Chapter Chapter 14. विभाजन को समझना Class 12 History Part-3 CBSE notes in hindi Long Answered Questions - CBSE Study
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CBSE NOTES:
Class 12 English Medium History Part-3 All Chapters:
Chapter 14. विभाजन को समझना
3. Long Answered Questions
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न–उत्तर
अध्याय : विभाजन को समझना
प्रश्न 1. भारत के विभाजन की पृष्ठभूमि और कारणों का वर्णन कीजिए।
1947 में भारत की स्वतंत्रता के साथ ही देश का विभाजन हुआ और भारत तथा पाकिस्तान दो स्वतंत्र राष्ट्र बने। विभाजन की पृष्ठभूमि में ब्रिटिश सरकार की फूट डालो और राज करो की नीति प्रमुख थी, जिसने हिंदू–मुस्लिम संबंधों में अविश्वास पैदा किया। बीसवीं शताब्दी में साम्प्रदायिक राजनीति के उदय के साथ मुस्लिम लीग ने मुसलमानों के लिए अलग राष्ट्र की माँग की। द्विराष्ट्र सिद्धांत के अनुसार हिंदू और मुसलमान दो अलग-अलग राष्ट्र माने गए। ब्रिटिश सरकार की जल्दबाज़ी और सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया की जल्दबाज़ी ने विभाजन को अनिवार्य बना दिया।
प्रश्न 2. विभाजन की प्रक्रिया का वर्णन कीजिए।
भारत के विभाजन की प्रक्रिया माउंटबेटन योजना (1947) के अंतर्गत पूरी की गई। इस योजना के अनुसार भारत और पाकिस्तान दो अलग देशों के रूप में अस्तित्व में आए। भारत और पाकिस्तान की सीमाएँ निर्धारित करने का कार्य रेडक्लिफ आयोग को सौंपा गया। रेडक्लिफ रेखा का निर्धारण बहुत कम समय में किया गया, जिसके कारण लोगों को पलायन और पुनर्वास की तैयारी का अवसर नहीं मिला। इस जल्दबाज़ी ने हिंसा और अव्यवस्था को और बढ़ा दिया।
प्रश्न 3. विभाजन के समय हुई हिंसा और उसके प्रभावों का वर्णन कीजिए।
विभाजन के समय व्यापक साम्प्रदायिक हिंसा हुई। गाँव के गाँव उजड़ गए और लाखों लोग मारे गए। रेल गाड़ियाँ लाशों से भरी हुई पाई गईं और शहरों तथा गाँवों में भय और अराजकता का वातावरण फैल गया। इस हिंसा ने समाज की सामाजिक और नैतिक संरचना को गहरा आघात पहुँचाया। यह आधुनिक इतिहास की सबसे बड़ी मानवीय त्रासदियों में से एक थी।
प्रश्न 4. विभाजन के परिणामस्वरूप हुए विस्थापन और पलायन का वर्णन कीजिए।
विभाजन के समय लगभग डेढ़ करोड़ लोग अपने घर-बार छोड़ने को मजबूर हुए। हिंदू और सिख पाकिस्तान से भारत आए, जबकि मुसलमान भारत से पाकिस्तान चले गए। लोगों को अपनी भूमि, मकान, व्यवसाय और रिश्तों को पीछे छोड़ना पड़ा। इस बड़े पैमाने पर हुए विस्थापन ने पुनर्वास की गंभीर समस्या उत्पन्न की, जिससे दोनों देशों को लंबे समय तक जूझना पड़ा।
प्रश्न 5. विभाजन के समय महिलाओं की स्थिति का वर्णन कीजिए।
विभाजन के समय महिलाओं को सबसे अधिक कष्ट झेलना पड़ा। उनके साथ अपहरण, बलात्कार, जबरन विवाह और धर्म परिवर्तन जैसी घटनाएँ हुईं। महिलाएँ साम्प्रदायिक हिंसा का आसान शिकार बनीं। बाद में भारत और पाकिस्तान की सरकारों ने अपहृत महिलाओं की पुनर्प्राप्ति के लिए विशेष अभियान चलाए, लेकिन अनेक महिलाएँ जीवन भर उस पीड़ा को नहीं भूल सकीं।
प्रश्न 6. विभाजन को समझने में स्मृतियों और मौखिक इतिहास का क्या महत्व है?
विभाजन का इतिहास केवल सरकारी दस्तावेज़ों और आँकड़ों तक सीमित नहीं है। लोगों की व्यक्तिगत यादें, आत्मकथाएँ, साक्षात्कार और लोक कथाएँ विभाजन की वास्तविक पीड़ा और अनुभवों को उजागर करती हैं। मौखिक इतिहास के माध्यम से हम आम लोगों के दृष्टिकोण, दर्द और संघर्ष को समझ सकते हैं। इसलिए विभाजन को समझने में स्मृति और अनुभवों का विशेष महत्व है।
प्रश्न 7. विभाजन के दीर्घकालीन प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।
विभाजन के दीर्घकालीन प्रभाव भारत और पाकिस्तान दोनों पर पड़े। दोनों देशों के बीच स्थायी तनाव की स्थिति बनी रही। कश्मीर समस्या का उदय हुआ और साम्प्रदायिक राजनीति की निरंतरता बनी रही। विस्थापितों के पुनर्वास और सामाजिक समायोजन में वर्षों लगे। विभाजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि राजनीतिक निर्णयों के मानवीय परिणाम कितने गहरे और दूरगामी हो सकते हैं।