Chapter 5. लंबाई एवं गति का मापन Class 6 Science Curiosity [LATEST] Solutions Extra Questions Examination Based in Hindi - CBSE Study
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Class 6 English Medium Science Curiosity All Chapters:
Chapter 5. लंबाई एवं गति का मापन
3. Extra Questions Examination Based
Chapter 5. लंबाई एवं गति का मापन
इस अनुभाग में अध्याय के सभी महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित परीक्षा उपयोगी प्रश्न दिए गए हैं। ये प्रश्न सीबीएसई परीक्षा, विद्यालयी परीक्षाओं तथा अवधारणात्मक समझ को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं।
Important Questions with Answers (महत्वपूर्ण प्रश्न एवं उत्तर)
इन प्रश्नों का नियमित अभ्यास करने से विद्यार्थी अध्याय के सभी महत्वपूर्ण विषयों को अच्छी तरह समझ सकते हैं तथा परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।
1 Mark Questions (1 अंक के प्रश्न)
प्रश्न 1. लंबाई का SI मात्रक क्या है?
उत्तर: मीटर (m)।
प्रश्न 2. 1 मीटर में कितने सेंटीमीटर होते हैं?
उत्तर: 100 सेंटीमीटर।
प्रश्न 3. 1 सेंटीमीटर में कितने मिलीमीटर होते हैं?
उत्तर: 10 मिलीमीटर।
प्रश्न 4. लंबाई मापने का सबसे सामान्य उपकरण कौन-सा है?
उत्तर: मीटर स्केल।
प्रश्न 5. वक्र रेखा की लंबाई किसकी सहायता से मापी जा सकती है?
उत्तर: धागे की सहायता से।
प्रश्न 6. संदर्भ बिंदु क्या होता है?
उत्तर: वह निश्चित बिंदु जिसके सापेक्ष किसी वस्तु की स्थिति बताई जाती है।
प्रश्न 7. गति किसे कहते हैं?
उत्तर: समय के साथ किसी वस्तु की स्थिति में परिवर्तन होना गति कहलाता है।
प्रश्न 8. विराम अवस्था क्या है?
उत्तर: जब वस्तु की स्थिति समय के साथ नहीं बदलती।
प्रश्न 9. सरल रेखीय गति किसे कहते हैं?
उत्तर: सीधी रेखा में होने वाली गति।
प्रश्न 10. वृत्तीय गति का एक उदाहरण लिखिए।
उत्तर: घड़ी की सुई की गति।
2 Marks Questions (2 अंक के प्रश्न)
प्रश्न 1. मानक मात्रकों की आवश्यकता क्यों पड़ी?
उत्तर:
- प्राचीन मात्रक सभी व्यक्तियों के लिए समान नहीं थे।
- सटीक एवं समान मापन के लिए मानक मात्रकों को अपनाया गया।
प्रश्न 2. मापन करते समय दो सावधानियाँ लिखिए।
उत्तर:
- स्केल वस्तु के समानांतर रखें।
- आँख को स्केल के ठीक ऊपर रखें।
प्रश्न 3. संदर्भ बिंदु का महत्व लिखिए।
उत्तर:
- यह किसी वस्तु की स्थिति बताने में सहायता करता है।
- गति या विराम का निर्धारण संदर्भ बिंदु के आधार पर किया जाता है।
प्रश्न 4. गति एवं विराम में दो अंतर लिखिए।
उत्तर:
- गति में स्थिति बदलती है, विराम में नहीं बदलती।
- गतिशील वस्तु चलती है, जबकि विराम अवस्था में वस्तु स्थिर रहती है।
प्रश्न 5. वक्र रेखा की लंबाई कैसे मापी जाती है?
उत्तर:
- धागे को वक्र रेखा पर सावधानी से रखा जाता है।
- धागे को सीधा करके स्केल से उसकी लंबाई मापी जाती है।
3 Marks Questions (3 अंक के प्रश्न)
प्रश्न 1. प्राचीन एवं मानक मात्रकों में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
- प्राचीन मात्रक व्यक्ति के अनुसार बदल जाते थे, जबकि मानक मात्रक सभी स्थानों पर समान होते हैं।
- प्राचीन मात्रकों से सटीक मापन संभव नहीं था।
- मीटर, सेंटीमीटर एवं किलोमीटर मानक मात्रकों के उदाहरण हैं।
प्रश्न 2. लंबाई मापते समय किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
उत्तर:
- स्केल को वस्तु के समानांतर रखें।
- मापन शून्य चिह्न से प्रारंभ करें।
- आँख को स्केल के ठीक ऊपर रखें ताकि Parallax Error न हो।
- यदि स्केल टूटा हो तो किसी अन्य अंक से मापन प्रारंभ करें।
प्रश्न 3. गति के चार प्रकारों का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
उत्तर:
- सरल रेखीय गति – सीधी रेखा में होने वाली गति।
- वृत्तीय गति – वृत्ताकार मार्ग पर होने वाली गति।
- दोलन गति – आगे-पीछे होने वाली गति।
- घूर्णन गति – अपनी धुरी पर घूमने वाली गति।
प्रश्न 4. संदर्भ बिंदु क्या है? उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर:
संदर्भ बिंदु वह निश्चित स्थान होता है जिसके सापेक्ष किसी वस्तु की स्थिति बताई जाती है। उदाहरण के लिए यदि बस स्टैंड को संदर्भ बिंदु माना जाए, तो विद्यालय की दूरी उसी के आधार पर बताई जा सकती है। संदर्भ बिंदु बदलने पर स्थिति का वर्णन भी बदल सकता है।
प्रश्न 5. एक ही वस्तु अलग-अलग व्यक्तियों के लिए गतिशील और स्थिर कैसे हो सकती है?
उत्तर:
गति हमेशा संदर्भ बिंदु पर निर्भर करती है। चलती हुई बस में बैठा यात्री बस के सापेक्ष स्थिर दिखाई देता है, जबकि सड़क पर खड़े व्यक्ति को वही यात्री गतिशील दिखाई देता है। इसलिए गति सापेक्ष होती है।
Long Answer Questions (दीर्घ उत्तरीय प्रश्न)
प्रश्न 1. लंबाई मापन के लिए मानक मात्रकों की आवश्यकता क्यों पड़ी? SI मात्रक प्रणाली का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
प्राचीन समय में लोग हाथ, बालिश्त, अँगुल तथा कदम जैसे पारंपरिक मात्रकों से लंबाई मापते थे। ये सभी व्यक्तियों के अनुसार बदल जाते थे, इसलिए सटीक मापन संभव नहीं था। इसी समस्या को दूर करने के लिए अंतरराष्ट्रीय मानक मात्रक प्रणाली (SI System) अपनाई गई।
- लंबाई का SI मात्रक मीटर (m) है।
- 1 किलोमीटर = 1000 मीटर।
- 1 मीटर = 100 सेंटीमीटर।
- 1 सेंटीमीटर = 10 मिलीमीटर।
- आज विज्ञान, उद्योग, शिक्षा एवं व्यापार में इन्हीं मानक मात्रकों का प्रयोग किया जाता है।
प्रश्न 2. लंबाई मापने की सही विधि का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
- वस्तु के साथ स्केल को समानांतर रखें।
- शून्य चिह्न से मापन प्रारंभ करें।
- आँख को स्केल के ठीक ऊपर रखें।
- यदि स्केल का सिरा टूटा हो तो किसी अन्य अंक से मापन प्रारंभ करें।
- वक्र रेखा की लंबाई धागे की सहायता से मापी जाती है।
प्रश्न 3. संदर्भ बिंदु, स्थिति, गति एवं विराम को उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर:
किसी वस्तु की स्थिति बताने के लिए एक निश्चित स्थान चुना जाता है, जिसे संदर्भ बिंदु कहते हैं। यदि समय के साथ वस्तु की स्थिति बदलती है, तो वह गति में होती है। यदि स्थिति नहीं बदलती, तो वह विराम अवस्था में होती है।
उदाहरण के लिए, चलती हुई ट्रेन में बैठा यात्री ट्रेन के सापेक्ष स्थिर है, जबकि प्लेटफॉर्म पर खड़े व्यक्ति के सापेक्ष गतिशील है। इससे स्पष्ट होता है कि गति संदर्भ बिंदु पर निर्भर करती है।
प्रश्न 4. गति के विभिन्न प्रकारों का उदाहरण सहित वर्णन कीजिए।
उत्तर:
- सरल रेखीय गति: सीधी सड़क पर चलती कार।
- वृत्तीय गति: घड़ी की सुई अथवा पंखे के पंख।
- दोलन गति: झूले का आगे-पीछे चलना।
- घूर्णन गति: लट्टू अथवा पृथ्वी का अपनी धुरी पर घूमना।
- कई वस्तुओं में एक से अधिक प्रकार की गतियाँ एक साथ हो सकती हैं।
प्रश्न 5. दैनिक जीवन में सही मापन एवं गति के अध्ययन का महत्व स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
सही मापन विज्ञान एवं दैनिक जीवन का आधार है। भवन निर्माण, सड़क निर्माण, कपड़ा उद्योग, खेल प्रतियोगिताओं, चिकित्सा तथा वैज्ञानिक प्रयोगों में सटीक मापन आवश्यक होता है। गति का अध्ययन परिवहन, मशीनों, वाहनों, अंतरिक्ष विज्ञान तथा खेल विज्ञान में अत्यंत महत्वपूर्ण है। सही मापन एवं गति की जानकारी से कार्य अधिक सुरक्षित, सटीक एवं प्रभावी बनते हैं।
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