Chapter 6. नागरिकता परिचय Class 11 Political Science-II CBSE notes in hindi नागरिकता - CBSE Study
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CBSE NOTES:
Class 11 English Medium Political Science-II All Chapters:
6. नागरिकता परिचय
1. नागरिकता
नागरिकता : किसी राष्ट्र या राज्य की वह पूर्ण सदस्यता जिससे किसी व्यक्ति को कुछ अधिकार प्राप्त हो और वह उस राज्य के प्रति कुछ उत्तरदायित्व भी रखता हो | ऐसी व्यवस्था को नागरिकता कहते है |
नागरिकता से संबंधित प्रावधानों का वर्णन : नागरिकता से संबंधित प्रावधानों का वर्णन संविधान के तीसरे खंड में हुआ है तथा संसद द्वारा बाद में पारित कानूनों से हुआ है |
नागरिक : वह व्यक्ति जो किसी राज्य अथवा देश का पूर्ण सदस्य हो नागरिक कहलाता है |
विदेशी : जो व्यक्ति किसी अन्य राज्य के नागरिक होते है और अस्थायी रूप से दुसरे देश में आया हो | ऐसे व्यक्ति को उस राज्य या देश में विदेशी कहा जाता है |
नागरिक एवं विदशी में अंतर :
नागरिक:
1. निवास : ये स्थाई होते हैं |
2. अधिकार : इनकों सभी राजनितिक अधिकार प्राप्त होते हैं |
3. कर्तव्य : इन्हें राज्य के सभी क़ानूनी कर्तव्यों का पालन अनिवार्य होता है |
4. प्रतिबंध : इन्हें राज्य में घूमने व निवास पर कोई प्रतिबंध नहीं होता है |
विदेशी :
1. निवास : ये अस्थाई होते हैं |
2. अधिकार : इनकों सिर्फ सामाजिक अधिकार प्राप्त होते हैं |
3. कर्तव्य : ये अपने मूल देश के प्रति ही वफादार होते है और अन्य देश के क़ानूनी कर्तव्यों के पालन के लिए वाध्य नहीं है |
4. प्रतिबंध : इन्हें एक निश्चित समयसीमा, जगह में निवास करना होता है |
नागरिकता के प्रकार :
नागरिकता दो प्रकार की होती है |
1. जन्मजात नागरिकता : वह नागरिकता जिसमें किसी व्यक्ति को राज्य में जन्म के आधार पर प्राप्त हो जन्मजात नागरिकता कहते है |
2. राज्यप्रद्त नागरिकता : जब किसी व्यक्ति को राज्य द्वारा किसी विशेष परिस्थितियों के कारण नागरिकता प्रदान की गयी हो तो इसे राज्यप्रदत नागरिकता कहते है |
3.इकहरी नागरिकता : वह नागरिकता जो कोई देश अपने नागरिको को प्रदान करता है जिसमे वह किसी भी राज्य का बासी हो परन्तु वह नागरिक कहलाता है
4.दोहरी नागरिकता : जब किसी व्यक्ति को देश कि भी और प्रान्त कि भी नागरिकता प्राप्त हो तो उसे धोरी नागरिकता कहते है उद-अमेरिका ,फ्रांस
जन्मजात नागरिक का निर्धारण के नियम :
इसका निर्धारण दो नियमों के द्वारा होता है -
(i) रक्त संबंध का सिद्धांत : माता-पिता जिस देश के नागरिक हो बच्चे को उसी देश की नागरिकता प्राप्त हो जाती है | चाहे उसका जन्म विदेश में हुआ हो या स्वदेश में | भारत, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, इटली, फ्रांस और अमेरिका जैसे देशों में नागरिकता की इसी प्रकार की व्यवस्था है |
(ii) जन्म स्थान का सिद्धांत : इस नियम के अनुसार किसी व्यक्ति की नागरिकता उसके जन्म-स्थान के आधार पर किया जाता है | किसी राज्य के सीमाओं के अंदर जन्में बच्चे को उस राज्य की नागरिकता प्राप्त हो जाती है | माता पिता चाहे किसी भी देश के नागरिक हो | उदाहरण - अर्जेंटीना (दक्षिण अमेरिका) ब्रिटेन और अमेरिका आदि |
नागरिकता प्राप्त करने के तरीके
1. विवाह के आधार पर
2. लंबे निवास के आधार पर
3. गोद लेने पर
4. संपत्ति खरीदने पर
5. सरकारी सेवा
6. विद्वान् होने पर
नागरिकता त्याग के तरीके :
1. त्याग पत्र
2. विवाह कर लेने पर
3. अनुपस्तिथि
4. विदेश में नौकरी
5. देश द्रोह
सर्व व्यापी नागरिकता :- पूरे विश्व की एक नागरिकता होना, इस संदर्भ में अनेक विद्वानो के पक्ष तथा विपक्ष में मत इस प्रकार है
वैश्विक नागरिकता :- विश्व व्यापार संगठन व संयुक्त राष्ट्र संघ में अनेक देश सदस्य है इनके मध्य वस्तुओ,सेवाओ,पूँजी,विचारों,का आदान-प्रदान होता है उसका प्रत्यन केवल यही कि सभी देशवासी अपनी पहचान त्याग कर विश्व नागरिक बन जाये|
एक नागरिक के गुण :-
1. देश के प्रति वफादार
2. समय पर टैक्स देना
3. संविधान का आदर करना
4. देश के विकास में तत्पर
5. सार्वजानिक सम्पत्तियों कि रक्षा करना
6. हिंसक गतिविधियों में भाग ना लेना
7. मताधिकार का प्रयोग
8. अनुशासन एव आत्मनियंत्रण
9. जागरूकता
10. उच्च नैतिक चरित्र
शरणार्थी :- युद्ध, अकाल या अन्य कारणों से जो लोग विस्थापित हो जाते है और कोई देश उन्हें नागरिक के रूप में स्वीकार नहीं करता तथा वे किसी दूसरे देश में शिविरों में या अवैध प्रवासी के रूप में रहने के लिए मजबूर हो जाते है, शरणार्थी कहलाते है
"सम्पूर्ण और समान सदस्यता " का अर्थ :- इसका अर्थ है नागरिको को देश में जहाँ भी चाहे रहने,पढने या काम करने का समान अधिकार और अवसर मिलना चाहिए
नागरिकों के अधिकार :
टी. एच मार्शल के अनुसार नागरिकों को तीन प्रकार के अधिकार प्राप्त है |
(1) नागरिक अधिकार
(2) राजनितिक अधिकार
(3) सामाजिक अधिकार
नागरिक अधिकार में शामिल अधिकार :
(a) जीवन का अधिकार
(b) अभिव्यक्ति का अधिकार
(c) संपति रखने का अधिकार
समाज और राज्य द्वारा सर्वप्रथम नागरिक अधिकार को ही मान्यता प्रदान की गयी है | इसमें नागरिक अधिकारों की उपरोक्त सूची के अलावा और भी अधिकार प्राप्त है |
(i) कानून के समक्ष समानता का अधिकार |
(ii) देश की सीमाओं के भीतर कही भी आने जाने की स्वतंत्रता |
(iii) अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता