Chapter 2. स्वतंत्रता परिचय Class 11 Political Science-II CBSE notes in hindi प्रतिबंधों कि आवश्यकता - CBSE Study
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CBSE NOTES:
Class 11 English Medium Political Science-II All Chapters:
2. स्वतंत्रता परिचय
2. प्रतिबंधों कि आवश्यकता
अध्याय 2. स्वतंत्रता
राष्ट्रिय स्वतंत्रता के लिए लड़ने वाले दो नेताओं का नाम :
(i) महात्मा गाँधी (भारत)
(ii) नेल्सन मंडेला (दक्षिण अफ्रीका)
प्रतिबंधों कि आवश्यकता :
(i) समाज के प्रत्येक व्यक्ति के व्यक्तिगत विकास के लिए |
(ii) मनमानी को रोकने के लिए |
(iii) समाज में अराजकता को रोकने एवं कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए |
स्वतंत्रता के चार संरक्षक :
(i) प्रजातंत्र की स्थापना : प्रजातंत्र कि स्थापना से राज्य में नागरिकों की स्वतंत्रता सुनिश्चित होती है | स्वतंत्रता की स्थापना के लिए लोकतंत्र का होना बहुत ही आवश्यक है | प्रजातंत्र में शक्ति का स्रोत जनता होती है और शासन जनमत के आधार पर चलाया जाता है | स्वतंत्रता को छिनने वाली सरकार को प्रजातंत्र में आसानी से चुनाव द्वारा हटाया जा सकता है |
(ii) मौलिक अधिकारों की घोषणा : स्वतंत्रता की सुरक्षा तभी सुनिश्चित की जा सकती है जब नागरिकों के अधिकारों एवं स्वतंत्रता की घोषणा संविधान के मौलिक अधिकार में ही कर दी जाये | संविधान में लिखे अधिकारों और स्वतंत्रता को कोई भी सरकार आसानी से उल्लंघन नहीं कर सकती है |
(iii) शक्तियों का विकेंद्रीकरण : स्वतंत्रता की सुरक्षा के लिए शक्तियों का विकेंद्रीकरण बहुत ही जरुरी है | शक्तियों के केन्द्रीकरण से राज्य में निरंकुशता को बढ़ावा मिलता है | जिससे भ्रष्टाचार बढ़ता है और नागरिक उत्पीडित होते है |
(iv) स्वतंत्र न्यायपालिका : नागरिकों की स्वतंत्रता की रक्षा संविधान के बाद यदि कोई करता है तो वो है न्यायपालिका | इसके लिए आवश्यक है कि न्यायपालिका स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रूप से न्याय कर सके | न्यायपालिका ही नागरिक अधिकारों एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा करती हैं |
उदारवादियों के अनुसार स्वतंत्रता : उदारवादियों के अनुसार स्वतंत्रता का अभिप्राय यह है, कि मनुष्य के जीवन पर किसी स्वेच्छाचारी सत्ता का नियंत्रण नहीं हो और उसे अपने विवेक के अनुसार आचरण करने की स्वतंत्रता हो | उनका मानना है कि राज्य का कार्यक्षेत्र बढ़ने से व्यक्ति की स्वतंत्रता सीमित होती है |