Your Complete CBSE Learning Hub

Free NCERT Solutions, Revision Notes & Practice Questions

Notes | Solutions | PYQs | Sample Papers — All in One Place

Get free NCERT solutions, CBSE notes, sample papers and previous year question papers for Class 6 to 12 in Hindi and English medium.

Advertise:

Chapter 1. विकास Class 10 Economics [LATEST] Solutions अभ्यास प्रश्नावली in hindi - CBSE Study

Chapter 1. विकास Economics Class 10 exercise - [LATEST] Solutions अभ्यास प्रश्नावली cbse board school study materials like cbse notes in 1 medium, all chapters and exercises are covered the ncert latest syllabus 2026 - 27.

• Hi Guest! • LoginRegister

Class 6

NCERT Solutions

Class 7

NCERT Solutions

Class 8

NCERT Solutions

Class 9

NCERT Solutions

Class 10

NCERT Solutions

Class 11

NCERT Solutions

Class 12

NCERT Solutions

Class 6

CBSE Notes

Class 7

CBSE Notes

Class 8

CBSE Notes

Class 9

CBSE Notes

Class 10

CBSE Notes

Class 11

CBSE Notes

Class 12

CBSE Notes

Chapter 1. विकास Class 10 Economics [LATEST] Solutions अभ्यास प्रश्नावली in hindi - CBSE Study

NCERT Solutions for Class 10 Economics are carefully prepared according to the latest CBSE syllabus and NCERT textbooks to help students understand every concept clearly. These solutions cover all important Chapter 1. विकास with detailed explanations and step-by-step answers for better exam preparation. Each अभ्यास प्रश्नावली is explained in simple language so that students can easily grasp the fundamentals and improve their academic performance. The study material is designed to support daily homework, revision practice, and final exam preparation for Class 10 students. With accurate answers, concept clarity, and structured content, these NCERT solutions help learners build confidence and score higher marks in their examinations. Whether you are revising a specific topic or preparing an entire chapter, this resource provides reliable and syllabus-based guidance for complete success in Economics.

Class 10 English Medium Economics All Chapters:

Chapter 1. विकास

2. अभ्यास प्रश्नावली

                   पाठ-1 विकास


Question 1: सामान्यत: किसी देश का विकास किस आधार पर निर्धारित किया जा सकता है?

(a) प्रतिव्यक्ति आय

(b) औसत साक्षरता दर

(c) लोगों की स्वास्थ्य स्थिति

(d) उपरोक्त सभी
उत्तर: (d) उपरोक्त सभी

Question 2: निम्नलिखित पड़ोसी देशों में से मानव विकास के लिहाज से किस देश की स्थिति भारत से बेहतर है?

(a) बांग्लादेश

(b) श्रीलंका

(c) नेपाल

(d) पाकिस्तान
उत्तर: (b) श्रीलंका

Question 3: मान लीजिए कि एक देश में चार परिवार हैं। इन परिवारों की प्रतिव्यक्ति आय 5,000 रुपये है। अगर तीन परिवारों की आय क्रमश: 4,.000, 7,000 और 3,000 रुपये है, तो चौथे परिवार की आय क्या है?

(a) 7,500 रुपये

(b) 3,000 रुपये

(c) 2,000 रुपये

(d) 6,0000 रुपये
उत्तर: (d) 6,0000 रूपये 

Question 4: विश्व बैंक विभिन्न वर्गों का वर्गीकरण करने के लिये किस प्रमुख मापदण्ड का प्रयोग करता है? इस मापदण्ड की, अगर कोई हैं, तो सीमाएँ क्या हैं?

उत्तर: विश्व बैंक विभिन्न वर्गों का वर्गीकरण करने के लिये प्रति व्यक्ति आय का प्रयोग करता है। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि जीवन के स्तर को ऊँचा उठाने के लिये केवल आय ही काफी नहीं है। कई अन्य कारक विकास को प्रभावित करते हैं; जैसे शिशु मृत्यु दर, साक्षरता, स्वास्थ्य सुविधाएँ, आदि। इसलिए ऐसा कहा जा सकता है कि विश्व बैंक द्वारा प्रयोग किये गये मापदण्ड की अपनी सीमाएँ हैं।

Question 5: विकास मापने का यू.एन.डी.पी. का मापदण्ड किन पहलुओं में विश्व बैंक के मापदण्ड से अलग है?

उत्तर: यू.एन.डी.पी. जीवन स्तर को प्रभावित करने वाले अन्य कारकों का प्रयोग भी करता है। यह अन्य कारको; जैसे शिशु मृत्यु दर, स्वास्थ्य सेवाएँ, स्कूल में नामांकण, आदि को उनका महत्व देता है। इस तरह से यू.एन.डी.पी. उन सभी कारकों की विवेचना करता है जिससे लोगों के जीवन स्तर पर प्रभाव पड़ता है और लोगों की उत्पादकता बढ़ती है।

Question 6: हम औसत का प्रयोग क्यों करते हैं? इनके प्रयोग करने की क्या कोई सीमाएँ हैं? विकास से जुड़े अपने उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: जब भी हमें एक बड़े सैम्पल का आकलन करना होता है तो एक एक आँकड़े का आकलन मुश्किल होता है। इसलिए ऐसी स्थिति में औसत का प्रयोग महत्वपूर्ण हो जाता है। औसत की अपनी सीमाएँ भी होती हैं। कई बार औसत से सही चित्र सामने नहीं आता है। उदाहरण के लिए; प्रति व्यक्ति आय से आय के वितरण का पता नहीं चल पाता है। इससे जनसंख्या में गरीबों के अनुपात का पता नहीं चलता है। भारत में पिछले दो दशकों में प्रति व्यक्ति आय में जबरदस्त वृद्धि हुई है लेकिन इसके साथ ही गरीबों की संख्या में भी तेजी से वृद्धि हुई है।

Question 7: प्रतिव्यक्ति आय कम होने पर भी केरल का मानव विकास क्रमांक पंजाब से ऊँचा है। इसलिए प्रतिव्यक्ति आय एक उपयोगी मापदण्ड बिलकुल नहीं है। राज्यों की तुलना के लिये इसका उपयोग नहीं करना चाहिए। क्या आप सहमत हैं? चर्चा कीजिए।

उत्तर: सबसे धनी राज्य होने के बावजूद पंजाब में केरल की तुलना में शिशु मृत्यु दर अधिक है। पंजाब की तुलना में केरल में कक्षा 1 से 4 में निवल उपस्थिति दर अधिक है। इससे पता चलता है कि मानव विकास सूचकांक में केरल एक बेहतर राज्य है। इसलिए यह कहा जा सकता है कि प्रतिव्यक्ति आय एक उपयोगी मापदण्ड बिलकुल नहीं है। राज्यों की तुलना के लिये इसका उपयोग करना चाहिए लेकिन इसे अन्य मापदण्डों के परिप्रेक्ष्य में देखना जरूरी है।

Question 8: भारत के लोगों द्वारा ऊर्जा के किन स्रोतों का प्रयोग किया जाता है? ज्ञात कीजिए। अब से 50 वर्ष पश्चात क्या संभावनाएँ हो सकती हैं?

उत्तर: ग्रामीण क्षेत्रों में जलावन की लकड़ी ऊर्जा का मुख्य स्रोत है। शहरी क्षेत्रों में रसोई के ईंधन के रूप में एलपीजी का इस्तेमाल अधिकतर घरों में होता है। इसके अलावा वाहनों के लिये पेट्रोलियम उत्पादों का इस्तेमाल होता है। आज से पचास वर्ष बाद जलावन की लकड़ी मिलना कठिन हो जायेगा क्योंकि तेजी से वनोन्मूलन हो रहा है। जीवाश्म ईंधन भी तेजी से घट रहा है। इसलिए हमें किसी वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत को जल्दी ही विकसित करना होगा। गाँवों में गोबर गैस इसका एक अच्छा समाधान हो सकता है। सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा से पूरे देश की ऊर्जा की जरूरत को आसानी से पूरा किया जा सकता है।

Question 9: धारणीयता का विषय विकास के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

उत्तर: विकास का मतलब केवल वर्तमान को खुशहाल बनाना ही नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिये एक बेहतर भविष्य बनाना भी है। धारणीयता का मतलब होता है ऐसा विकास करना जो आने वाले कई वर्षों तक सतत चलता रहे। यह तभी संभव होता है जब हम संसाधन का दोहन करने की बजाय उनका विवेकपूर्ण इस्तेमाल करते हैं।

Question 10: धरती के पास सब लोगों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिये पर्याप्त संसाधन हैं, लेकिन एक भी व्यक्ति के लालच को पूरा करने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। यह कथन विकास की चर्चा में कैसे प्रासंगिक है? चर्चा कीजिए।

उत्तर: यह मशहूर कथन महात्मा गांधी का है। हम जानते हैं कि धरती के पास इतने संसाधन हैं कि वे हमारे जीवन में कम नहीं पड़ने वाले। लेकिन हमें अपनी जिंदगी के आगे भी सोचना होगा और भविष्य में आने वाली पीढ़ियों के लिये सोचना होगा। यदि हम प्राकृतिक संसाधनों का दोहन करते रहेंगे तो आने वाली पीढ़ियों के लिये कुछ नहीं बचेगा |इसलिए हमें अपने लोभ पर काबू पाना होगा और प्रकृति से केवल उतना ही लेने की आदत डालनी होगी जितना जरूरी है।

Question 11: पर्यावरण में गिरावट के कुछ ऐसे उदाहरणों की सूची बनाइए जो आपने अपने आसपास देखे हों।

उत्तर: मेरे शहर में हरियाली का नामोनिशान नहीं है। यहाँ की हवा इतनी प्रदूषित है कि मेरे आस पड़ोस में रहने वाले अधिकतर लोगों को सांस की बीमारी है। मेरे शहर से होकर बहने वाली नदी किसी गंदे नाले की तरह लगती है। इससे पता चलता है कि मेरे शहर के पर्यावरण में कितनी गिरावट आई है।

Question 12: तालिका 1.6 में दी गई प्रत्येक मद के लिए ज्ञात कीजिए कि कौन सा देश सबसे ऊपर है और कौन सा सबसे नीचे।

उत्तर: विभिन्न मापदण्डों पर सबसे ऊपर और सबसे नीचे के देश नीचे दिये गये हैं:

 
मापदण्ड सबसे ऊपर सबसे नीचे
प्रति व्यक्ति आय श्रीलंका म्यानमार
अधिकतम आयु श्रीलंका म्यानमार
साक्षरता दर श्रीलंका बांग्लादेश
स्कूल में नामांकन की दर श्रीलंका पाकिस्तान

 

Question 13: नीचे दी गई तालिका में भारत के अल्प-पोषित वयस्कों का अनुपात दिखाया गया है। यह वर्ष 2001 में देश के विभिन्न राज्यों के एक सर्वेक्षण पर आधारित है। तालिका का अध्ययन करके निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर दीजिए।

 

 

(a) केरल और मध्य प्रदेश के लोगों के पोषण स्तरों की तुलना कीजिए।

उत्तर: मध्य प्रदेश की तुलना में केरल के लोगों का पोषण स्तर बेहतर है।

(b) क्या आप अंदाजा लगा सकते हैं कि देश के लगभग 40 प्रतिशत लोग अल्पपोषित क्यों हैं, यद्यपि यह तर्क दिया जाता है कि देश में पर्याप्त खाद्य है? अपने शब्दों में विवरण दीजिए।

उत्तर: इसके कुछ संभावित कारण निम्नलिखित हैं:

खाद्य उत्पादन का असमान वितरण
अकुशल सप्लाई चेन
जनवितरण प्रणाली की खराब हालत

 

राज्य पुरुष (%) महिला (%)
केरल 22 19
कर्नाटक 36 38
मध्य प्रदेश 43 42
सभी राज्य 37 36

Other Topics List Of This Chapter Chapter 1. विकास:

Disclaimer:

This website's domain name has included word "CBSE" but here we clearly declare that we and our website have neither any relation to CBSE and nor affliated to CBSE organisation.