7. बुनकर, लोहा बनाने वाले और फैक्ट्री मालिक Class 8 History [LATEST] Solutions महत्वपूर्ण-प्रश्नोत्तर in hindi - CBSE Study
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Class 8 English Medium History All Chapters:
7. बुनकर, लोहा बनाने वाले और फैक्ट्री मालिक
2. महत्वपूर्ण-प्रश्नोत्तर
अभ्यास - प्रश्न:
प्रश्न: कैलिको अधिनियम क्या है ?
उत्तर: 18 वीं सदी की शुरुआत तक आते आते भारतीय कपड़ों की लोक प्रियता से बेचैन इंग्लैंड के ऊन और रेशम निर्माता भारतीय कपड़ों के आयत का विरोध करने लगे थे | इसी दबाव के कारण 1720 में ब्रिटिश सरकार ने इंग्लैंड में छापेदार सूती कपड़े छींट के इस्तेमाल पर पाबन्दी लगने के लिए एक कानून पारित कर दिया है | जिसे कैलिको अधिनियम कहा गया |
प्रश्न2: ब्रिटेन दुनिया का कारखाना क्यों कहा जाने लगा ?
उत्तर: सूती कपड़े के मशीनी उत्पादन में 19 वीं सदी में ब्रिटेन को दुनिया का प्रमुख औधोगिक राष्ट्र बना दिया था | 1850 के दशक से जब ब्रिटेन का लोहा और इस्पात उद्योग भी पनपने लगा | यही कारण है की ब्रिटेन को दुनिया का कारखाना कहा जाने लगा |
प्रश्न3: बारीक़ सूती कपड़ा सबसे पहले कहा देखा गया ?
उत्तर: मौजूदा इराक के मोसुल शहर के अरब के व्यापारी के पास देखा गया था | इसी आधार पर वे बारीक़ बुनाई वाले सभी कपड़ों को मसिलिन या मलमल कहने लगे |
प्रश्न: स्पिनिंग जैनी का अविष्कार कब और किसने किया ?
उत्तर: जॉन केने 1764 में |
प्रश्न : वाष्प इंजिन का अविष्कार किसने और कब किया ? इससे क्या फायदा हुए |
उत्तर: 1786 में रीचेर्ड आर्कराईट ने वाष्प इंजिन का अविष्कार किया ?
जिसने सूती कपड़े की बुनाई को क्रांतिकारी रूप से बदल दिया | अब बहुत सारा कपड़ा बहुत ही कम कीमतों पर तैयार किया जाने लगा |
प्रश्न: स्पिनिंग जैनी क्या है ?
उत्तर: एक ऐसी मशीन जिससे एक कामगार एक साथ कई तकनीकियों पर काम कर सकता था | जब पहिया घूमता था तो सारी तकलियाँ घूमने लगती थी |
प्रश्न: बिजली व विद्युत चुम्बक का अविष्कार किसने किया ?
उत्तर: माइकल फैराडे |
प्रश्न: बुनकर कौन थे ?
उत्तर: बुनकर आमतौर पोअर बुनाई का काम करने वाले समुदायों के ही कारीगर होते थे | वे पीढ़ी दर पीढ़ी इस काम को आगे बढ़ाते थे | बंगाल के तांती, उत्तर भारत के जुलाहे उया मोमिन दक्षिण भारत के साले वा कैकोल्लार तथा देवांग समुदाय बुनकरी के लिए प्रसिद्ध थे |
प्रश्न: औरांग शब्द से क्या तात्पर्य है ?
उत्तर: फारसी भाषा में गोदाम को औरांग कहा जाता है वर्क शॉप के लिए भी इस शब्द का इस्तेमाल किया जाता है |
प्रश्न: ब्रिटेन में सूती कपड़ा उद्योग के विकास से भारतीय कपड़ा उत्पाद पर क्या प्रभाव पड़े ?
उत्तर: इसके निम्न कारण है:
(i) अब भारतीय कपड़ों को यूरोप और अमेरिका के बाजारों में ब्रिटिश उद्योगों में बने कपड़ों से मुकाबला करना पड़ता था |
(ii) भारत से इंग्लैंड को कपड़े का निर्यात मुश्किल हो जाता था, क्योंकि ब्रिटिश सरकार ने भारत से आने वाले कपड़ों पर भारी सीमा शुल्क थोप दिए थे |
(iii) यहाँ के हजारों बुनकर बेरोजगार हो गए |
(iv) विदेशी बाजारों से भारतीय कपड़ों को बाहर कर दिया था |
(v) उनके एजेंटों द्वारा अब पेशगी देना बंद कर दिया गया था |