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Chapter 3. आँकड़ों का व्यवस्थितिकरण Class 11 Economics CBSE notes in hindi चर की अवधारणा - CBSE Study

Chapter 3. आँकड़ों का व्यवस्थितिकरण Economics Class 11 cbse notes चर की अवधारणा in hindi, all chapters and exercises are covered the ncert latest syllabus 2026 - 27.

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Chapter 3. आँकड़ों का व्यवस्थितिकरण Class 11 Economics CBSE notes in hindi चर की अवधारणा - CBSE Study

कक्षा 11 Economics के लिए NCERT समाधान नवीनतम CBSE पाठ्यक्रम और NCERT पाठ्यपुस्तकों के अनुसार सावधानीपूर्वक तैयार किए गए हैं, ताकि विद्यार्थी प्रत्येक अवधारणा को स्पष्ट रूप से समझ सकें। इन समाधानों में सभी महत्वपूर्ण 3. आँकड़ों का व्यवस्थितिकरण को विस्तृत व्याख्या और चरण-दर-चरण उत्तरों सहित शामिल किया गया है, जिससे परीक्षा की बेहतर तैयारी हो सके। प्रत्येक चर की अवधारणा को सरल भाषा में समझाया गया है, ताकि विद्यार्थी मूलभूत सिद्धांतों को आसानी से समझकर अपनी शैक्षणिक उपलब्धि में सुधार कर सकें। यह अध्ययन सामग्री दैनिक गृहकार्य, पुनरावृत्ति अभ्यास तथा वार्षिक परीक्षा की तैयारी के लिए विशेष रूप से उपयोगी है। सटीक उत्तर, स्पष्ट अवधारणाएँ और व्यवस्थित सामग्री विद्यार्थियों को आत्मविश्वास बढ़ाने तथा परीक्षाओं में अधिक अंक प्राप्त करने में सहायता करती है। चाहे आप किसी विशेष विषय का पुनरावृत्ति कर रहे हों या पूरे अध्याय की तैयारी कर रहे हों, यह संसाधन Economics में पूर्ण सफलता के लिए विश्वसनीय और पाठ्यक्रम-आधारित मार्गदर्शन प्रदान करता है।

Class 11 English Medium Economics All Chapters:

3. आँकड़ों का व्यवस्थितिकरण

1. चर की अवधारणा

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आँकड़ों का व्यवस्थीकरण तभी संभव है जब उन्हें उनके विशेषताओं के आधार पर वर्गीकृत किया जाये | 

आँकड़ों का वर्गीकरण : वह प्रक्रिया जिसके द्वारा आँकड़ों को उनकी समानता और असमानता के आधार पर विभिन्न वर्गों में विभाजन किया जाता है, वर्गीकरण कहलाता है | 

वर्गीकरण के उदेश्य : 

(i)  आँकड़ों को सरल एवं संक्षिप्त बनाना |

(ii) आँकड़ों की समरूपता को प्रकट करके उनकी उपयोगिता को बढ़ाना | 

(iii) आँकड़ों को विभेदकारी बनाना ताकि उनके विशिष्ट अंतर को समझा जा सके | 

(iv) आँकड़ों को तुलना योग्य या अनुमान योग्य बनाना |

(v)  वैज्ञानिक आधार प्रदान करना ताकि उनकी विश्वसनीयता बढे |

(vi)  आकर्षक और प्रभावशाली बनाना | 

आँकड़ों का वर्गीकरण का आधार :

(i) भौगोलिक आधार पर 

(ii) समयानुसार वर्गीकरण

(iii) गुणात्मक वर्गीकरण 

      (a) साधारण वर्गीकरण 

      (b) बहुगुणी वर्गीकरण 

(iv) मात्रात्मक या संख्यात्मक वर्गीकरण 

 

चर की अवधारणा -

किसी तथ्य की वह विशेषता या प्रक्रिया जिसे संख्याओं के रूप में मापा जा सकता है | चर कहलाती है | 

चर दो प्रकार के होते है |

(i) विविक्त या खंडित चर: इनके मान पूर्णांक में होते है, भिन्नात्मक नहीं होते है | 

क्रिकेट देखने वालों की उम्र (वर्ष में ) : 23, 24, 30, 32, 38, 40. ...... इत्यादि | 

(ii) अखंडित चर : इनका मान भिन्नात्मक होते है | 

जैसे : ग्यारहवी के 10 विद्याथियों की लम्बाई : 5'1", 5'2", 4'8", 4'9", 5'3", 5'5"...... इत्यादि | 

 

शुद्ध आँकडे : वे आँकडे जिन्हें एक अनुसंधान कर्ता अपने अनुसंधान के दौरान संकलित करता है, जो अव्यवस्थित रूप में होते है, शुद्ध आंकड़े कहलाते है | 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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