3. यह समान्य स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।
4. उदाहरण - क्षय रोग, मधुमेह आदि।
प्रश्न - उन दो आस्ट्रेलियाई चिकित्सकों का नाम बताइए जिन्हें पेप्टिक व्रण कें जीवाणु का पता लगानें के लिए 2005 में संयुक्त रूप से नोबेल पुरूस्कार दिया गया।
उत्तर - रॉबिन वॉरेन तथा बैरी मार्शल ।
प्रश्न - कोई औषधी किसी विशेष वर्ग के रोगाणुओं पर ही प्रभाव डालती है किसी अन्य वर्ग के रोगाणुओं पर नहीं क्यों ?
उत्तर - क्योंकि औषधियॉ किसी विशेष वर्ग को ध्यान में रखकर ही बनाई जाती है। एक वर्ग के रोगाणुओं में जैव प्रक्रियॉ एक जैसी होती है , जबकि अन्य वर्ग में जैव प्रक्रियॉ अलग होती है।
प्रश्न - पेनिसिलिन नामक एन्टीबॉयोटिक किस प्रकार के जीवाणुओं पर प्रभावी है।
उत्तर - पेनिसिलिन नामक एन्टीबॉयोटिक कोशिका भिति बनाने वालेे जीवाणुओं पर प्रभावी है।
प्रश्न - कोई भी एन्टीबॉयोटिक वायरस संक्रमण पर प्रभावी क्यों नहीं होता?
उत्तर - बैक्टेरियॉ की तुलना में वायरस की जैव प्रक्रिया भिन्न होती है एन्टीबॉयोटिक बैक्टेरियॉ की अनेक स्पीशीज को तो प्रभावित कर पाता है परन्तु अन्य स्पीशीज जैसे वायरस पर अप्रभावी है।
प्रश्न - ऐसे मध्यस्थ जो रोगाणुओं को रोगी से अन्य पोषी तक पहुँचा देते है उन्हें क्या कहते है ?
उत्तर - रोगवाहक या वेक्टर ।
प्रश्न - रैबीज के रोगवाहक का नाम बताइए।
उत्तर - कुता या अन्य पशु।
प्रश्न - जपानी मस्तिष्क ज्वर का रोग वाहक का नाम बताइए।
उत्तर - मच्छर ।
प्रश्न - प्रतिरक्षाकरण के नियम का मूल अधार क्या है ?
उत्तर - जब कोई रोगाणु पहली बार प्रतिरक्षा तंत्र पर हमला करता है तो यह तंत्र रोगाणुओं के प्रति क्रिया करता हैं और फिर विशिष्ट रूप से स्मरण कर लेता है। जब पुनः ऐसा ही रोगाणु संपर्क में आता है तो पुरी शक्ति से नष्ट कर देता हैं । पहले संक्रमण की अपेक्षा दुसरा संक्रमण जल्द ही समाप्त हो जाता है। यह प्रतिरक्षाकरण के नियम का मूल अधार है।
प्रश्न - संक्रामक रोगों में प्रतिरक्षा तंत्र की असफलता का मुख्य कारण क्या है ?
उत्तर - संक्रामक रोगों में प्रतिरक्षा तंत्र की असफलता का मुख्य कारण है।
1. पर्याप्त भोजन तथा पोषण की कमी ।
2. प्रतिरक्षी कोशिकाओं का सक्रिय न होना ।
प्रश्न - संक्रामक रोगों से निवारण का क्या उपाय है।
उत्तर - संक्रामक रोगों से निवारण का उपाय -
1. टीकाकरण ।
2. साफ वायु में रहें।
3. शुद्ध पानी पीयें ।
4. स्वच्छता के साथ साथ स्वच्छ तथा उचित मात्रा में भोजन ।
प्रश्न - एन्टीबॉयोटिक क्या है ? यह किस प्रकार कार्य करता है ?
उत्तर - एन्टीबॉयोटिक एक रासायनिक औषधि हैं जो संक्रमण फैलाने वाले जीवाणुओं के विभिन्न स्पीशीज को मारता है। यह अपनी रक्षा कवच बनाने वाले जीवाणुओं के रक्षा कवच बनने की प्रक्रिया को बाधित कर देता है। जिससे जीवाणु असानी से मर जाते है। जैसे - पेनिसिलिन ।
प्रश्न - पेनिसिलिन क्या है ? यह किस प्रकार कार्य करता है ?
उत्तर - पेनिसिलिन एक एन्टीबॉयोटिक औषधि हैं जो पेनेसिलिनम नामक कवक से बनाया जाता है। यह संक्रमण फैलाने वाले जीवाणुओं के विभिन्न स्पीशीज को मारता है। यह अपनी रक्षा कवच बनाने वाले जीवाणुओं के रक्षा कवच बनने की प्रक्रिया को बाधित कर देता है। जिससे जीवाणु असानी से मर जाते है।