3. परमाणु एवं अणु Class 9 Science [LATEST] Solutions अध्याय -समीक्षा in Hindi - CBSE Study
NCERT Solutions for Class 9 Science are carefully prepared according to the latest CBSE syllabus and NCERT textbooks to help students understand every concept clearly. These solutions cover all important 3. परमाणु एवं अणु with detailed explanations and step-by-step answers for better exam preparation. Each अध्याय -समीक्षा is explained in simple language so that students can easily grasp the fundamentals and improve their academic performance. The study material is designed to support daily homework, revision practice, and final exam preparation for Class 9 students. With accurate answers, concept clarity, and structured content, these NCERT solutions help learners build confidence and score higher marks in their examinations. Whether you are revising a specific topic or preparing an entire chapter, this resource provides reliable and syllabus-based guidance for complete success in Science.
Class 9 English Medium Science All Chapters:
3. परमाणु एवं अणु
1. अध्याय -समीक्षा
अध्याय 3. परमाणु एवं अणु
अध्याय-समीक्षा
- किसी पदार्थ का वह मुल पदार्थ जिसे सरलीकृत नहीं किया जा सके तत्व कहलाता है | जैसे- हाइड्रोजन, कार्बन, ऑक्सीजन, आयरन, चाँदी और सोना आदि |
- पदार्थ का वह सूक्ष्मतम कण जिसे और आगे विभाजित नहीं किया जा सके वह परमाणु कहलाता है |
- एक ही तत्व या भिन्न-भिन्न के दो या दो से अधिक परमाणुओं के समूह जो रासायनिक से एक दुसरे से बंधे होते है अणु कहलाते हैं | उदाहरण: O2, H2, N2, H2O, CO2, MgCl2 इत्यादि |
- अणु जो एक से अधिक तत्वों से मिलकर बना है यौगिक कहलाता है | उदाहरण: H2O, CO2, NH3, BrCl2, CH4 इत्यादि |
- किसी तत्व के सबसे छोटे कण परमाणु होते हैं | जैसे - हाइड्रोजन के परमाणु (H), ऑक्सीजन के परमाणु (O), कार्बन के परमाणु (C), मैग्नीशियम के परमाणु (Mg) इत्यादि |
- द्रव्यमान संरक्षण का नियम: द्रव्यमान संरक्षण के नियम के अनुसार किसी रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान का नहीं तो सृजन होता है और नहीं विनाश होता है |
- निश्चित अनुपात का नियम: किसी भी यौगिक में तत्व सदैव एक निश्चित द्रव्यमान के अनुपात में विद्यमान होते हैं |
- दिए गए तत्व के सभी परमाणुओं का द्रव्यमान एवं रासायनिक गुणधर्म समान होते हैं।
- भिन्न-भिन्न तत्वों के परमाणुओं के द्रव्यमान एवं रासायनिक गुणधर्म भिन्न-भिन्न होते हैं।
- डाल्टन के परमाणु सिद्धांत में परमाणु द्रव्यमान सबसे विशिष्ट संकल्पना थी और उनके अनुसार प्रत्येक तत्व का एक अभिलाक्षणिक परमाणु द्रव्यमान होता है |
- परमाणु द्रव्यमान इकाई : किसी तत्व के सापेक्षिक परमाणु द्रव्यमान को उसके परमाणुओं के औसत द्रव्यमान का कार्बन-12 परमाणु के द्रव्यमान के 1/12वें भाग के अनुपात को परमाणु द्रव्यमान इकाई कहते है |
- किसी तत्व या यौगिक का अणु उस तत्व या यौगिक के सभी गुण धर्म को प्रदर्शित करते हैं
- एक ही तत्व के परमाणु अथवा भिन्न-भिन्न तत्वों के' परमाणु परस्पर संयोग करके अणु निर्मित करते हैं।
- आर्गन (Ar) हीलियम (He) इत्यादि जैसे अनेक उत्कृष्ट (गैसों) तत्वों के अणु उसी तत्व के केवल एक परमाणु द्वारा निर्मित होते हैं। अत: ये एक परमाणुक होते हैं क्योंकि उत्कृष्ट गैसें किसी भी तत्व से यहाँ तक की खुद से भी संयोजन नहीं करती है |
- किसी अणु संरचना में प्रयुक्त होने वाले परमाणुओं की संख्या को उस अणु की परमाणुकता कहते है | जैसे - ऑक्सीजन के अणु (O2) की परमाणुकता 2 है |, फोस्फोरस के अणु (P4) की परमाणुकता 4 है |
- कुछ तत्व जैसे ऑक्सीजन, हाइड्रोजन और क्लोरीन आदि अपने दो परमाणुओं से अणु बनाते हैं | ऐसे तत्व को द्वि-परमाणुक अणु कहते हैं उदाहरण: (a) हाइड्रोजन (H2) (b) ऑक्सीजन (O2) |
- वह अणु जो तीन परमाणुओं से मिलकर बना होता है त्रि-परमाणुक अणु कहलाता है | जैसे - ओजोन (O3) |
- किसी तत्व के वें अणु जिसमें चार परमाणु होते हैं चतुर्परमाणुक अणु कहलाता है | जैसे - फोस्फोरस (P4) |
- किसी तत्व के वें अणु जिसमें परमाणुओं की संख्या चार से अधिक हो बहुपरमाणुक अणु कहलाता है | जैसे - (a) सल्फर (S8) |
- किसी परमाणु में प्रोट्रॉन तथा इलेक्ट्रान बराबर संख्या में होते हैं |
- अक्रिय गैस को छोड़कर सभी परमाणुओं का इलेक्ट्रोनिक रचनाएँ अस्थायी होते हैं |
- परमाणु स्वतंत्र रूप से अस्तित्व में नहीं रह सकते हैं |
- परमाणु अस्तित्व में बने रहने के लिए इलेक्ट्रॉन्स की साझेदारी करते हैं |
- आयन विद्युत आवेशित कण होते हैं |
- आयनों का इलेक्ट्रोनिक रचनाएँ स्थायी होते हैं |
- आयन स्वतंत्र रूप से अस्तित्व में रह सकते हैं |
- आयनिक यौगिकों में पहला तत्व धातु (metal) होता है जो धनायन (cation) बनाता है और दूसरा तत्व अधातु (non-metal) होता है जो ऋणायन (anion) बनाता है |
- मोल एक प्रकार से बहुत सारे परमाणुओं का ढेर (heap) है | जिसमें' किसी भी तत्व के परमाणुओं, अणुओं अथवा आयनों की संख्या 6.022 x 1023 होता है |
- मोल पदार्थ की वह मात्रा है जिसमें कणों की संख्या (परमाणु, आयन, अणु या सूत्र इकाई इत्यादि) कार्बन-12 के ठीक 12 g में विद्यमान परमाणुओं के बराबर होती है।
- किसी पदार्थ के एक मोल में कणों (परमाणु, अणु अथवा आयन) की संख्या निश्चित होती है | जिसका मान 6.022 x 1023 होता है | इसी संख्या को आवोगाद्रो स्थिरांक या आवोगाद्रो संख्या कहते हैं |
- किसी तत्व के परमाणुओं के एक मोल का द्रव्यमान को मोलर द्रव्यमान कहते है | परमाणुओं के मोलर द्रव्यमान को ग्राम परमाणु द्रव्यमान भी कहते हैं |
Topic Lists: