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4. जलवायु Class 9 Geography [LATEST] Solutions अभ्यास | NCERT Book in Hindi - CBSE Study

4. जलवायु Geography Class 9 exercise - [LATEST] Solutions अभ्यास | NCERT Book cbse board school study materials like cbse notes in Hindi medium, all chapters and exercises are covered the ncert latest syllabus 2026 - 27.

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4. जलवायु Class 9 Geography [LATEST] Solutions अभ्यास | NCERT Book in Hindi - CBSE Study

NCERT Solutions for Class 9 Geography are carefully prepared according to the latest CBSE syllabus and NCERT textbooks to help students understand every concept clearly. These solutions cover all important 4. जलवायु with detailed explanations and step-by-step answers for better exam preparation. Each अभ्यास | NCERT Book is explained in simple language so that students can easily grasp the fundamentals and improve their academic performance. The study material is designed to support daily homework, revision practice, and final exam preparation for Class 9 students. With accurate answers, concept clarity, and structured content, these NCERT solutions help learners build confidence and score higher marks in their examinations. Whether you are revising a specific topic or preparing an entire chapter, this resource provides reliable and syllabus-based guidance for complete success in Geography.

Class 9 English Medium Geography All Chapters:

4. जलवायु

2. अभ्यास | NCERT Book

अभ्यास: 

Q1. नीचे दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर चुनें | 

(i) नीचे दिए गए स्थानों में किस स्थान पर विश्व में सबसे अधिक वर्षा होती है?

(क) सिलचर (ख) चेरापूंजी 
(ग) मासिनराम  (घ) गुवाहाटी

उत्तर: (ग) मासिनराम 

(ii) ग्रीष्मऋतू में उत्तरी मैदानों में बहने वाली पवन को निम्नलिखित में से क्या कहा जाता है?

(क) काल वैशाखी (ख) व्यापारिक पवनें 
(ग) लू  (घ) इनमें से कोई नहीं

उत्तर: (ग) लू 

(iii) निम्नलिखित में से कौन-सा कारण भारत के उत्तर-पश्चिम भाग में शीतऋतू' में होने वाली वर्षा के लिए उत्तरदायी है ?

(क) चक्रवातीय अवदाब (ख) पश्चिमी विक्षोभ 
(ग) मानसून की वापसी  (घ) दक्षिण-पश्चिम मानसून

उत्तर: (ख) पश्चिमी विक्षोभ 

(iv) भारत में मानसून का आगमन निम्नलिखित में से कब होता है?

(क) मई के प्रारंभ में  (ख) जून के प्रारंभ में 
(ग) जुलाई के प्रारंभ में (घ) अगस्त के प्रारंभ में

(ख) जून के प्रारंभ में 

(v) निम्नलिखित में से कौन-सी भारत में शीतऋतू की विशेषता है?

(क) गर्म दिन एवं गर्म रातें (ख) गर्म दिन एवं ठंडी रातें
(ग) ठंडा दिन एवं ठंडी रातें (घ) ठंडा दिन एवं गर्म रातें

उत्तर: (ख) गर्म दिन एवं ठंडी रातें 

Q2. निम्न प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में दीजिए।

(i) भारत की जलवायु को प्रभावित करने वाले कौन-कौन से कारक हैं?

उत्तर: 

(1) अक्षांश

(2) ऊँचाई

(3) वायुदाब एंव पवन तंत्र

(4) समुद्र  से दुरी

(5) महासागरीय धाराएँ

(6) उच्चावच लक्षण  |

(ii) भारत में मानसूनी प्रकार की जलवायु क्यों है?

उत्तर: भारत में मानसूनी प्रकार की जलवायु के निम्नलिखित कारण हैं :

(i) भारत की जलवायु मानसूनी पवनों से बहुत अधिक प्रभावित है | मानसून का प्रभाव उष्ण कटिबंधीय क्षेत्रों में लगभग 20 उत्तर एवं 20 के बीच रहता है | 

(ii) स्थल तथा जल के गर्म एवं ठंडे होने की विभ्रेदी प्रक्रिया के कारण भारत के स्थल भाग पर निम्न दाब का क्षेत्र उत्पन्न होता है, जबकि इसके आस-पास के समुद्रों के ऊपर उच्च दाब का क्षेत्र बनता है।

(iii) ग्रीष्म ऋतू के  दिनों में अंतः उष्ण कटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र की स्थिति गंगा के मैदान की ओर खिसक जाती है | 

(iv) हिन्द महासागर में मेडागास्कर के पूर्व लगभग 20दक्षिण अक्षांश के ऊपर उच्च दाब वाला क्षेत्र होता है | इस उच्च दाब वाले क्षेत्र की स्थिति एवं तीव्रता भारतीय मानसून को प्रभावित करती है | 

(v) ग्रीष्म ऋतू में हिमालय के उत्तर-पश्चिमी जेट धाराओं का तथा भारतीय प्रायद्वीप के ऊपर
उष्ण कटिबंधीय पूर्वी जेट धाराओं का प्रभाव होता है।

(vi) एलनीनो दक्षिणी दोलन की घटना सक्रीय रहती है | 

(iii) भारत के किस भाग में दैनिक तापमान अधिक होता है एवं क्यों?

उत्तर: भारत के पर्वतीय भाग, पठारी भाग तथा कुछ उतरी मैदानी भाग में दैनिक तापमान अधिक होता है | इसके निम्नलिखित कारण है : 

(i) इस भाग से कर्क वृत गुजरता है | देश का लगभग आधा भाग कर्क वृत के दक्षिण में स्थित है, जो उष्ण कटिबंधीय क्षेत्र है | 

(ii) समुद्र से दुरी होने के कारण इस क्षेत्र का दैनिक तापमान दिन में काफी बढ़ जाता है जबकि रात में अपने न्यूनतम स्तर पर होता है | यहाँ दैनिक तापान्तर भी अधिक होता है | 

(iii) कर्क वृत के उत्तर में स्थित शेष भाग उपोष्ण कटिबंधीय है | इस वृत के आस पास दिन में तापमान अधिक होता है | 

(iv) किन पवनों के कारण मालाबार तट पर वर्षा होती है?

उत्तर: मालाबार तट केरल के दक्षिणी तटीय तथा पूर्वी तटीय भाग है जहाँ दक्षिणी-पश्चिमी मानसूनी पवनों के कारण यहाँ भारी वर्षा होती है | 

(v) जेट धाराएँ क्या हैं तथा वे किस प्रकार भारत की जलवायु को प्रभावित करती हैं?

उत्तर: जेट धाराएँ एक संकरी पट्टी में स्थित क्षोभमंडल में 12000 मी0 से अधिक ऊँचाई पर प्रवाहित पश्चिमी हवाएँ होती हैं | ये लगभग 27 से 30 उत्तर अक्षांशो के बीच स्थित होती  है | इसलिए इन्हें उपोष्ण कटिबंधीय पश्चिमी जेट धाराएँ भी कहा जाता है | 

(i) भारत में ये जेट धाराएँ ग्रीष्म ऋतू को छोड़कर पुरे वर्ष हिमालय के दक्षिण में प्रवाहित होती है |

(ii) इस पश्चिमी प्रवाह के कारण देश के उत्तर तथा पश्चिमी  भाग में पश्चिमी चक्रवाती विक्षोभ आते है |  

(iii) गर्मियों में, सूर्य की आभासी गति के साथ ही उपोष्ण कटिबंधीय पश्चिमी जेट धाराएँ हिमालय के उत्तर में चली जाती है | 

(vi) मानसून को परिभाषित करें। मानसून में विराम से आप क्या समझते हैं?

उत्तर: एक वर्ष के दौरान वायु की दिशा में ऋतू के अनुसार परिवर्तन को मानसून कहते है |

मानसून में विराम एक परिघटना है जिसमें मानसूनी वर्षा एक समय में कुछ दिनों तक ही होती है | इनमें वर्षा रहित अंतराल भी होते है जब वर्षा में विराम आ जाता है | इसमें दो अवस्थाएँ होती है एक गर्त का अक्ष मैदान क्र ऊपर होता जब वर्षा होती है दूसरी जब वर्षा रुक जाती है | यह तब होता है जब अक्ष हिमालय के समीप चला जाता है तब मैदानों में समय तक शुष्क अवस्था रहती है | इसे ही मानसून में विराम कहते है |   

(viii) मानसून को एक सूत्र में बाँधने वाला क्यों समझा जाता है?

उत्तर: 

(i) भारत का प्रत्येक भाग चाहे वो जम्मू-कश्मीर से तमिलनाडू हो या गुजरात से पूर्वोत्तर भारत हो सभी मानसून का बेसब्री से प्रतीक्षा करते है | यह उनके जान-जीवन से जुड़ा चीज है | 

(ii) मानसून की प्रत्येक स्थितियां जैसे मानसून का समय से आना, समय से पहले चले जाना, लम्बे समय तक रहना, अचानक गायब हो जाना आदि यहाँ के लोगों के जान जीवन को प्रभावित करता है | 

(iii) भारत में वर्षा के जल का वितरण और कृषि प्रक्रिया पूर्णत: मानसून पर निर्भर है यही कारण है कि मानसून को एक सूत्र में बाँधने वाला समझा जाता है |

Q3. उत्तर-भारत में पूर्व से पश्चिम की ओर वर्षा की मात्रा क्यों घटती जाती है ? 

उत्तर:उत्तर-भारत में पूर्व से पश्चिम की ओर वर्षा की मात्रा घटने का निन्मलिखित कारण है | 

(i) भारत में वर्षा का वितरण मुख्यत: देश के आकार द्वारा नियंत्रित होती है | यह  पवनों के प्रवेश और मार्ग पर निर्भर करता है | 

(ii) दक्षिणी-पश्चिमी मानसून बंगाल की खाड़ी से प्रवेश कर भारत उतरी पूर्वी भाग में अधिक वर्षा लाती है, यह अपने साथ अधिक मात्रा में जलवाष्प और नमी लाती है | आगे बढ़कर जब यह उत्तर-पश्चिम की ओर जाती है तो जलवाष्प और नमी की मात्रा घटती जाती है | जिससे इन क्षेत्रों में वर्षा कम होता है | 

Q4. कारण बताएँ |

(i) भारतीय उपमहाद्वीप में वायु की दिशा में मौसमी परिवर्तन क्यों होता है ?

उत्तर:

 भारतीय उपमहाद्वीप में वायु की दिशा में मौसमी परिवर्तन के निम्नलिखित कारण है |

(i) विभिन्न मौसमों में वायु दाब और पवन तंत्र भिन्न होता है | शीत ऋतू में हिमालय के उत्तर में उच्च दाब होता है | इस क्षेत्र की ठंडी शुष्क हवाएँ दक्षिण में निम्न दाब वाले महासागरीय क्षेत्र के ऊपर बहती है | 

(ii) ग्रीष्म ऋतू में, आंतरिक एशिया एवं उत्तर-पूर्वी भारत के ऊपर निम्न दाब का क्षेत्र उत्पन्न होता है जिसके कारण गर्मी दिनों में वायु की दिशा पूरी तरह से परिवर्तित हो जाती है | 

(iii) वर्षा ऋतू में, दक्षिण में हिन्द महासागर के उच्च दाब वाले क्षेत्र से बहते हुए वायु भारतीय उपमहाद्वीप पर स्थित निम्न दाब की ओर बहने बहने लगती है जिसे दक्षिणी पश्चिमी मानसूनी पवनें कहा जाता है | यही कारण है कि वायु की दिशा में मौसमी परिवर्तन होते रहते है | 

(ii) भारत में अधिकतर वर्षा कुछ ही महीने होती है ? 

उत्तर: 

(i) भारत में वर्षा का प्रमुख कारण यहाँ बहने वाली मानसूनी पवनें होती हैं जो वर्ष के कुछ ही महीने जून से सितम्बर तक ही बहती है | 

(ii) इन महीनों में भारत का स्थलीय भाग बहुत गर्म होता है और महासागरीय भाग कम गर्म होता है जिससे हिन्द महासागर के ऊपर उच्च दाब उत्पन्न होता है और वायु के इस उच्च दाब से इस उपमहाद्वीप के स्थल के निम्न दाब की ओर बहने के कारण यह अपने साथ बहुत अधिक मात्रा में जलवाष्प और नमी लाती है जो इन दिनों में वर्षा का प्रमुख कारण होती है | 

(iii) तमिलनाडु तट पर शीतकालीन वर्षा होती है।

उत्तर:

तमिलनाडु के तट पर उत्तरपूर्वी व्यापारिक हवाओं से शीतकालीन वर्षा होती है।

मानसून के मौसम के दौरान 100 से 120 दिनों के बीच, तमिलनाडु जैसे कुछ स्थानों या स्थलाकृतिक बिंदुओं में अक्टूबर और नवंबर के दौरान जून की शुरुआत से सितंबर के मध्य तक बारिश का एक बड़ा हिस्सा प्राप्त होता है। फिर भी, दूसरी ओर, कई देश क्षेत्रों में जून से सितंबर तक वर्षा होती है।

जब हवा समुद्र से जमीन की ओर बहती है, तो यह समुद्र से नमी लेती है और देश के क्षेत्रों में वर्षा लाती है। भौगोलिक स्थिति के कारण, पूर्वी तट वर्षा को मानता है क्योंकि उत्तरपूर्वी व्यापारिक हवाएँ इस क्षेत्र में समुद्र से भूमि की ओर बहती हैं।

(iv) पूर्वी तट का डेल्टा क्षेत्र अक्सर चक्रवातों से प्रभावित होता है।

उत्तर: अंडमान सागर में शुरू होने वाले चक्रवाती दबाव भारत के पूर्वी तटों को पार करते हैं। इसके कारण भारत के पूर्वी तटों पर भारी और व्यापक वर्षा देखी जाती है। पूर्वी तट के डेल्टा क्षेत्र में अक्सर चक्रवातों की चपेट में आने का यह एक कारण है।

(v) राजस्थान, गुजरात के कुछ हिस्से और पश्चिमी घाट के निचले हिस्से में सूखा प्रभावित है।

उत्तर: राजस्थान, गुजरात के कुछ हिस्से और पश्चिमी घाट के लेवार्ड साइड अरावली के रेन शैडो एरिया में आते हैं। इसलिए, वे सूखा प्रवण हैं क्योंकि उन्हें अधिक वर्षा नहीं मिलती है।

प्रश्न5. उपयुक्त उदाहरणों की सहायता से भारत की जलवायु परिस्थितियों में क्षेत्रीय भिन्नताओं का वर्णन कीजिए।

उत्तर: यद्यपि मानसून के सामान्य पैटर्न में एक समग्र एकता है, फिर भी जलवायु परिस्थितियों में कुछ क्षेत्रीय भिन्नताएं हैं। इन भिन्नताओं का कारण बनने वाले दो महत्वपूर्ण तत्व तापमान और वर्षा हैं।
उदाहरण के लिए गर्मियों में राजस्थान में तापमान लगभग 50 डिग्री और उसी दिन जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में लगभग 20 डिग्री होता है।
इसी तरह द्रास में सर्दियों की रात का तापमान शून्य से 45 डिग्री कम और तिरुवनंतपुरम में 20 डिग्री हो सकता है।

प्रश्न6. मानसून की क्रियाविधि की विवेचना कीजिए।

उत्तर: ग्रीष्म ऋतु में जैसे-जैसे भूमि गर्म होती है, वायु ऊपर उठती है और भूमि पर निम्न दाब का क्षेत्र निर्मित होता है और दूसरी ओर हिंद महासागर में उच्च दाब का क्षेत्र निर्मित होता है। हवा उच्च दबाव वाले क्षेत्रों से कम दबाव वाले क्षेत्रों की ओर चलती है। कम दबाव वाली भूमि प्रणाली दक्षिण-पूर्व व्यापारिक हवाओं को आकर्षित करती है लेकिन कोरिओलिस बल के कारण भूमध्य रेखा को पार करने के बाद, भारतीय उपमहाद्वीप पर हवाएं कम दबाव वाले क्षेत्रों की ओर मुड़ जाती हैं। ये हवाएँ दक्षिण-पश्चिम दिशा में बहने लगती हैं और दक्षिण-पश्चिम मानसून के रूप में भारतीय प्रायद्वीप में प्रवेश करती हैं। जैसे ही यह भारत पहुंचता है, मानसून दो शाखाओं में विभाजित हो जाता है - अरब सागर शाखा और बंगाल की खाड़ी शाखा।

प्रश्न7. मौसम की स्थिति और ठंड के मौसम की विशेषताओं का विवरण दें।

उत्तर: उत्तर भारत में ठंड का मौसम नवंबर से शुरू होकर फरवरी तक रहता है। दिसंबर और जनवरी भारत के उत्तरी भाग में सबसे ठंडे महीने हैं।

(i) मौसम सामान्य रूप से स्पष्ट आकाश, कम तापमान, कम आर्द्रता और कमजोर परिवर्तनशील हवाओं द्वारा चिह्नित होता है।

(ii) दिन गर्म और रातें ठंडी होती हैं। उत्तर में पाला पड़ना आम है और हिमालय के ऊंचे ढलानों पर हिमपात होता है।

(iii) इस मौसम के दौरान, उत्तर-पूर्व व्यापारिक हवाएँ भूमि से समुद्र की ओर चलती हैं और इसलिए देश के अधिकांश हिस्सों में यह शुष्क मौसम होता है। इन हवाओं से तमिलनाडु तट पर कुछ मात्रा में वर्षा होती है क्योंकि ये समुद्र से जमीन की ओर चलती हैं।

(iv) उत्तरी मैदानी इलाकों में ठंड के मौसम की एक विशेषता पश्चिम और उत्तर-पश्चिम से चक्रवाती विक्षोभ का प्रवाह है। निम्न दबाव प्रणाली भूमध्य सागर और पश्चिमी एशिया के ऊपर से निकलती है और पश्चिमी प्रवाह के साथ भारत में चली जाती है। वे मैदानी इलाकों में बहुत जरूरी सर्दियों की बारिश और पहाड़ों में बर्फबारी का कारण बनते हैं।

(v) हालांकि, स्थानीय रूप से 'महावत' के रूप में जानी जाने वाली शीतकालीन वर्षा की कुल मात्रा कम है, लेकिन 'रबी' फसलों की खेती के लिए इसका अत्यधिक महत्व है।

(vi) प्रायद्वीपीय क्षेत्र में शीत ऋतु सुपरिभाषित नहीं होती है। सर्दियों के दौरान समुद्र के मध्यम प्रभाव के कारण तापमान पैटर्न में शायद ही कोई ध्यान देने योग्य परिवर्तन होता है।

प्रश्न 8. भारत में मानसूनी वर्षा की विशेषताएँ और प्रभाव बताइए।

उत्तर:

भारत में मानसूनी वर्षा के लक्षण और प्रभाव:

1. भारत की जलवायु को 'मानसून' प्रकार के रूप में वर्णित किया गया है। मानसून वर्ष के दौरान हवा की दिशा में मौसमी उलटफेर को दर्शाता है।

2. मानसून की अवधि जून की शुरुआत से सितंबर के मध्य तक 100-120 दिनों के बीच होती है।

3. इसके आने के समय के आसपास सामान्य वर्षा अचानक से बढ़ जाती है और कई दिनों तक लगातार चलती रहती है। इसे मानसून का 'विस्फोट' कहा जाता है।

4. मानसून में 'ब्रेक' होने की प्रवृत्ति होती है, जिसका अर्थ है कि इसमें गीला और सूखा समय होता है। मानसून की बारिश एक बार में कुछ दिनों के लिए ही होती है।

5. मानसून अपनी अनिश्चितताओं के लिए जाना जाता है।

मानसून के प्रभाव

1. भारत एक कृषि प्रधान देश रहा है, जिसकी जनसंख्या का 50% से अधिक हिस्सा है

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