5. जनसंघर्ष और आंदोलन Class 10 Political Science [LATEST] Solutions अभ्यास प्रश्नोत्तर in Hindi - CBSE Study
NCERT Solutions for Class 10 Political Science are carefully prepared according to the latest CBSE syllabus and NCERT textbooks to help students understand every concept clearly. These solutions cover all important 5. जनसंघर्ष और आंदोलन with detailed explanations and step-by-step answers for better exam preparation. Each अभ्यास प्रश्नोत्तर is explained in simple language so that students can easily grasp the fundamentals and improve their academic performance. The study material is designed to support daily homework, revision practice, and final exam preparation for Class 10 students. With accurate answers, concept clarity, and structured content, these NCERT solutions help learners build confidence and score higher marks in their examinations. Whether you are revising a specific topic or preparing an entire chapter, this resource provides reliable and syllabus-based guidance for complete success in Political Science.
Class 10 English Medium Political Science All Chapters:
5. जनसंघर्ष और आंदोलन
2. अभ्यास प्रश्नोत्तर
अभ्यास प्रश्नोत्तर
1. दबाव-समूह और आंदोलन राजनीतिक को किस तरह प्रभावित करते हैंं?
उत्तर: दबाव-समूह और आंदोलन राजनीती को निम्नलिखित तरीकों से प्रभावित करते हैं:-
(i) जनता का समर्थन प्राप्त करना- दबाव-समूह और आन्दोलन अपने संघर्षों में जनता का समर्थन या सहानुभूति प्राप्त करने का प्रयत्न करते हैं ताकि सरकार पर अधिक दबाव पड़ सके| इसके लिए सूचना अभियान चलाना, बैठके आयोजित करना या मीडिया को प्रभावित करके अपने पक्ष में करने का प्रयत्न किया ताकि उनके मसलों पर मीडिया ज्यादा ध्यान दे|
(ii) हड़ताल या सरकारी कार्य में बाधां डालना- मजदूर संगठन, कर्मचारी संघ आमतौर पर हड़ताल या नियमों के अनुसार कार्य करने जैसे साधन अपनाते हैं | मजदूर संगठन, कर्मचारी संघ तथा अधिकतर आन्दोलनकारी समूह अक्सर ऐसी युक्तियों का प्रयोग करते हैं कि सर्कार उनकीं मांगों की ओर ध्यान दे | सर्कार को ऐसी परिस्थिति में कोई सख्त कार्यवाही करनी पडती हैं|
(iii) समित्तियों और निकायों में भाग लेना - कई बार दबाव-समूह या आंदोलनकर्ताओ के प्रतिनिधि सरकारी समितियों के सदस्य बनकर अपनी बैठकों में सरकार को प्रभावित करने का प्रयत्न करते हैं ताकि उनकी मांगों को पूरा कर सके|
2. दबाव-समूहों और राजनीतिक दलों के आपसी संबंधें का स्वरूप कैसा होता है, वर्णन करें।
उत्तर: (i) राजनीतिक दलों द्वारा दबाव-समूह का निर्माण- कई बार राजनीतिक दलों द्वारा दबाव-समूह का निर्माण किया जाता हैं| ऐसे दबाव-समूह दल की शाखा के रूप में काम करते हैं |
(ii) आन्दोलन का राजनीतिक दल का रूप धारण करना - कभी-कभी आन्दोलन राजनीतिक दल का रूप धारण कर लेते हैं| जैसे- असम में विदेशी लोगो के विरुद्ध आन्दोलन की समाप्ति पर 'आसू' से 'असम गण परिषद्' का निर्माण हुआ|
(iii) दबाव-समूह, आंदोलन और राजनीतिक दलों में संवाद व परामर्श होना- साधारणतया दबाव-समूह, आन्दोलन और राजनीतिक दलों में विरोधाभास होता हैं फिर भी इनमें आपस में बातचीत और विचार-विमर्श चलता रहता हैं| इस बातचीत में विभिन्न प्रश्नों व समस्याओ का हल ढूँढने का प्रयत्न किया जाता हैं| के बार इन दबावों से ही नए नेताओ का उदय होता हैं|
3. दबाव-समूहों की गतिविधियाँ लोकतांत्रिक सरकार के कामकाज में कैसे उपयोगी होती हैं?
उत्तर: (i) दबाव-समूहों की गतिविधियाँ से लोकतांत्रिक सरकार सुदृढ़ हुई है क्योंकि इससे सरकार के ऊपर दबाव डालना लोकतंत्र में हानिकारक नहीं होता बशर्ते इसका अवसर सबको प्राप्त हो|
(ii) जब कभी धनी और प्रभावशाली व्यक्ति या वर्ग सरकार पर दबाव डालकर अपने हितों की रक्षा हेतु या अपने हित में नीति निर्माण करवाता हैं तो जन-साधारण दबाव समूह के द्वारा सरकार के उपर दबाव डालकर ऐसी नीति अपनाने से रोक सकते हैं| इस प्रकार दबाव समूह जनहित की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते है|
4. दबाव-समूह क्या हैं? कुछ उदाहरण बताइए।
उत्तर: दवाब-समूह एक ऐसा अप्रत्यक्ष तरीका हैं जिसके द्वारा लोग सरकार से अपनी मांग अथवा नजरिए का इज़हार कर सकते हैं| लोग इसके लिए संगठन बनाकर अपने हितों को बढ़ावा देने वाली गतिविधियाँ कर सकते हैं, जैसे; मजदूर संघ, व्यवसाय संगठन आदि|
5. दबाव-समूह और राजनीतिक दल में क्या अंतर है?
उत्तर:
| दबाव-समूह | राजनीतिक दल |
| (i) दवाब-समूह का एक निश्चित हित या उद्देश्य होता हैं| वह सामूहिक रूप से अपने सदस्यों के हित के लिए कार्य करते हैं| | (i) इनका एक विस्तृत आधार का कार्यक्रम होता हैं जिसमें राष्ट्रीय हित के विभिन्न पक्ष सम्मिलित होते हैं| |
| (ii) दबाव-समूह की सदस्यता सीमित होती हैं| | (ii) राजनीतिक दलों की सदस्यता व्यापक होती हैं| |
| (iii) दबाव-समूह का प्रत्यक्ष रूप से सत्ता पर नियंत्रण नहीं होता| | (iii) ||राजनीतिक दलों का उद्देश्य चुनाव द्वारा राजनीतिक शक्ति प्राप्त करना होता हैं| |
| (iv) दबाव-समूह प्रदर्शन, हड़ताल आदि के द्वारा अपनी मांगे पूरी करवाते हैं| | (iv) राजनीतिक दल संवैधानिक साधनों का प्रयोग करते हैं| |
| (v) यह एक अनौपचारिक संस्था हैं| | (v) राजनीतिक दल एक नियमित संस्था हैं| |
6. जो संगठन विशिष्ट सामाजिक वर्ग जैसे मशदूर, कर्मचारी, शिक्षक और वकील आदि के हितों को बढ़ावा देने की गतिविधियाँ चलाते हैं उन्हें ----------- कहा जाता है।
उत्तर: हित समूह|
7. निम्नलिखित में किस कथन से स्पष्ट होता है कि दबाव-समूह और राजनीतिक दल में अंतर होता है -
(क) राजनीतिक दल राजनीतिक पक्ष लेते हैं जबकि दबाव-समूह राजनीतिक मसलों की चिंता नहीं करते।
(ख) दबाव-समूह कुछ लोगों तक ही सीमित होते हैं जबकि राजनीतिक दल का दायरा श्यादा लोगों तक फैला होता है।
(ग) दबाव-समूह सत्ता में नहीं आना चाहते जबकि राजनीतिक दल सत्ता हासिल करना चाहते हैं।
(घ) दबाव-समूह लोगों की लामबंदी नहीं करते जबकि राजनीतिक दल करते हैं।
उत्तर: (ग) दबाव-समूह सत्ता में नहीं आना चाहते जबकि राजनीतिक दल सत्ता हासिल करना चाहते हैं।
8. सूची-I (संगठन और संघर्ष) का मिलान सूची-II से कीजिए और सूचियों के नीचे दी गई
सारणी से सही उत्तर चुनिए :
| सूची-I | सूची-II |
| 1 किसी विशेष तबके या समूह के हितों को बढ़ावा देने वाले संगठन | (क) आंदोलन |
| 2 जन-सामान्य के हितों को बढ़ावा देने वाले संगठन | (ख) राजनीतिक दल |
| 3 किसी सामाजिक समस्या के समाधन के लिए चलाया गया एक ऐसा संघर्ष जिसमें सांगठनिक संरचना हो भी सकती है और नहीं भी। | (ग) वर्ग-विशेष के हित समूह |
| 4 ऐसा संगठन जो राजनीतिक सत्ता पाने की गरज से लोगों को लामबंद करता है। | (घ) लोक कल्याणकारी हित समूह |
| 1 | 2 | 3 | 4 | |
| (क) | ग | घ | ख | क |
| (ख) | ग | घ | क | ख |
| (ग) | घ | ग | ख | क |
| (घ) | ख | ग | घ | क |
उत्तर: (ख) ग, घ, क, ख|
9. सूची-I का सूची-II से मिलान करे, जो सूचियों के नीचे दी गई सारणी में सही उत्तर हो, चुने-
| सूची-I | सूची-II |
| (1) दवाब-समूह | (क) नर्मदा बचाओ आंदोलन |
| (2) लंबी अवधि का आन्दोलन | (ख) असम गण परिषद् |
| (3) एक मुद्दे पर आधारित आंदोलन | (ग) महिला आंदोलन |
| (4) राजनीतिक दल | (घ) खाद विक्रेताओ का संघ |
| 1 | 2 | 3 | 4 | |
| (अ) | घ | ग | क | ख |
| (ब) | ख | क | घ | ग |
| (स) | ग | घ | ख | क |
| (द) | ख | घ | ग | क |
उत्तर: (अ) घ, ग ,क, ख|
10. दबाव-समूहों और राजनीतिक दलों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
(क) दबाव-समूह समाज के किसी खास तबके के हितों की संगठित अभिव्यक्ति होते हैं।
(ख) दबाव-समूह राजनीतिक मुद्दों पर कोई न कोई पक्ष लेते हैं।
(ग) सभी दबाव-समूह राजनीतिक दल होते हैं।
अब नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनें -
| (अ) | क, ख और ग |
| (ब) | क और ख |
| (स) | ख और ग |
| (द) | क और ग |
उत्तर: (ब) क और ख|
Topic Lists: