9. बल और गति का नियम Class 9 Science [LATEST] Solutions अभ्यास प्रश्न (NCERT Book) in Hindi - CBSE Study
NCERT Solutions for Class 9 Science are carefully prepared according to the latest CBSE syllabus and NCERT textbooks to help students understand every concept clearly. These solutions cover all important 9. बल और गति का नियम with detailed explanations and step-by-step answers for better exam preparation. Each अभ्यास प्रश्न (NCERT Book) is explained in simple language so that students can easily grasp the fundamentals and improve their academic performance. The study material is designed to support daily homework, revision practice, and final exam preparation for Class 9 students. With accurate answers, concept clarity, and structured content, these NCERT solutions help learners build confidence and score higher marks in their examinations. Whether you are revising a specific topic or preparing an entire chapter, this resource provides reliable and syllabus-based guidance for complete success in Science.
Class 9 English Medium Science All Chapters:
9. बल और गति का नियम
3. अभ्यास प्रश्न (NCERT Book)
अध्याय प्रश्नोत्तर:-
प्रश्न 1. कोई वस्तु शून्य बाह्य असंतुलित बल अनुभव करती है। क्या किसी भी वस्तु के लिए अशून्य वेग से गति करना संभव है? यदि हाँं, तो वस्तु के वेग के परिमाण एवं दिशा पर लगने वाली शर्तों का उल्लेख करें। यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें।
उत्तर: हाँ, निम्न्लिखित स्थितियों में ये संभव हैं :
(i) जब वस्तु एक सीधी सरल रेखा में एकसमान चल से चल रही हैं|
(ii) जब चाल के परिमाण में कोई परिवर्तन न हो रहा हो |
(iii) जब गति की दिशा में कोई परिवर्तन न हो|
(iv) वायु का प्रतिरोध अवश्य ही शून्य होना चाहिए |
(v) जब वस्तु की सतह तथा जमीन के बीच घर्षण बल का मान शून्य हो|
प्रश्न 2. जब किसी छड़ी से एक दरी (कार्पेट) को पीटा जाता है, तो धूल के कण बाहर आ जाते हैं। स्पष्ट करें।
उत्तर: जब किसी छड़ी से एक दरी (कार्पेट) को पीटा जाता हैं, तो दरी पर बल लगने के कारण दरी गतिशील हो जाति हैं परन्तु धुल के कण (जड़त्व के गुण के कारण) विराम अवस्था में ही रहते हैं और नीचे गिर जाते हैं|
प्रश्न 3. बस की छत पर रखे सामान को रस्सी से क्यों बाँध जाता है?
उत्तर: जड़त्व के कारण बस की छत पर रखा हुआ समान सदैव स्थिर अवस्था में रहना चाहता हैं| परन्तु जब बस आगे चलती हैं तो जडत्व के कारण (स्थिर अवस्था में रहने के कारण) सामान के पीछे के गिरने की और संभावना होती हैं| इसी प्रकार, जब बस रूकती हैं तो सामान के आगे गिरने की संभावना होती हैं| अतः, बस की छत पर रखे सामान को रस्सी से बांधा जाता हैं|
प्रश्न 4. किसी बल्लेबाज द्वारा क्रिकेट की गेंद को मारने पर गेंद शमीन पर लुढ़कती है। कुछ दूरी चलने के पश्चात् गेंद रुक जाती है। गेंद रुकने के लिए धीमी होती है, क्योंकि
(a) बल्लेबाज ने गेंद को पर्याप्त प्रयास से हिट नहीं किया है।
(b) वेग गेंद पर लगाए गए बल के समानुपाती है।
(c) गेंद पर गति की दिशा वेफ विपरीत एक बल कार्य कर रहा है।
(d) गेंद पर कोई असंतुलित बल कार्यरत नहीं है, अतः गेंद विरामावस्था में आने के लिए प्रयासरत है।
(सही विकल्प का चयन करें)
उत्तर: (c) गेंद पर गति की दिशा वेफ विपरीत एक बल कार्य कर रहा है।
प्रश्न 5. एक ट्रक विरामावस्था से किसी पहाड़ी से नीचे की ओर नियत त्वरण से लुढ़कना शुरू करता है। यह 20s में 400 m की दूरी तय करता है। इसका त्वरण ज्ञात करें। अगर इसका द्रव्यमान 7 मीट्रिक टन है तो इस पर लगने वाले बल की गणना करें। (1 मीट्रिक टन = 1000 kg।)
उत्तर:
प्रश्न 6. 1 kg द्रव्यमान के एक पत्थर को 20 ms-2 के वेग से झील की जमी हुई सतह पर फेंका जाता है। पत्थर 50 m की दूरी तय करने के बाद रुक जाता है। पत्थर और बर्फ के बीच लगने वाले घर्षण बल की गणना करें।
उत्तर:
प्रश्न 7. एक 8000 kg द्रव्यमान का रेल इंजन प्रति 2000 kg द्रव्यमान वाले पाँच डिब्बों को सीधी पटरी पर खींचता है। यदि इंजन 40000 N का बल आरोपित करता है तथा यदि पटरी 5000 छ का घर्षण बल लगाती है, तो ज्ञात करेंः
(a) नेट त्वरण बल
(b) रेल का त्वरण तथा
(c) डिब्बे 1 द्वारा डिब्बे 2 पर लगाया गया बल।
उत्तर:
प्रश्न 8. एक गाड़ी का द्रव्यमान 1500 kg है। यदि गाड़ी को 1.7 ms-2 के ऋणात्मक त्वरण (अवमंदन) के साथ विरामावस्था में लाना है, तो गाड़ी तथा सड़क के बीच लगने वाला बल कितना होगा?
उत्तर:
प्रश्न 9. किसी m द्रव्यमान की वस्तु जिसका वेग v है का संवेग क्या होगा?
(a) (mv)2 (b) mv2 (c) (1/2) mv2 (d) mv
(उपरोक्त में से सही विकल्प चुनें।)
उत्तर: (d) किसी m द्रव्यमान की वस्तु जिसका वेग v है का संवेग mv होगा |
प्रश्न 10. हम एक लकड़ी के बक्से को 200 N बल लगाकर उसे नियत वेग से फर्श पर धकेलते हैं। बक्से पर लगने वाला घर्षण बल क्या होगा?
उत्तर: बक्से का वेग नियत हैं इसलिए बक्से पर लगने वाला घर्षण बल 200 N होगा|
प्रश्न 11. दो वस्तुएँ, प्रत्येक का द्रव्यमान 1.5kg है, एक ही सीधी रेखा में एक-दूसरे के विपरीत दिशा में गति कर रही हैं। टकराने के पहले प्रत्येक का वेग 2.5 ms-1 है। टकराने के बाद यदि दोनों एक-दूसरे से जुड़ जाती हैं, तब उनका सम्मिलित वेग क्या होगा?
उत्तर:
प्रश्न 12. गति के तृतीय नियम के अनुसार जब हम किसी वस्तु को धक्का देते हैं, तो वस्तु उतने ही बल के साथ हमें भी विपरीत दिशा में धक्का देती है। यदि वह वस्तु एक ट्रक है जो सड़क के किनारे खड़ा है संभवतः हमारे द्वारा बल आरोपित करने पर भी गतिशील नहीं हो पाएगा। एक विद्यार्थी इसे सही साबित करते हुए कहता है कि दोनों बल विपरीत एवं बराबर हैं जो एक-दूसरे को निरस्त कर देते हैं। इस तर्क पर अपने विचार दें और बताएँ कि ट्रक गतिशील क्यों नहीं हो पाता?
उत्तर: जड़त्व, द्रव्यमान के अनुक्रमानुपति होता हैं| ट्रक का द्रव्यमान अधिक होने के कारण, उसका जड़त्व भी अधिक होता हैं| अत्यधिक जड़त्व के कारण ही वह विराम अवस्था में रहता हैं| हमारे द्वारा लगाया गया बल अपेक्षाकृत कम होने के कारण, ट्रक में गति उत्पन्न नहीं कर पाता हैं|
प्रश्न 13. 200 g द्रव्यमान की एक हॉकी की गेंद 10 ms-1 की वेग से सीधी रेखा में चलती हुई 5 kg द्रव्यमान के लकड़ी के गुटके से संघट्टठ्ठ करती है तथा उससे जुड़ जाती है। उसके बाद दोनों एक साथ उसी रेखा में गति करते हैं। संघट्टठ्ठ के पहले और संघट्टठ्ठ के बाद के कुल संवेगों की गणना करें। दोनों वस्तुओं की जुड़ी हुई अवस्था में वेग की गणना करें।
उत्तर:
प्रश्न 14. 10 kg द्रव्यमान की एक गोली सीधी रेखा में 150 ms-1 के वेग से चलकर
एक लकड़ी के गुटके से टकराती है और 0.03s के बाद रुक जाती है।गोली लकड़ी को कितनी दूरी तक भेदेगी? लकड़ी के गुटके द्वारा गोली परलगाए गए बल के परिमाण की गणना करें।
उत्तर:
प्रश्न 15. एक वस्तु जिसका द्रव्यमान 1 kg है, 10ms-1 के वेग से एक सीधी रेखा में चलते हुए विरामावस्था में रखे 5kg द्रव्यमान के एक लकड़ी के गुटके से टकराती है। उसके बाद दोनों साथ-साथ उसी सीधी रेखा में गति करते हैं। संघट्टठ्ठ के पहले तथा बाद के कुल संवेगों की गणना करें। आपस में जुड़े हुए संयोजन के वेग की भी गणना करें।
उत्तर:
प्रश्न 16. 100 kg द्रव्यमान की एक वस्तु का वेग समान त्वरण से चलते हुए 6s में 5 ms-1 से 8ms-1हो जाता है। वस्तु के पहले और बाद के संवेगों की गणना करें। उस बल के परिमाण की गणना करें जो उस वस्तु पर आरोपित है।
उत्तर:
प्रश्न 17. अख़्तर, किरण और राहुल किसी राजमार्ग पर बहुत तीव्र गति से चलती हुई कार में सवार हैं, अचानक उड़ता हुआ कोई कीड़ा, गाड़ी के सामने के शीशे से आ टकराया और वह शीशे से चिपक गया। अख़्तर और किरण इस स्थिति पर विवाद करते हैं। किरण का मानना है कि कीड़े के संवेग परिवर्तन का परिमाण कार के संवेग परिवर्तन के परिमाण की अपेक्षा बहुत अधिक है। (क्योंकि कीड़े के वेग में परिवर्तन का मान कार के वेग में परिवर्तन के मान से बहुत अधिक है।) अख़्तर ने कहा कि चूँकि कार का वेग बहुत अधिक था अतः कार ने कीड़े पर बहुत अधिक बल लगाया जिसके कारण कीड़े की मौत हो गई। राहुल ने एक नया तर्क देते हुए कहा कि कार तथा कीड़ा दोनों पर समान बल लगा और दोनों के संवेग में बराबर परिवर्तन हुआ। इन विचारों पर अपनी प्रतिक्रिया दें।
उत्तर:
(a) किरण का यह मानना है कि कीड़े के संवेग परिवर्तन का परिमाण कार के संवेग परिवर्तन के परिमाण की अपेक्षा बहुत अधिक हैं| यह तर्क गलत हैं|
(b) अख्तर का तर्क भी गलत हैं|
(c) राहुल का तर्क सही हैं| दोनों पर समान बल लगेगा क्योंकि क्रिया तथा प्रतिक्रिया समान परन्तु विपरीत दिशा में क्रियाशील होते हैं| साथ ही, संवेग में परिवर्तन का परिमाण भी समान रहता हैं|
प्रारम्भिक वेग = अंतिम वेग
संवेग संरक्षण के नियमानुसार,
स्पष्टतः दोनों वस्तुओ (कीड़े एवं कार) पर समान बल आरोपित होगा तथा संवेग में परिवर्तन भी समान होगा| कीड़े का द्रव्यमान अत्यधिक कम होने के कारण उसके वेग में बहुत अधिक परिवर्तन होता हैं जिससे वह शीशे से चिपक जाता हैं|
प्रश्न 18. एक 10 kg द्रव्यमान की घंटी 80 cm की ऊँचाई से फर्श पर गिरी। इस अवस्था में घंटी द्वारा फर्श पर स्थानांतरित संवेग के मान की गणना करें। परिकलन में सरलता हेतु नीचे की ओर दिष्ट त्वरण का मान 10 ms-2 लें।
उत्तर:
Topic Lists: