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Chapter 1. पौधों में पोषण Class 7 Science CBSE notes in hindi सहजीवी संबंध - CBSE Study

Chapter 1. पौधों में पोषण Science Class 7 cbse notes सहजीवी संबंध in hindi, all chapters and exercises are covered the ncert latest syllabus 2026 - 27.

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Chapter 1. पौधों में पोषण Class 7 Science CBSE notes in hindi सहजीवी संबंध - CBSE Study

कक्षा 7 Science के लिए NCERT समाधान नवीनतम CBSE पाठ्यक्रम और NCERT पाठ्यपुस्तकों के अनुसार सावधानीपूर्वक तैयार किए गए हैं, ताकि विद्यार्थी प्रत्येक अवधारणा को स्पष्ट रूप से समझ सकें। इन समाधानों में सभी महत्वपूर्ण 1. पौधों में पोषण को विस्तृत व्याख्या और चरण-दर-चरण उत्तरों सहित शामिल किया गया है, जिससे परीक्षा की बेहतर तैयारी हो सके। प्रत्येक सहजीवी संबंध को सरल भाषा में समझाया गया है, ताकि विद्यार्थी मूलभूत सिद्धांतों को आसानी से समझकर अपनी शैक्षणिक उपलब्धि में सुधार कर सकें। यह अध्ययन सामग्री दैनिक गृहकार्य, पुनरावृत्ति अभ्यास तथा वार्षिक परीक्षा की तैयारी के लिए विशेष रूप से उपयोगी है। सटीक उत्तर, स्पष्ट अवधारणाएँ और व्यवस्थित सामग्री विद्यार्थियों को आत्मविश्वास बढ़ाने तथा परीक्षाओं में अधिक अंक प्राप्त करने में सहायता करती है। चाहे आप किसी विशेष विषय का पुनरावृत्ति कर रहे हों या पूरे अध्याय की तैयारी कर रहे हों, यह संसाधन Science में पूर्ण सफलता के लिए विश्वसनीय और पाठ्यक्रम-आधारित मार्गदर्शन प्रदान करता है।

Class 7 English Medium Science All Chapters:

1. पौधों में पोषण

3. सहजीवी संबंध

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कीटभक्षी पादप : कुछ पादपों में घड़े जैसी संरचना होती है जो पौधे के पत्तियों के रूपांतरित भाग होते हैं और इसके पत्ते का शीर्ष भाग इस घड़े का ढक्कन का कार्य करता है | जब कोई कीट घड़े में प्रवेश करता है, तो यह उसके रोमों के बीच फंस जाता है | घड़े में उपस्थिति पाचक रस द्वारा फंसे हुए कीट का पाचन हो जाता है | कीटों के भक्षण करने वाले ऐसे पादपों को कीटभक्षी पादप कहते है | 

उदाहरण : घाटपर्णी 

कीटभक्षी पादप - घटपर्णी 

सहजीवी संबंध (Symbiotic Relationship): 

कुछ जीव एक-दूसरे के साथ रहते हैं तथा अपना आवास एवं पोषक तत्त्व एक-दूसरे के साथ बाँटते हैं। इसे सहजीवी सम्बंध् कहते हैं।

उदाहरणतः कुछ कवक वृक्षों की जड़ों में रहते हैं। वृक्ष कवक को पोषण प्रदान करते हैं, बदले में उन्हें जल एवं पोषकों के अवशोषण में सहायता मिलती है। वृक्ष के लिए इस संबंध् का विशेष महत्व है। 

सहजीवी संबंध बनाने वाले जीव का उदाहरण : लाइकेन जो एक कवक प्रजाति का जीव है | 

कवक और शैवाल में सहजीवी संबंध: 

शैवाल में क्लोरोफिल उपस्थित होता है, जबकि कवक में क्लोरोफिल नहीं होता। कवक शैवाल को रहने का स्थान (आवास), जल एवं पोषक तत्त्व उपलब्ध् कराता है तथा बदले में शैवाल प्रकाश संश्लेषण द्वारा संश्लेषित खाद्य कवक को देता है।

फलीदार पौधों की जड़ों में जीवाणु : राइजोबियम नामक जीवाणु चना, मटर,  मुंग, सेम तथा अन्य फलीदार पादपों की जड़ों में रहते है और उन्हें नाइट्रोजन की आपूर्ति करते हैं | वे वायुमंडलीय नाइट्रोजन को विलय पदार्थों में परिवर्तित कर देते हैं। चूँकि पौधे नाइट्रोजन को विलेय रूप में ही अवशोषित कर सकते हैं। बदले में पादप राइजोबियम जीवाणु को आवास और खाद्य प्रदान करते हैं | इनमें भी सहजीवी संबंध होता है | 

दालों की फसलों में नाइट्रोजन की आवश्यकता नहीं होती : 

राइजोबियम नामक जीवाणु चना, मटर,  मुंग, सेम तथा अन्य फलीदार पादपों की जड़ों में रहते है और उन्हें वायुमंडल से नाइट्रोजन की आपूर्ति करते हैं | यही कारण है कि दालों की फसलों के लिए उन्हें मृदा में नाइट्रोजनी उर्वरक देने की आवश्यकता नहीं
पड़ती। यही नहीं दाल की फसल उगाने के बाद अगली फसल के लिए भी सामान्यतः उर्वरकों की आवश्यकता नहीं रहती।

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