Chapter 6. नागरिकता परिचय Class 11 Political Science-II CBSE notes in hindi नागरिक और विदेशी में अंतर - CBSE Study
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CBSE NOTES:
Class 11 English Medium Political Science-II All Chapters:
6. नागरिकता परिचय
2. नागरिक और विदेशी में अंतर
नागरिकों के समान अधिकार : नागरिकों के समान अधिकार का अर्थ है नीतियाँ बनाते समय यह देखा जाये कि भिन्न-भिन्न लोगों की भिन्न-भिन्न जरूरतों का तथा दावों का ध्यान रखना ताकि कोई जन कल्याण के नीतियों से वंचित न रह जाये या कोई भी सरकारी नीतियों से उपेक्षित न रह जाये |
सामान अधिकार से वंचित समूह :
(i) शहरों में अधिक संख्या झोपड़पट्टियों और अवैध कब्जें की भूमि पर बसे लोगों की हैं | ये लोग हमारे बहुत काम के है | इनके बिना एक दिन भी गुजारा नहीं जा सकता है | जैसे - सफाईकर्मी, फेरीवाले, घरेलु नौकर, नल ठीक करने वाले आदि |
(ii) सन 2004 में एक राष्ट्रिय निति बनाई गई जिससे लाखों फुटपाथी दुकानदारों को स्वतंत्र कारोबार चलाने का बल प्राप्त हो |
(iii) ऐसे ही एक और उपेक्षित वर्ग है जिसकों नजर अंदाज किया जाता है और वह समूह है आदिवासी और वनवासी समूह | ये लोग अपने निर्वाह के लिए जंगल और दुसरे प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर रहते हैं |
शरणार्थी : युद्ध, अकाल, उत्पीडन या हिंसा के कारण कुछ लोगों को अपने मूल निवास स्थान से विस्थापित होना पड़ता है | वे लोग न तो घर लौट सकते है और न ही कोई देश उन्हें स्वीकार करता है | ऐसे ही लोगों को राज्यविहीन या शरणार्थी कहते हैं |
राज्यकृत नागरिकता के तरीके :
(i) पंजीकरण
(ii) देशीकरण
(iii) वंश परंपरा
(iv) किसी भू क्षेत्र का राजक्षेत्र में मिलना |
नागरिक और विदेशी में अंतर :
नागरिक :
(i) नागरिकों को वोट देने और राजनितिक अधिकारों को प्रयोग करने का अधिकार है |
(ii) भाषण की स्वतंत्रता
(iii) सरकारी नौकरियों में अवसरों की समानता का अधिकार प्राप्त होता है |
(iv) देश में कही भी बिना इजाजत घूम फिर सकता है |
विदेशी :
(i) इन्हें कोई भी राजनितिक अधिकार नहीं प्राप्त होता है |
(ii) इन्हें भाषण की स्वतंत्रता नहीं होती है |
(iii) ये सरकारी नौकरियों में कार्य नहीं कर सकते हैं |
(iv) ये घूमने के लिए इजाजत की आवश्यकता पड़ती है |
टी. एच. मार्शल के अनुसार सामाजिक आर्थिक अधिकार :
टी. एच. मार्शल ने सामाजिक-आर्थिक अधिकारों को आधुनिक कल्याणकारी राज्य से जोड़ा है | इस संदर्भ में कुछ प्रमुख अधिकारों, जैसे कि न्यूनतम आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु पारिश्रमिक (मजदूरी) पाने का अधिकार, शिक्षा का अधिकार, स्वास्थ्य सेवा प्राप्त करने का अधिकार, बेरोजगारी, वृद्धावस्था और बीमारी आदि की अवस्था में सरकार द्वारा सुरक्षा प्राप्त करने का अधिकार |
नागरिकों के दायित्व : नागरिकों के दायित्व को उसके कर्तव्य से जोड़ा गया है | प्रत्येक नागरिक के कुछ कर्तव्य होते हैं जिसे नागरिकों से पालन की जाने कि अपेक्षा की जाती है जो निम्न लिखित हैं :
(i) देश की रक्षा करना और आह्वान किए जाने पर राष्ट्र की सेवा करना |
(ii) करों, उपकारों तथा आयकर आदि का भुगतान करना |
(iii) विवादों का समाधान समझौता, बातचीत और न्यायिक प्रक्रिया के द्वारा करना और बल प्रयोग से न करना |
(iv) कानून का पालन करना और कानून लागु करने वाली एजेंसियों की सहायता करना |
(v) चुनाव में भाग लेना और सरकार की गतिविधियों पर निगरानी रखना |