Chapter Chapter 1. यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय Class 10 History CBSE notes in hindi राष्ट्र-राज्यों का निर्माण और बाल्कन क्षेत्र - CBSE Study
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CBSE NOTES:
Class 10 English Medium History All Chapters:
Chapter 1. यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय
4. राष्ट्र-राज्यों का निर्माण और बाल्कन क्षेत्र
Chapter 1. यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय
19वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में यूरोप में राष्ट्रवाद अपने चरम पर पहुँच गया। इस अवधि में जर्मनी का एकीकरण हुआ, ब्रिटेन में राष्ट्रीय एकता मजबूत हुई तथा बाल्कन क्षेत्र में राष्ट्रवाद के कारण अनेक संघर्ष उत्पन्न हुए। इन घटनाओं ने आधुनिक यूरोप के राजनीतिक स्वरूप को गहराई से प्रभावित किया।
राष्ट्र-राज्यों का निर्माण और बाल्कन क्षेत्र
इस भाग में जर्मनी के एकीकरण, बिस्मार्क की भूमिका, ब्रिटेन में राष्ट्रवाद के विकास तथा बाल्कन क्षेत्र में राष्ट्रवादी आंदोलनों का अध्ययन करेंगे।
जर्मनी का एकीकरण
19वीं शताब्दी में जर्मनी अनेक छोटे राज्यों में विभाजित था, जिन्हें एक शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में संगठित किया गया।
- जर्मनी लगभग 39 राज्यों में विभाजित था।
- प्रशा (Prussia) ने एकीकरण का नेतृत्व किया।
- ओटो वॉन बिस्मार्क ने इस अभियान का संचालन किया।
- एकीकरण में युद्ध और कूटनीति दोनों का उपयोग किया गया।
- 1871 में जर्मनी एक एकीकृत राष्ट्र बना।
- जर्मन साम्राज्य की घोषणा वर्साय के महल में की गई।
ओटो वॉन बिस्मार्क की भूमिका
बिस्मार्क को जर्मनी के एकीकरण का प्रमुख निर्माता माना जाता है।
- बिस्मार्क प्रशा का प्रधानमंत्री था।
- उसने राष्ट्रवाद को राजनीतिक शक्ति के रूप में उपयोग किया।
- उसने डेनमार्क, ऑस्ट्रिया और फ्रांस के विरुद्ध युद्ध लड़े।
- उसकी कूटनीति और नेतृत्व ने जर्मनी के एकीकरण को सफल बनाया।
- उसे आधुनिक जर्मनी का निर्माता माना जाता है।
रक्त और लौह नीति (Blood and Iron Policy)
बिस्मार्क का विश्वास था कि राष्ट्रीय एकता केवल भाषणों से नहीं, बल्कि शक्ति से स्थापित की जा सकती है।
- इस नीति का उद्देश्य सैन्य शक्ति के माध्यम से जर्मनी का एकीकरण करना था।
- बिस्मार्क ने युद्ध को राजनीतिक साधन के रूप में अपनाया।
- उसने मजबूत सेना का निर्माण किया।
- इस नीति ने जर्मनी के एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ब्रिटेन में राष्ट्रवाद का विकास
ब्रिटेन में राष्ट्रवाद क्रांति के बजाय राजनीतिक और संसदीय प्रक्रियाओं के माध्यम से विकसित हुआ।
- ब्रिटेन में इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, वेल्स और आयरलैंड शामिल थे।
- 1707 के Act of Union द्वारा इंग्लैंड और स्कॉटलैंड का एकीकरण हुआ।
- ब्रिटिश संसद ने राष्ट्रीय एकता को मजबूत किया।
- साझा राजनीतिक व्यवस्था और आर्थिक विकास ने राष्ट्रवाद को बढ़ावा दिया।
- ब्रिटेन एक शक्तिशाली संवैधानिक राष्ट्र के रूप में विकसित हुआ।
बाल्कन क्षेत्र में राष्ट्रवाद
बाल्कन क्षेत्र यूरोप का सबसे संवेदनशील क्षेत्र माना जाता था, जहाँ अनेक जातीय समूह निवास करते थे।
- बाल्कन क्षेत्र पर लंबे समय तक उस्मानी (ऑटोमन) साम्राज्य का शासन था।
- यहाँ विभिन्न भाषाओं, धर्मों और संस्कृतियों के लोग रहते थे।
- अनेक जातीय समूह स्वतंत्र राष्ट्र बनाना चाहते थे।
- राष्ट्रवाद के कारण यहाँ लगातार संघर्ष होने लगे।
- रूस, ऑस्ट्रिया और अन्य यूरोपीय शक्तियाँ भी इस क्षेत्र में हस्तक्षेप करती थीं।
बाल्कन संकट के कारण
बाल्कन क्षेत्र में संघर्ष के पीछे कई राजनीतिक और राष्ट्रीय कारण थे।
- ऑटोमन साम्राज्य का पतन शुरू हो गया था।
- छोटे-छोटे राष्ट्र स्वतंत्रता प्राप्त करना चाहते थे।
- यूरोपीय शक्तियाँ अपने प्रभाव का विस्तार करना चाहती थीं।
- सीमाओं और क्षेत्रों को लेकर विवाद बढ़ने लगे।
- राष्ट्रवाद ने राजनीतिक तनाव को और अधिक बढ़ा दिया।
राष्ट्रवाद का प्रभाव
राष्ट्रवाद ने यूरोप के राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक जीवन पर गहरा प्रभाव डाला।
- आधुनिक राष्ट्र-राज्यों का निर्माण हुआ।
- लोकतंत्र और जनसत्ता की भावना मजबूत हुई।
- सामंती व्यवस्था का प्रभाव कम हुआ।
- राष्ट्रीय एकता और राष्ट्रीय पहचान को बढ़ावा मिला।
- कई देशों में स्वतंत्रता आंदोलनों को प्रेरणा मिली।
- अत्यधिक राष्ट्रवाद ने देशों के बीच संघर्ष भी बढ़ाए।
- बाल्कन क्षेत्र के तनाव ने आगे चलकर प्रथम विश्व युद्ध की पृष्ठभूमि तैयार की।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
- वियना कांग्रेस – 1815
- फ्रांसीसी क्रांति – 1789
- नेपोलियन संहिता – 1804
- जर्मनी का एकीकरण – 1871
- इटली के एकीकरण के प्रमुख नेता – मैजिनी, कैवूर और गैरिबाल्डी
- जर्मनी के एकीकरण के प्रमुख नेता – ओटो वॉन बिस्मार्क
- बिस्मार्क की प्रसिद्ध नीति – रक्त और लौह (Blood and Iron)
- ब्रिटेन के एकीकरण का प्रमुख अधिनियम – Act of Union (1707)
- बाल्कन क्षेत्र को यूरोप का "बारूद का ढेर" कहा जाता था।