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14. विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव Class 8 Science [LATEST] Solutions पाठ-गत अध्याय in Hindi - CBSE Study

14. विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव Science Class 8 exercise - [LATEST] Solutions पाठ-गत अध्याय cbse board school study materials like cbse notes in Hindi medium, all chapters and exercises are covered the ncert latest syllabus 2026 - 27.

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14. विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव Class 8 Science [LATEST] Solutions पाठ-गत अध्याय in Hindi - CBSE Study

NCERT Solutions for Class 8 Science are carefully prepared according to the latest CBSE syllabus and NCERT textbooks to help students understand every concept clearly. These solutions cover all important 14. विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव with detailed explanations and step-by-step answers for better exam preparation. Each पाठ-गत अध्याय is explained in simple language so that students can easily grasp the fundamentals and improve their academic performance. The study material is designed to support daily homework, revision practice, and final exam preparation for Class 8 students. With accurate answers, concept clarity, and structured content, these NCERT solutions help learners build confidence and score higher marks in their examinations. Whether you are revising a specific topic or preparing an entire chapter, this resource provides reliable and syllabus-based guidance for complete success in Science.

Class 8 English Medium Science All Chapters:

14. विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव

2. पाठ-गत अध्याय

अभ्यास - प्रश्न:

प्रश्न: रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-

(a) विद्युत् चालन करने वाले आधिकांश द्रव ................... , .................... तथा ................... के विलयन होते हैं|

(b) किसी विलयन से विद्युत् धारा प्रवाहित होने पर ........................ प्रभाव उत्पन्न होता हैं|

(c) यादी कॉपर सल्फेट विलयन से विद्युत् धरा प्रवाहित की जाए तो कॉपर बैटरी ................. टर्मिनल से संयोजित प्लेट पर निक्षेपित होता हैं|

(d) विद्युत् धरा किसी पदर्थ पर वांछित धातु की परत निक्षेपित करने की प्रक्रिया को ................ कहते हैं| 

उत्तर: 

(क) अम्लों, क्षारकों तथा लवणों

(ख) चुम्बकीय

(ग) ऋण

(घ) विद्युत् लेना|

प्रश्न: जब किसी संपरिक्षित्र के स्वतंत्र सिरों को किसी विलयन में डुबोते हैं तो चुबकिय सुई विक्षेपित होती हैं| क्या आप ऐसा होने के कारण की व्याख्या कर सकते हैं|

उत्तर: जब किसी संपरीक्षित्र के स्वतंत्र सिरों को किसी विलयन में डुबोते हैं तो विद्युत् धरा चुम्बकीय प्रभाव उत्पन्न कराती हैं फलस्वरूप चुबकिय सुई विक्षेपित होती हैं| विद्युत् धारा के दुर्बल होने पर भी चुम्बकीय सुई विक्षेपित होती हैं| चुम्बकीय सुई का विक्षेपन विद्युत् धारा पर निर्भर करता हैं| विद्युत् धरा का प्रभाव जितना अधिक होगा, चुम्बकीय सुई का विस्खेप्न भी उतना ही अधिक होगा|

प्रश्न: ऐसे तीन द्रवों के नाम लिखिए जिनका परिस्खं चित्र 14.9 से दर्शाए अनुसार करने पर चुंबकीय सुई विक्षेपित हो सके|

 ऐसे तीन द्रवों के नाम लिखिए जिनका परीक्षण चित्र में दर्शाए अनुसार करने पर  चुंबकीय सुई विक्षेपित हो सके।

उत्तर: 

1. टोंटी का पानी

2. कॉपर सल्फेट

3. निम्बू का पानी

प्रश्न: चित्र 14.10 में दर्शायी फै व्यवस्था में बल्ब नहीं जलता| क्या आप संभावित कारणों की सूची बन सकते हैं| अपने उत्तर की व्याख्या कीजिए|

चित्र में दर्शायी गई व्यवस्था में बल्ब नहीं जलता। क्या आप सम्भावित कारणों  की सूचि बना सकते हैं? अपने उत्तर की व्याख्या कीजिए। from विज्ञान ...

उत्तर: यदि चित्रानुसार व्यवस्था में बल्ब नहीं जलाता है तो इसके संभावित कारण निम्न हो सकते हैं:

- बहुत दुर्बल विद्युत् धरा होने के कारण तंतु गर्म नहीं पा रहा इस कारण बल्ब दीप्त नहीं हो रहा|

- प्रयोग में लाये गए विलयन द्वारा विलयन द्वारा विद्युत् धरा प्रवाहित नहीं होती|

प्रश्न: दो द्रवों A तथा B के विद्युत् देखा गया कि संपरीक्षित्र का बल्ब द्रव A के लिए चमकीला दीप्त हुआ जबकि द्रव B के लिए अत्यंत धीमा दीप्त हुआ| आप निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि:

(i) द्रव A, द्रव B से अच्छा चालक हैं|

(ii) द्रव B, द्रव A से अच्छा चालक हैं| 

(iii) दोनों द्रव की चालकता समान|

(iv) द्रवों की चालकता के गुणों की तुलना इस प्रकार नहीं की जा सकती|

उत्तर: (i) द्रव A, द्रव B से अच्छा चालक हैं|

प्रश्न: क्या शुद्ध जल विद्युत् का चालन करत हैं? यदि नहीं, तो इसे चालाक बनाने के लिए हम क्या कर सकते हैं?

उत्तर: नहीं, शुद्ध जल विद्युत् का चालन नहीं करता| चूंकि लवण विद्युत् के अच्छे चालक होते है अत: हम शुद्ध जल में नमक, चीनी(साधारण लवण) घोलकर इसे चालक बन सकते हैं|

प्रश्न: आग लगने के समय, फायरमैन पानी के हौज़ (पाइपों) का उपयोग करने से पहले उस क्षेत्र की मुख्य विद्युत् आपूर्ति को बंद कर देते हैं| व्याख्या कीजिए कि वे ऐसा क्यों करते हैं|

उत्तर: चूंकि लवण विद्युत् के अच्छे चालक होते हैं तथा साधारण पानी में ये पाए जाते हैं| अत: साधारण पानी विद्युत् का सुचालक हैं इस कारण आग लगने के समय, फायरमैन पानी के हौज का उपयोग करने से पहले उस क्षेत्र की मुख्य विद्युत् आपूर्ति बंद कर देते हैं| छिड़काव के दौरान संभवत: कुछ पानी विद्युत् बोर्ड तक जा सकता हैं जिससे सारे क्षेत्र में विद्युत् प्रवाह का खतरा होगा| जान, माल की हानि से बचना भी एक कारण हैं|

प्रश्न: तटीय क्षेत्र में रहने वाला एक बालक अपने संपरीक्षित से पीने के पानी तथा समुद्र के पानी का परीक्षण करता हैं| वह देखता हैं कि समुद्र के पानी के लिए चुंबकीय सुई अधिक विक्षेप दर्शाती हैं| क्या आप इसके कारण की व्याख्या कर सकते हैं?

उत्तर: हम जानते हैं कि ;लवण विद्युत् के अच्छे चालाक होते हैं| समुद्र के पानी के लिए चुम्बकीय सुई का विक्षेप अधिक हैं क्योंकि समुद्र का पानी संपरीक्षित्र के पानी से अधिक लवणयुक्त हाकिं अर्थात् विद्युत् का सुचालक हैं|

प्रश्न: क्या तेज़ वर्षा के समय किसी लाइनमैन के लिए बाहरी मुख्य लाइन के विद्युत् तारों की मरम्मत करना सुरक्षित होता हैं? व्याख्या कीजिए|

उत्तर: नहीं, पानी विद्युत् का सुचालक होता हैं अत: तेज़ वर्षा के मसय किसी लाइनमैन के लिए बाहरी मुख्य लाइन के विद्युत् तारों की मरम्मत करना सुरक्षित नहीं हैं| वर्षा के दौरान विद्युत् प्रवाह का दशा में लाइनमैन को भारी झटका लग सकता हैं जिस कारण उसकी मृत्यु भी होस सकती हैं| 

प्रश्न: पहेली ने सुना था कि वर्षा का जल उतना ही शुद्ध हैं जितना कि आसुत जल| इसलिए उसने एक स्वच्छ काँच के बर्तन में कुछ वर्षा का जल एकत्रित करके संपरीक्षित से उसका परीक्षण किया| उसे यह देखकर आश्चर्य हुआ कि चुंबकीय सुई विक्षेप दर्शाती हैं| इसा क्या कारण होस सकता हैं?

उत्तर: वर्षा का जल काँच के वर्तन में इकट्ठा करके उसक संपरीक्षित परीक्षण करने पर चुम्बकीय सुई विक्षेप दिखाती हैं| इसके कई कारण हो सकते हैं -

1. वर्षा का जल वायुमंडल के सम्पर्क में आकर अशुद्धियों से युक्त हो जाता हैं|

2. काँच के साफ़ बर्तन में भी अशुद्धियों होने की संभावना हैं|

हम जानते हैं कि लवण विद्युत् के अच्छे चालक होते हैं| आसुत जल में नमक मिलाकर उसे भी विद्युत् सुचालक बन सकते हैं| वर्षा का जल यदि अशुद्ध हो तो चुम्कीय विक्षेप दर्शाता हैं|

प्रश्न: आपने आस - पास उपलब्ध विद्युलेपित वस्तुओं की सूची बनाइए-

उत्तर: विद्युतलेपित वस्तुओं की सूची निम्न हैं:

1. पानी की टोंटी

2. कार के संवेदनशील भाग

3. नए अलमारी

4. लोहे की वस्तुओं पर पेंट द्वारा जिंक की परत

5. रसोई के बर्तन 

प्रश्न: जो प्रक्रिया आपने क्रियाकलाप 14.7 में देखी वह कॉपर के शोधन में उपयोगी होती हैं| एक पतली शुद्ध कॉपर छड एवं एक अशुद्ध कॉपर की छड इलेक्ट्रोड के रूप में उपयोग की जाती हैं| कौन - सा इलेक्ट्रोड बैटरी के धन टर्मिनल से संयोजित किया जाए| कारण भी लिखिए?

उत्तर: अशुद्ध कॉपर की छड को धन टर्मिनल से संयोजित किया जाना चाहिए, अशुद्ध छड का कॉपर विलयन में मिलेगा तथा कॉपर ऋण टर्मिनल से जुड़े शुद्ध कॉपर की छड पर जमा होगा|

अशुद्ध कॉपर की छड को धन टर्मिनल से संयोजित इया जाना चाहिए क्योंकि, अशुद्ध छड का कॉपर विलयन में मिलेगा तथा शुद्ध कॉपर की छड पर जमा होगा|

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