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Chapter 6. संचार माध्यमों को समझना Class 7 Civics [LATEST] Solutions अतिरिक्त - प्रश्न in Hindi - CBSE Study

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Chapter 6. संचार माध्यमों को समझना Class 7 Civics [LATEST] Solutions अतिरिक्त - प्रश्न in Hindi - CBSE Study

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Chapter 6. संचार माध्यमों को समझना

3. अतिरिक्त - प्रश्न

अतिरिक्त - प्रश्न:


प्रश्न: मास-मिडिया से आप क्या समझते हैं?

उत्तर: टी.वी., रेडियो और अखबार-संचार माध्यमों वेफ ऐसे रूप हैं, जिनकी पहुँच लाखों लोगों तक है, देश और विदेश के जनसमूह तक है, इसीलिए इन्हें जनसंचार माध्यम या ‘मास-मीडिया’ कहते हैं।

प्रश्न: प्रजातंत्रा में संचार माध्यम किस प्रकार महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं?

उत्तर: 

(i) संचार माध्यमों से नागरिक जान सकते हैं कि सरकार किस प्रकार काम कर रही है।

(ii) इन समाचारों वेफ आधार पर कार्रवाई भी कर सकते हैं। 

(iii) वे संबंधित मंत्री को पत्र लिखकर, सार्वजनिक विरोध् आयोजित करके, हस्ताक्षर अभियान आदि चलाकर सरकार से पुनः उसके कार्यक्रम पर विचार करने का आग्रह करके कर सकते हैं।

प्रश्न: संचार माध्यमों में तकनीकी परिवर्तन से क्या लाभ हुआ है?

उत्तर: 

(i) तकनीक तथा मशीनों को बदल कर अत्याधुनिक बनाने से संचार माध्यमों को अधिक लोगों तक पहुँचने में मदद मिलती है।

(ii) इससे ध्वनि और चित्रों की गुणवत्ता में सुधार आता है। 

(iii) यह हमारे जीवन के बारे में सोचने के ढंग में परिवर्तन लाती है।

प्रश्न: एक तरीका बताइए जिसके द्वारा जनसंचार माध्यम धन अर्जित करते हैं?

उत्तर: विज्ञापन।

प्रश्न: अधिकांश टी.वी. चैनल और समाचारपत्र किसी बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठान का भाग होते हैं। कोई दो कारण दीजिए? 

उत्तर:

(i) जहाँ पर समाचारवाचक बैठता है। इसमें लाइटें, कैमरे, ध्वनि रिकॉर्ड करने के यंत्र, संप्रेषण के लिए सेटेलाइट आदि हैं। इन सभी का मूल्य बहुत अधिक है।

(ii) नवीनतम तकनीक जुटाने पर भी बहुत धन व्यय होता है। इन खर्चों के कारण जनसंचार माध्यमों को अपना काम करने के लिए बहुत अधिक धन की आवश्यकता होती है।

प्रश्न: सेंसरशिप किसे कहते है?

उत्तर: जब सरकार, समाचार के किसी अंश, फिल्म के किसी दृश्य या गीत की किसी अभिव्यक्ति को जनसमुदाय तक पहुँचने से प्रतिबंधित करती है तो इसे सेंसरशिप कहा जाता है।

प्रश्न: लोकतंत्र में स्वतंत्र संचार माध्यमों का होना अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। क्यों?

उतर: संतुलित रिपोर्ट लिख पाना, संचार माध्यमों के स्वतंत्र होने पर निर्भर करता है। स्वतंत्र संचार माध्यमों से तात्पर्य यह है कि उनके द्वारा दिए जाने वाले समाचारों को कोई भी नियंत्रित या प्रभावित न करे। समाचार का विवरण देने में कोई भी उन्हें निर्देशित न करे कि उसमें क्या सम्मिलित किया जाना है और क्या नहीं।

प्रश्न: भारत सरकार ने संचार माध्यमों के उपर सेंसर कब लगाया था?

उतर: 1975 - 77 तक आपातकाल में।

प्रश्न: सरकार द्वारा सेंसरशिप न होने पर भी आजकल अधिकांश समाचारपत्र संतुलित विवरण देने में असफल रहते हैं। क्यों?

उतर: 

(i) क्योंकि संचार माध्यमों पर व्यापारिक प्रतिष्ठानों का नियंत्रण है।

(ii) कई बार किसी विवरण के एक पक्ष पर ही ध्यान वेंफद्रित कराना इनवेफ हित में होता है।

प्रश्न: सार्वजनिक विरोध् से क्या तात्पर्य है?

उतर: इसमें विशाल संख्या में लोग एकजुट होकर किसी विषय पर खुले रूप में अपना विरोध प्रकट करते हैं। यह प्रायः रैली आयोजन, हस्ताक्षर अभियान तथा सड़कों को अवरूद्ध (करके किया जाता है।

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