Chapter 8. ग्रामीण क्षेत्र में आजीविका Class 6 Civics [LATEST] Solutions NCERT Exercise in Hindi - CBSE Study
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Class 6 English Medium Civics All Chapters:
Chapter 8. ग्रामीण क्षेत्र में आजीविका
1. NCERT Exercise
अभ्यास - प्रश्नोत्तर:
प्रश्न: आपने संभवत: इस बात पर ध्यान दिया होगा कि कल्पट्टू गाँव के लोग खेती के अलावा और भी कई काम करते हैं| उनमें पाँच कामों की सूची बनाइए|
उत्तर: कलपट्टू गाँव के लोगों के काम की सूची -
1. टोकरी, बर्तन, घड़े, ईट, बैलगाड़ी इत्यादि बनाना|
2. लोहारा, नर्स, शिक्षक, धोबी, बुनकर, नाई, साइकिलठीक करना इत्यादि के रूप में सेवाएँ देते हैं|
3. चाय, सब्जी कपडे, खाद व बीज की दुकाने हैं|
4. कुछ लोग शहर में जाकर मकान बनाना और लाॅरी चलाने का काम करते हैं|
5. कुछ लोग खान से पत्थर या नदी बालू ढोने का काम करते हैं|
प्रश्न: कलपट्टू में विभिन्न तरह के लोग खेती पर निर्भर हैं| उनकी एक सूची बनाइए| उनमें से सबसे गरीब कौन हैं और क्यों?
उत्तर: खेती पर निर्भर लोग -
1. रामलिंगम जैसे बड़े किसान अपने खेतों पार स्वंय काम नहीं करते हैं, बल्कि खेतिहर मजदूरों से काम कराते हैं|
2. शेखर जैसे छोटे किसान खेतों पर स्वयं काम करते हैं और कटाई के समय छोटे किसान आपस में एक - दूसरे के काम करके मदद करते हैं|
3. तुलसी जैसे भूमिहीन खेतिहर मजदूर बड़े किसानों के खेतों पर फसल बुवाई निराई तथा कटाई के समय बुलाने पर काम करते हैं|
इनमें से सबसे गरीब भूमिहीन खेतिहर मजदूर हैं, क्योंकि उन्हें वर्ष के कुछ महीनों में ही काम मिलता हैं| बाकी के समय वे खाली रहते हैं| इस कारण से उन्हें अपनी आजीविका चाल्ने में दिक्कत होती हैं|
प्रश्न: कल्पना कीजिए कि आप एक मछली बेचने वाले परिवार की सदस्य हैं| आपका परिवार यह चर्चा कर रहा हैं कि इजंन के लिए बैंक से उधार लें कि न लें| आप क्या कहेगीं?
उत्तर: मैं मछली बेचने वाले परिवार का सदस्य होने के नाते सलाह देगा कि हमें बैंक से उधार लेकर इंजन खरीद लेना चाहिए, क्योंकि जब हमारे पास (मछुवारी की ख़ास तरह की इंजन की छोटी नाव) होगी तो हम समुद्र में दूर तक तेजी से मछली पकड़ने जा सकेगे, जिससे हमारी आमदनी बढ़ेगी और हमें मानसून के मौसम में चार महीने व्यापारी से उधार लेकर अपनी आजीविका नहीं चलानी पड़ेगी, जबकि बैंक के कर्ज पर ब्याज की दरें व्यापारी के मुकाबले कम होती हैं जिसे चुकाने में हमें दिक्कत नहीं होगी और हम अपनी मछली ऊँची कीमत पर बाजार में बीच सकेगे|
प्रश्न: तुलसी जैसे गरीब ग्रामीण मजदूरों के पास अक्सर अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य की सुविधाओं एवं अन्यसाधनों का अभाव होता हैं| आपने इस किताब की पहली इकाई में असमानता के बारे में पढ़ा| तुलसी और रामलिंगम के बीच का अन्तर एक तरह की असमानता ही हैं| क्या यह एक उचित स्थिति हैं? आपके विचार में इसके लिए क्या किया जा सकता हैं? कक्षा में चर्चा कीजिए?
उत्तर: यह एक उचित स्थिति नहीं हैं| इस स्थिति को सुधारने के लिए निम्नलिखित प्रयास किए जा सकते हैं :
1. गरीब भूमिहीन मजदूरों के पास वर्ष के जिन महीनों में काम नहीं होता हैं सरकार उनके गाँव के आस - पास हो वैकल्पिक रोजगार उपलब्ध कराने की व्य्वास्था कर सकती हैं|
2. इस तरह के लोगों को सारकार आर्थिक सहायता देकर स्वरोजगार के अवसर लिए प्रोत्साहित कर सकती हैं|
3. सराकार सस्ती दर पर बैंकों से ऋण उपलब्ध कराकर स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित कर सकती हैं|
4. सरकार इस तरह के लोगों को रोजगार प्रदान करने के लिए कुटीर उघोग स्थापित कर सकती हैं|
प्रश्न: आपके अनुसार सरकार शेखर जैसे किसानों को कर से मुक्ति दिलाने में कैसे मदद कर सकती हैं? चर्चा कीजिए?
उत्तर: शेखर जैसे छोटे किसानों को फसल बुवाई के लिए खाद, बीज खरीदने के लिए व्यापारी से उधार लेना पड़ता हैं जिसके बदले में उन्हें अपनी फसल सस्ते में व्यापारी को बेचनी पड़ती हैं| इस तरह किसान को दो तरह से नुकसान होता हैं एक तो वह ऊँची ब्याज दर पर कर्ज लेता हैं और दूसरे उसे अपनी फसल का उचित मूल्य भी नहीं मिल पाता हैं इसी कारण किसान अधिक परिश्रम करने के बाद भी अपनी आजीविका अच्छी प्रकार से नहीं चला पाता हैं और व्यापारी के जाल में फँसता चला जाता हैं यदि सरकार छोटे किसानों को बुवाई के समय सस्ती दरों पर बीज, खाद उपलब्ध करा दो तो किसान को व्यापारी से ऊँची ब्याज दर पर उधार नहीं लेना पड़ेगा और न ही कम कीमत पर व्यापारी को अपनी फसल बेचनी पड़ेगी और वह आसानी से अपनी आजीविका चला सकेगा| इसके अलावा सरकार किसान फसल को उचित दर पर खरीदने की व्यवस्था भी कर दे तो किसान व्यापारी की छूट से भी बच जाँएगे जिससे उन्हें अपनी फसल का उचित मिलेगा और उनकी आमदनी बढ़ेगी|
प्रश्न: नीचे दी गई तालिका भरते हुए शेखर और रामलिंगम की स्थितियों की तुलना कीजिए:
शेखर रामलिंगम
खेती की हुई जमीन
मजदूरों की जरूरत
उधार की जरूरत
फसल का बिकना
उनके द्वारा किया गया अन्य काम
उत्तर:
शेखर रामलिंगम
खेती की हुई जमीन दो एकड़ जमीन हैं| बीस एकड़ जमीन है|
मजदूरों की जरूरत स्वंय काम करता हैं| मजदूरों से काम करवाता हैं|
उधार की जरूरत खाद व बीज के लिए व्यापारी उधार नहीं लेना हैं|
से उधार लेता हैं -
फसल का बिकना फसल से व्यापारी का उधार चुकाने फसल कस्बों, गाँवों और
के बाद शेष फसल घर के लिए रख आस - पास के शाह्रों में बेचीं लेता हैं जाती हैं|
उनके द्वारा किया गया चावल मिल के काम करता हैं चावल मिल तथा खाद व
अन्य काम तथा गाय का दूध बेचता हैं बीज की दूकान का मालिक हैं|
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