10. जीवों में श्वसन Class 7 Science [LATEST] Solutions अभ्यास-प्रश्नोत्तर in Hindi - CBSE Study
NCERT Solutions for Class 7 Science are carefully prepared according to the latest CBSE syllabus and NCERT textbooks to help students understand every concept clearly. These solutions cover all important 10. जीवों में श्वसन with detailed explanations and step-by-step answers for better exam preparation. Each अभ्यास-प्रश्नोत्तर is explained in simple language so that students can easily grasp the fundamentals and improve their academic performance. The study material is designed to support daily homework, revision practice, and final exam preparation for Class 7 students. With accurate answers, concept clarity, and structured content, these NCERT solutions help learners build confidence and score higher marks in their examinations. Whether you are revising a specific topic or preparing an entire chapter, this resource provides reliable and syllabus-based guidance for complete success in Science.
Class 7 English Medium Science All Chapters:
10. जीवों में श्वसन
2. अभ्यास-प्रश्नोत्तर
अभ्यास - प्रश्नोत्तर:
प्रश्न1: कोई धावक दौड़ समाप्त होने पार सामने से अधिक ते जि से गहरी साँसें क्यों लेता हैं ?
उत्तर: धावक कप दौड़ाने के लिए, अपनानी ऊर्जाका बहुत उपयोग करना पड़ता हैं| वह ऊर्जा ग्लूकोज के टूटने से आती है जो ऊर्जा का त्वरित स्रोत हैं ग्लूकोज के टूटने केके लिए अतिरिक्त ऑक्सीजन कई आवश्यकता होती हैं| धावक अधिक तेजी से गहरी साँसे इसलिए लेता हैं| क्योंकि उसे अपनी मांसपेशियों की कोशिकाओं में ऑक्सीजन कई आपूर्ति करने कई जरूरत पड़ती हैं |
प्रश्न2: वातावीय और अवायवीय श्वसन के बीच समानताएं और अंतर बताइए ?
उत्तर: वायावीय और अवायवीय श्वसन में समानता इस प्रकार हैं -
(i) वायवीय और आवायावीय श्वसन दोनों में ही भोजन ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए टूट जाता हैं|
(ii) वायवीय और अवायवीय श्वसन दोनों में ही कार्बन डाईऑक्साइड उत्पन्न होती हैं
वायवीय और आवायावीय श्वसन में अंतर इस प्रकार हैं -
वायवीय :-
(a) वायवीय श्वसन में ग्लूकोज के ऑक्सीकरण के लिए ऑक्सीजन का प्रयोग होता हैं |
(b) वायवीय श्वसन में ग्लूकोज के एक अणु के ऑक्सीकरण से 38 ए.टी.पी. अणु बनाते हैं |
(c) वायवीय श्वसन में केवल आरंभिक चरण कोशिकाद्र्व्य में होते हैं, लेकिन अधिकार माईटोकॉिनिड़या में होते हैं |
(d) वायवीय श्वसन में अंतिम उत्पाद कार्बन डाईऑक्साइड, पानी तथा ऊर्जा हैं |
अवायवीय :-
(a) अवायवीय श्वसन में ऑक्सीजन प्रयुक्त नहीं होती |
(b) अवायवीय श्वसन में ग्लूकोज के एक अणु के ऑक्सीकरण से केवल 2 ए. टी. पी. बनाते हैं |
(c) अवायवीय श्वसन में केवल कोशिकाद्र्व्य में होता हैं|
(d) अवायवीय श्वसन में अतिंम उत्पाद कार्बन डाईऑक्साइड, एथेनॉल या लैक्टिक अम्ल है और थोड़ी सी ऊर्जा भी उत्सर्जित होती हैं|
प्रश्न3: जब हम अत्यधिक धुल भरी वायु में साँस लेते है, तो हमें छींक क्यों आ जाती हैं ?
उत्तर: छींकने से साँस की हवा से विदेशी कणों का निष्कासन होता हैं, जिससे केवल स्वच्छ हवा ही हमारे अन्दर प्रवेश करती हैं| ऐसा आमतौर पर ऊपरी श्वसन के मार्ग में जलन के कारण होता हैं और वे हमारे नाक गुहा में फंसा जाते हैं धुँआ, धूल, पराग, आदि कुछ अवांछित कण हैं जो छींकने का कारण होते हैं|
प्रश्न4: तीन परख्नालियाँ लीजिए| प्रत्येक को 3/4 भाग तक जल इ भार लीजिए| इन्हें A, B तथा C द्वारा चिहिन्त कीजिए| परखनली A में एक घोंघा रखिए|
उत्तर: 2. परखनली C में कार्बन डाईऑक्साइड की सांद्रता सबसे होगी क्योंकि इस परखनली में घोंघा और पौधा दोनों ही साँस के रूप में ऑक्सीजन को उपयोग कर कार्बन डाईऑक्साइड को उत्पन्न करेंगे|
प्रश्न5: सही उत्तर पर (सही) का निशान लगाएं|
1. तिलचट्टों के शरीर में वायु प्रवेश करती हैं, उनके
(i) फेफड़ों द्वारा
(ii) क्लोमो द्वारा
(iii) स्वास रंध्रों द्वारा
(iv) त्वचा द्वारा
उत्तर: (iii) स्वास रंध्रों द्वारा|
2. अत्यधिक व्यायाम करते समय हमारी टांगों में जिस पदार्थ के संचयन एंठन होती हैं, वह हैं
(i) कार्बन डाईऑक्साइड
(ii) लैक्टिक अम्ल
(iii) अल्कोहल
(iv) जल
उत्तर: (ii) लैक्टिक अम्ल|
3. किसी सामान्य व्यस्क व्यक्ति की विश्राम अवस्था में औसत स्वसन दर होती हैं|
(i) 9-12 प्रति मिनट
(ii) 15-18 प्रति मिनट
(iii) 21-24 प्रति मिनट
(iv) 30-33 प्रति मिनट
उत्तर: (ii) 15-18 प्रति मिनट|
4. उच्छ्सन के समय, पसलियाँ
(i) बाहर की और गति करती है
(ii) नीचे की और गति करती हैं
(iii) ऊपर की और गति करती हैं
(iv) बिलकुल गति नहीं करती हैं
उत्तर: (ii) नीचे की और गति करती है|
प्रश्न6: कॉलम A में दी गए कॉलम B के साथ मिलान कीजिए-
कॉलम A कॉलम B
1. यीस्ट| (क) केंचुआ
2. डायफ्राम(मध्यपट) (ख) क्लोम
3. त्वचा| (ग) अल्कोहल
4. पत्तियां| (घ) वक्ष - गुहा
5. मछली| (ड) रंध्र
6. मेंढक| (च) फेफड़े और त्वचा
(छ) श्वासनप्राणाली
उत्तर:
कॉलम A कॉलम B
1. यीस्ट| (क) अल्कोहल
2. डायफ्राम(मध्यपट) (ख) वक्ष - गुहा
3. त्वचा| (ग) केंचुआ
4. पत्तियां| (घ) रंध्र
5. मछली| (ड) क्लोम
6. मेंढक| (च) फेफड़े और त्वचा
प्रश्न7: बताइए कि निमालिखित वक्तव्य 'सत्य' हैं अथवा 'असत्य'-
(क) अत्यधिक व्यायाम करते समय शक्ति की श्वसन दर धीमी हो जाती हैं|
(ख) पादपों में प्रकाश संश्लेष्ण केवल दिन में जबकि श्वसन केवल रात्रि में होता हैं|
(ग) मेंढक अपनी त्वचा के अतिरिक्त फेफड़ों से भी श्वसन करते हैं|
(घ) मछलियों में श्वसन के समय के लिए फेफड़े होते हैं|
(ड) अतं: श्वसन के समय वक्ष - गुहों का आयतन बढ़ जाता हैं|
उत्तर:
(क) असत्य
(ख) असत्य
(ग) सत्य
(घ) असत्य
(ड) सत्य
प्रश्न8: दी गई पहेली के प्रतेक वर्ग में जीवों के श्वसन से संबधित हिंदी वर्णाक्षर अथवा संयुक्ताक्षर दिए गए हैं| इसको मिलाकर जीवों तथा उनके श्वसन अंगों से संबधित शब्द बनाए जा सकते हैं| शब्द वर्गी के जाल में किसी भी दिशा में, ऊपर, नीचे अथवा भी कारण में पाए जा सकते हैं| श्वसन तंत्र तथा जीवों के नाम खोजिए|
1. कीटों की वायु नालियां
2. वक्ष - गुहा को घेरों हुए हड्डियों की संरचना
3. वक्ष - गुहा का पेशीय तल
4. पत्ती की सतह पार सूक्ष्म छिद्र
5. कीट के शरीर के पार्श्व भागों के छोटे छिद्र
6. मनुष्य के श्वसन अंग
7. वे छोटे छिद्र जिनसे हम साँस भीतर लेते करते हैं|
उत्तर:
1. कीटों की वायु नालियाँ - श्वसन
2. वक्ष - गुहा को घेरे हुए हड्डियों की संरचना - पसलियाँ
3. वक्ष - गुहा का पेशीय तल - डायाफ्राम
4. पत्ती की सतह पार सूक्ष्म छिद्र - रंध्र
5. कीट के शरीर के पार्श्व भागों छिद्र - श्वसन रंध्र
6. मनुष्यों के श्वसन अंग - फेफड़े
7. वे छिद्र जिनसे हम साँस भीतर लेते करते हैं - नासा द्वार
8. एक अवायवीय जीव - यीस्ट
9. श्वसन तंत्र वाला एक जीव - तिलचट्टा
प्रश्न9: पर्वतारोही अपने साथ ऑक्सीजन का सिलेंडर लि जाते हैं, क्योंकि
(क) 5Km से अधिक ऊचाई पर वायु नहीं होती हैं|
(ख) वहाँ उपलब्ध वायु की मात्रा भूतल पार उपलब्ध वायु की मात्रा से काम होती हैं|
(ग) वहां वायु का ताप भूतल के ताप से आधिक होता हैं|
(घ) पर्वत पर वायुदाब बोतल की अप्रेक्षा अधिक होता हैं|
उत्तर: (ख) वहाँ उपलब्ध वायु की मात्रा भूतल पार उपलब्ध वायु की मात्रा से काम होती हैं|
Topic Lists: