chapter 3. जल संसाधन Class 10 Geography [LATEST] Solutions अतिरिक्त-प्रश्न in Hindi - CBSE Study
NCERT Solutions for Class 10 Geography are carefully prepared according to the latest CBSE syllabus and NCERT textbooks to help students understand every concept clearly. These solutions cover all important chapter 3. जल संसाधन with detailed explanations and step-by-step answers for better exam preparation. Each अतिरिक्त-प्रश्न is explained in simple language so that students can easily grasp the fundamentals and improve their academic performance. The study material is designed to support daily homework, revision practice, and final exam preparation for Class 10 students. With accurate answers, concept clarity, and structured content, these NCERT solutions help learners build confidence and score higher marks in their examinations. Whether you are revising a specific topic or preparing an entire chapter, this resource provides reliable and syllabus-based guidance for complete success in Geography.
Class 10 English Medium Geography All Chapters:
chapter 3. जल संसाधन
3. अतिरिक्त-प्रश्न
अतिरिक्त-प्रश्न
1 अंक वाले प्रश्न
प्रश्न 1. विश्व में जल का कुल आयतन का कितने प्रतिशत भाग अलवणीय हैं?
उत्तर: कुल आयतन का केवल 2.5% |
प्रश्न 2. अलवणीय जल हमें कहा से प्राप्त होता है?
उत्तर: यह हमें सतही अपवाह और भौमजल स्रोतों से प्राप्त होता हिं जिनका लगातार नवीनीकरण और पुनर्भरण जलीय चक्र द्वारा होता हैं|
प्रश्न 3. जवाहरलाल नेहरु ने बाँधो के महत्त्व के विषय में क्या कहा था?
उत्तर: जवाहरलाल नेहरु गर्व से बाँधो को ' आधुनिक भारत का मंदिर' कहा करते थे|
प्रश्न 4. किन्हीं दो बहुउद्देशीय परियोजनो के नाम बताओ?
उत्तर: (i) भाखड़ा-नागल परियोजना (सतलज नदी)
(ii) हीराकुंड परियोजना (महानदी)|
प्रश्न 5. बहुउद्देशीय परियोजना के विरुद्ध चलाए गए दो आन्दोलन के नाम लिखिए|
उत्तर: (i) नर्मदा बचाओ आंदोलन|
(ii) टिहरी बाँध आंदोलन|
प्रश्न 6. बाँध क्या होता हैं?
उत्तर: बाँध का अर्थ हैं ' जलाशय ' | यह बहते जल को रोकने, दिशा देने या बहाव को कम करने के खाड़ी की गई बाँधा हैं जो आमतौर पर जलाशय झील अथवा जलभरण बनती हैं|
प्रश्न 7. टाँका क्या होता हैं?
उत्तर: पीना का पानी एकत्रित करने के लिए भूमिगत टैंक को टाँका कहा जाता हैं|
प्रश्न 8. पालर पानी क्या होता हैं?
उत्तर: वर्ष जल को के क्षेत्रों में पालर पानी कहा जाता हैं| इसे प्राकृतिक जल का शुद्धतम रूप समझा जाता हैं|
प्रश्न 9. किस राज्य में हर घर में छत वर्ष जल संग्रहण ढांचे का निर्माण करना आवश्यक हैं?
उत्तर: तमिलनाडु|
प्रश्न 10. मेघालय में नदियों और झरनों के जल का प्रयोग किस प्रणाली द्वारा पौधे की सिंचाई के लिए किया जाता हैं?
उत्तर: बाँस ड्रिप सिंचाई प्रणाली द्वारा|
प्रश्न 11. दिल्ली में किस स्थान पर और क्यों एक विशिस्ट तालाब इल्तुतमिश द्वारा बनवाया गया था?
उत्तर: 14 वीं शताब्दी में इल्तुतमिश ने दिल्ली में सिरी फोर्ट क्षेत्र में जल की सप्लाई के लिए हौज़ खास (एक विशिष्ट तालाब) बनवाया था|
प्रश्न 12. प्राचीन भारत में जलीय कृतियों के प्रमाण कहाँ मिले हैं?
उत्तर: (i) कलिंग
(ii) नागार्जुनकोंडा
(iii) बेन्नूर
3/5 अंक वाले प्रश्न
प्रश्न 1. बहुउद्देशीय परियोजनाओ के नाम लिखो|
उत्तर: भाखड़ा-नागल परियोजना|
(ii) हीराकुंड परियोजना|
(iii) नर्मदा सागर - सरदार सरोवर बाँध|
(iv) टिहरी बाँध|
प्रश्न 2. मेघालय में बाँस ड्रिप सिंचाई प्रणाली की व्याख्या कीजिए|
उत्तर: मेघालय में बाँस ड्रिप सिंचाई प्रणाली निम्नलिखित प्रकार से प्रयोग होती हैं-
(i) नदियों व झरनों के जल को बाँस द्वारा बने पाइप से एकत्रित करके सैकड़ो मीटर दूरी तक ले जाया जाता हैं|
(ii) पाइपों के माध्यम से जल पहाड़ के निचले स्थानों तक पहुँचाया जाता है|
(iii) बाँस से निर्मित चैनल से पौधे के स्थान तक जल का बहाव परिवर्तित किया जाता हैं|
(iv) पौधे तक बाँस पाइपों से बनाई और बिछाई गई विभिन्न जल शाखाओ में जल वितरित किया जाता हैं|
(v) यदि पाइपों को सड़क पार ले जाना हैं तो उन्हें भूमि पर ऊँचाई से लाया जात हैं|
प्रश्न 3. प्राचीनकाल की तीन जलीय कृतियों का वर्णन कीजिए|
उत्तर: (i) चन्द्रगुप्त मौर्य के समय बृहत् स्तर पर बाँध, झील और सिंचाई तंत्रों का निर्माण करवाया गया|
(ii) कलिंग (ओडिशा), नागार्जुनकोंडा (आंध्र प्रदेश), बेन्नूर (कर्नाटक) और कोल्हापुर (महाराष्ट्र) में उत्कृष्ट सिंचाई तंत्र होने के प्रमाण मिलते हैं|
(iii) 14 वीं शताब्दी में इल्तुतमिश ने दिल्ली में सिरी फोर्ट क्षेत्र में जल की सप्लाई के लिए हौज़ खास (एक विशिष्ट तालाब) बनवाया था|
1.अलवणीय जल :- सतही अपवाह और भौमजल स्त्रोतों से प्राप्त होता है |
2. जल एक नवीकरणीय संसाधन :- अलवणीय जल हमें सतही अपवाह और भौमजल स्त्रोत से प्राप्त होता है जिनका लगातार नवीकरणीय और पुनचक्रण जलीय चक्र द्वारा होता है | समुद्रों से जल वाष्पीकृत होकर बरसते है जिसके कारण जल पूर्ति होती है तथा जल समाप्त नहीं होते है इसलिए जल नवीकरणीय संसाधन हैं |
3. 2.5 % जल अलवणीय जल है |
4. जल दुर्लभता :- पृथ्वी पर आवश्कता से कम जल की उपलब्धता को जल दुर्लभता कहते है |
5. जल दुर्लभता के कारण :-
(1) जल की अधिक उपयोग |
(2) जल को प्रदूषित करना या जल प्रदुषण |
(3) बढ़ती जनसंख्या के कारण जल की माँग बढ़ रही हो जिसके कारण जल की कमी हो रही है |
(4) अनाज उगाने के लिए जल का अतिशोषण |
(5) जल की ख़राब गुणवता के कारण जल होते हुए भी हम उसे प्रयोग नहीं कर सकते है |
(6) शहरों की बढ़ती जनसंख्या से कारण वहाँ शहरी जीवन शैली के लिए अधिक जल और ऊर्जा की आवशकता होती है जिसकी पूर्ति के लिए जल संसाधन के आवशकता होती है |
(7) फैकिट्रयों द्वारा निकालने वाले रसायन के कारण जल जहरीला होआ जा रहा है जिसे हम नहीं प्रयोग कर सकते है |
(8) जल की ख़राब गुणवत्ता के कारण जल होते हुए भी हम उसे प्रयोग नहीं कर सकते है |
(9) बहुराष्ट्रीय कंपनियों में ऊर्जा की पूर्ति के लिए जल विघुत का उपयोग किया जाता है जिसके कारण जल का अधिक उपयोग हो रहा है |
(10) शहीरकरण और औघोगीकरण के कारण जल की माँग बढ़ रही है |
6. बहुउद्देशीय नदी परियोजनाएँ :- वे नदी परियोजनाएँ जो बहुत सारे उद्देशीयों की पूर्ति के लिए बनाएँ जाते है वे बहुउद्देशीय परियोजनाएँ कहलाते है |
7. बाधँ :- बाधँ बहते हुए जल को रकोने , दिशा देना या बहाव कम करने के लिए खड़ी की गई बाधा है जो आमतौर पर जलाशय झील अथवा जलभरण बनती है |
8. बाँधो का वर्गीकरण :-
(i) संरचना के अनुसार
(ii) संरचना या ऊचाँई के अनुसार
9.(a) संरचना के अनुसार :- उनमें प्रयुक्त पदार्थी के आधार पर बाँधो को लकड़ी के बाँध , तट बाँध , पक्का बाँध के बाँट जा सकता है |
(b) संरचना या ऊचाँई के अनुसार :- उचांई के अनुसार बांधों को बड़े बांधों या नीचे बाँध , माध्यम बाँध और उच्च बाँधों में वर्गीकृत किया जा सकता है |
10. बाँधों को बहुउद्देशीय परियोजनाएँ कहा जाता है :- क्योकिं बाँधों के द्वारा बहुत सारे उद्देशीय की पूर्ति की जाती है जैसे :- विघुत उत्पादन , घेरलू और औघोगीकरण उपयोग , जल आपूर्ति , बाढ़ नियंत्रण , मनोरंजन , आतंरिक नौवालन और मछली पालन , सिचाई आदि | बहुउद्देशीय परियोजनाएँ
में भी बहुत सारे उद्देशीयो की पूर्ति होती है | इसलिए बाँध को बहुउद्देशीय परियोजना कहा जाता है |
11. बहुउद्देशीय परियोजनाएँ की हानियाँ :-
(1) जलाशलों के किनारे कचरे के जमा होने के कारण जलीय जीव - आवासों में भोजन के कमी हो जाती है |
(2) जलाशयों के किनारे कचरे तथा तल छटो का जमा होना |
(3) वहाँ के निवासियों को अपना आवास तथा अपनी जमीन छोड़कर जाना पड़ता है |
(4) नदी के किनारे तलछट जमा होने के कारण बाढ़ आने का खतरा बना रहता है |
(5) बाँध नदियों को टुकड़ों में बाँट देते है | जिससे भंडा देने की ऋतु में जलीय जीवों का नदियों में स्थातरण अवरूध हो जाता है
प्रश्न
Topic Lists: