Chapter 10. परिक्षेपण के माप Class 11 Economics CBSE notes in hindi परिक्षेपण ज्ञात करने की विधियाँ - CBSE Study
कक्षा 11 Economics के लिए NCERT समाधान नवीनतम CBSE पाठ्यक्रम और NCERT पाठ्यपुस्तकों के अनुसार सावधानीपूर्वक तैयार किए गए हैं, ताकि विद्यार्थी प्रत्येक अवधारणा को स्पष्ट रूप से समझ सकें। इन समाधानों में सभी महत्वपूर्ण 10. परिक्षेपण के माप को विस्तृत व्याख्या और चरण-दर-चरण उत्तरों सहित शामिल किया गया है, जिससे परीक्षा की बेहतर तैयारी हो सके। प्रत्येक परिक्षेपण ज्ञात करने की विधियाँ को सरल भाषा में समझाया गया है, ताकि विद्यार्थी मूलभूत सिद्धांतों को आसानी से समझकर अपनी शैक्षणिक उपलब्धि में सुधार कर सकें। यह अध्ययन सामग्री दैनिक गृहकार्य, पुनरावृत्ति अभ्यास तथा वार्षिक परीक्षा की तैयारी के लिए विशेष रूप से उपयोगी है। सटीक उत्तर, स्पष्ट अवधारणाएँ और व्यवस्थित सामग्री विद्यार्थियों को आत्मविश्वास बढ़ाने तथा परीक्षाओं में अधिक अंक प्राप्त करने में सहायता करती है। चाहे आप किसी विशेष विषय का पुनरावृत्ति कर रहे हों या पूरे अध्याय की तैयारी कर रहे हों, यह संसाधन Economics में पूर्ण सफलता के लिए विश्वसनीय और पाठ्यक्रम-आधारित मार्गदर्शन प्रदान करता है।
CBSE NOTES:
Class 11 English Medium Economics All Chapters:
10. परिक्षेपण के माप
2. परिक्षेपण ज्ञात करने की विधियाँ
परिक्षेपण के माप ज्ञात करना
परिक्षेपण के निरपेक्ष माप ज्ञात करने की विधियां निम्न है |
(i) परास या विस्तार (Range)
(ii) चतुर्थक विचलन (Quartile Deviation)
(iii) अंतर-चतुर्थक विस्तार(Inter-Quartile Range)
(iv) माध्य-विचलन (Mean Deviation)
(v) मानक या प्रमाप विचलन (Standerd Deviation)
(vi) लॉरेन्ज वक्र (Lorenz Curve)
परिक्षेपण के सापेक्ष माप ज्ञात करने की विधियाँ निम्न है |
(i) परास या विस्तार गुणांक (Coefficient of Range)
(ii) चतुर्थक विचलन गुणांक (Coefficient of Quartile Deviation)
(iii) माध्य विचलन गुणांक (Coefficient of Mean Deviation)
(iv) मानक या प्रमाप विचलन गुणांक (Coefficient of Standerd Deviation)
परास या विस्तार (Range): किसी श्रृंखला के अधिकतम मूल्य (Highest Value) तथा न्यूनतम मूल्य (Lowest Value) के अंतर को परास या विस्तार (range) कहा जाता है | इसे निम्न सूत्र द्वरा निकाला जाता है |
परास (Range) = H - L
{जहाँ H = मदों की अधिकतम मूल्य (Highest Value) तथा L मदों की न्यूनतम मूल्य (Lowest Value) }
परास या विस्तार गुणांक (Coefficient of Range):
परास या विस्तार गुणांक किसी श्रेणी के मदों की अधिकतम मूल्य (Highest Value) तथा न्यूनतम मूल्य (Lowest Value) के अंतर तथा इनके योग का अनुपात परास गुणांक (Coefficient of Range) कहलाता है |
इसकों ज्ञात करने के लिए निम्न सूत्र प्रयोग किये जाते है |
परास गुणांक (CR) = H - L /H + L
विभिन्न श्रृंखलाओं के लिए परास या विस्तार ज्ञात करना
Finding Range for Various Series.
1. व्यक्तिगत श्रृंखला (Individual Series) में
परास (Range) तथा परास गुणांक (CR):
व्यक्तिगत श्रृंखला में श्रृंखला के मदों (items) की अधिकतम मूल्य (H) तथा उन्ही मदों की न्यूनतम मूल्य (L) का अंतर परास (Range) कहलाता है |
Example:
11 वीं कक्षा के कुछ छात्रों का प्रतिदिन का जेब खर्च निम्नलिखित है | इनके जेब खर्च का परास (range) तथा परास गुणांक (CR) ज्ञात कीजिए |
20, 25, 30, 35, 40, 50, 60, 70 , 75, 80, 90, 100
व्यक्तिगत श्रृंखला के इस श्रेणी के मदों का अधिकतम मूल्य (H) = 100 है, तथा न्यूनतम मूल्य (L) = 20 है |
हल:
H = 100
L = 20
इसलिए, परास (R) = H - L
= 100 - 20
= 80
अत: जेब खर्च का परास 80 है |
परास गुणांक (CR) = H - L / H + L
= 100 - 20 / 100 + 20
= 80 / 120
= 0.67
2. विविक्त श्रृंखला या खंडित श्रृंखला (Discrete Series) या आवृति विन्यास श्रृंखला में
इसमें भी मदों की अधिकतम मूल्य (H) तथा न्यूनतम मूल्य (L) के अंतर द्वारा ही परास (Range) ज्ञात किया जाता है | परन्तु इसकी गणना में आवृतियों (Frequency) का कोई लेना-देना नहीं है |
उदाहरण देखिए :
निम्नलिखित आँकड़ों से परास (range) तथा परास गुणांक (Coefficent of range) ज्ञात कीजिए |
| अंक (Marks) | 6 | 7 | 8 | 10 | 12 | 14 | 15 |
| विद्यार्थियों की संख्या (f) | 12 | 6 | 10 | 8 | 5 | 3 | 6 |
इस प्रश्न को हल करते समय हमें विद्यार्थियों की संख्या (Number of Student) जो की आवृति (frequency) है हल से कोई लेना देना नहीं है | हमें सिर्फ अंक (Marks) के अधिकतम मूल्य (H) तथा न्यूनतम मूल्य (L) को ही लेना है |
हल:
H = 15, L = 6
परास (Range) = H - L
= 15 - 6
= 9
अत: R = 9
परास गुणांक (CR) = H - L / H + L
= 15 - 6 / 15 + 6
= 9 / 21
= 0.428
अत: CR = 0.43 (निकटतम मान रखने पर )